डरा रहा डेंगू: वाराणसी में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी लगातार जारी, अब तक संक्रमितों की संख्या 135 के पार
वाराणसी में डेंगू का प्रकोप कितना अधिक है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हर दिन मंडलीय अस्पताल, शास्त्री अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल में पर्चा काउंटर और पैथालॉजी लैब में जांच कराने वालों की भीड़ उमड़ रही है।
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वाराणसी में डेंगू का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। संदिग्ध मरीजों के साथ ही अब पुष्ट रोगियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इसके अलावा घरों में डेंगू का लार्वा भी मिलते जा रहे हैं। पिछले चार दिन में जहां पांच नए मरीज मिले, वहीं शहरी और ग्रामीण इलाकों में 12 घरों में डेंगू का लार्वा मिलने पर नोटिस जारी की गई।
इसमें मंगलवार को बिरदोपुर निवासी चार साल के बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद कुल मरीजों की संख्या 135 हो गई हैं। डेंगू का प्रकोप कितना अधिक है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हर दिन मंडलीय अस्पताल, शास्त्री अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल में पर्चा काउंटर और पैथालॉजी लैब में जांच कराने वालों की भीड़ उमड़ रही है।
जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय ने बताया कि मंगलवार को 2177 घरों में अभियान चलाया गया, जिसमें दो जगहों पर डेंगू का लार्वा मिला। इसके अलावा 93 जगहों पर फागिंग कराई गई।
सतर्कता बरतने की सलाह
अगर डेंगू से होने वाली मौतों की बात करें तो सरकारी आंकड़ों के हिसाब से सिर्फ दो मौत हुई है। जबकि हकीकत में अब तक पांच लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। पिछले साल केवल चार मरीज मिले थे। जबकि इस साल जुलाई से सितंबर तक तीन महीने में ही 134 मरीज मिल चुके हैं। इधर, जिले में डेंगू के मुकाबले मलेरिया के मरीजों का ग्राफ थोड़ा कम है, लेकिन जिस तरह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है, उसे देख चिकित्सक सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
केंद्रों पर 32247 लोगों को लगा कोविड का टीका
वाराणसी में शहरी और ग्रामीण इलाकों में मंगलवार को 32247 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया। इसमें सबसे अधिक 23032 को पहली और 9215 को दूसरी डोज लगाई गई। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि कुल टीकाकरण में 18 से 44 वर्ष के 30141 और 45 वर्ष से ऊपर के 2106 को टीका लगाया गया। महिला स्पेशल एक केंद्र पर 174 और अंतरराष्ट्रीय स्पेशल केंद्र पर 12 लोगों ने टीका लगवाया। बुधवार को 95 केंद्रों पर टीकाकरण किया जाएगा।