फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Defamed via fake accounts in Varanasi 44 women saw their relationships fall apart and four committed suicide

रिश्ते तबाह करने का ऑनलाइन खेल: फर्जी अकाउंट से बदनाम किया, 44 महिलाओं के टूटे रिश्ते, चार ने कर ली आत्महत्या

Wed, 09 Sep 2026 10:26 AM IST
Pragati Chand रवि प्रकाश सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी।
रवि प्रकाश सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Wed, 09 Sep 2026 10:26 AM IST
सार

वाराणसी में फर्जी अकाउंट के जरिये कई रिश्ते तबाह हुए। 102 मामलों की जांच में फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट का खुलासा हुआ। बदनामी से परेशान चार महिलाओं ने खुदकुशी कर ली। वहीं 44 से ज्यादा रिश्ते टूट गए। 

विज्ञापन
Defamed via fake accounts in Varanasi 44 women saw their relationships fall apart and four committed suicide
फर्जी अकाउंट से रिश्ते तबाह - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पुलिस और साइबर सेल की जांच में 102 में फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल कर युवतियों को बदनाम करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने महिलाओं के आपत्तिजनक फोटो-वीडियो और पोस्ट उनके दोस्तों, परिचितों और रिश्तेदारों तक पहुंचाए। नतीजा रहा कि 44 से ज्यादा महिलाओं के रिश्ते टूट गए। 

विज्ञापन


आरोप है कि ब्लैकमेलिंग से तंग तीन युवतियों समेत चार ने आत्महत्या की। दो साल में महिला अपराध से जुड़े 122 मामलों की जांच में सामने आए। आरोपियों ने महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो और पोस्ट दोस्तों, परिचितों और जानने वालों तक भेजे। पुलिस से बचने के लिए ज्यादातर पोस्ट दूसरे शहरों में रहकर किए गए। 
विज्ञापन


पुलिस ने जब जांच की तो सच्चाई सामने आई। ज्यादातर पोस्ट परिचित, जानने वाले और प्रेम प्रसंग से जुड़े रहे। आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से फर्जी अकाउंट बनाना सीखा, पुलिस से बचने के उपाय भी सर्च किए और नंबर भी बदले। इस मामले में केवल पुरुष ही नहीं बल्कि 13 युवतियों ने भी फर्जी अकाउंट बनाकर ब्लैकमेल किया।  

विज्ञापन
विज्ञापन

बदला और प्रेम प्रसंग का एंगल में शादी तक रुकवाई
पुरुष ही नहीं फर्जी अकाउंट से रिश्तों को तोड़ने या शादी रुकवाने के 11 मामले सामने आए। युवतियों ने निजी अकाउंट का भी उपयोग किया। जैतपुरा, मंडुवाडीह, लंका, कैंट, पांडेयपुर और सारनाथ, बड़ागांव में मामले सामने आए। कुछ महीने पहले ही मुंबई की लड़की ने मंडुवाडीह में शादी रुकवा दी थी। जैतपुरा निवासी प्रेमी का किसी और से चक्कर के शक में युवती ने फर्जी अकाउंट बनाकर प्रयागराज में एक लड़की को ब्लैकमेल किया। इस मामले में प्रयागराज पुलिस ने जांच की। युवती ने माफी मांगी तब जाकर मामला शांत हुआ। सारनाथ में इंस्टाग्राम पर इश्क के बाद इन्कार करने पर युवती वाराणसी पहुंची और आरोपी को जेल भिजवाया।

इसे भी पढ़ें; काशी की लगातार गिर रही रैंकिंग: 40 करोड़ के इंतजाम, फिर भी हवा नहीं हुई साफ, वाराणसी 31 पायदान फिसला

छह महीने में मामले

  • चौबेपुर में बीए छात्रा पर युवक शादी का दबाव बनाया। इन्कार करने पर फर्जी फेसबुक आईडी से फोटो-वीडियो वायरल किए।
  • चोलापुर में युवती ने आरोप लगाया कि विवाह तय होने के बाद आरोपी ने निजी फोटो-वीडियो इंस्टाग्राम आईडी से वायरल कर शादी तुड़वा दी।
  • लालपुर-पांडेयपुर में दंपती की अश्लील फोटो-वीडियो इंस्टाग्राम पर प्रसारित कर रिश्तों में दरार डाली। सामाजिक प्रतिष्ठा खराब की।
  • सेवापुर में फर्जी ईमेल आईडी बनाकर महिला को बदनाम करने और आपत्तिजनक पोस्ट किया। रिश्ता टूट गया।
  • चितईपर में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अश्लील चैटिंग कर बदनाम करने, फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी से आहत युवती ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
  • लंका थाने में प्रतिष्ठित कॉलेज के छात्र की मंगेतर को आपत्तिजनक फोटो वीडियो बनाकर भेजा गया, रिश्ता टूट गया। बाद में प्राथमिकी दर्ज हुई।
  • कैंट थाने में किशोरी का फर्जी अकाउंट से एआई वीडियो बनाकर वायरल किया गया। आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज हुई।

केस-1
मिर्जामुराद थाना अंतर्गत ब्लैकमेलिंग से तंग आकर जान दे दी। युवती की शादी तय थी। आरोपी ने युवती के मंगेतर को निजी फोटो और वीडियो भेजा था। इस बात से आहत उसने विषाक्त का सेवन कर जान दे दी।
केस-2
सिंधौरा में शादीशुदा महिला से जुड़ा मामला सामने आया। जांच में सामने आया कि उसका वीडियो और फोटो सोशल साइट पर वायरल करने की धमकी दी गई, ब्लैकमेलिंग से आहत उसने विषाक्त का सेवन कर जान दे दी।
केस-3
शिवपुर में युवक ने जान दे दी थी। उसकी शादी तय थी। आरोप है कि युवती ने उसकी मंगेतर को निजी वीडियो और फोटो भेजकर रिश्ता तुड़वा दिया था।

पुलिस और साइबर टीम ने इस तरह से की जांच
फर्जी नाम से बनाए गए सोशल मीडिया अकाउंट के लॉगिन और गतिविधियों से जुड़े आईपी लॉग कानूनी प्रक्रिया के तहत हासिल किए गए। इससे इंटरनेट सेवा प्रदाता और कनेक्शन की जानकारी जुटाई गई। कानूनी नोटिस के जरिये अकाउंट से जुड़े उपलब्ध फोन नंबर, ई-मेल, लॉगिन हिस्ट्री और अन्य तकनीकी जानकारी मांगी गई। मोबाइल नंबर मिलने पर पुलिस ने सीडीआर और सीएफ का विश्लेषण किया। सिम किसके नाम पर है और किन नंबरों से संपर्क रहा, इसकी जानकारी जुटाई गई।

अधिकारी बोले
डिजिटल फॉरेंसिक जांच में डिवाइस से जुड़े तकनीकी संकेतों का मिलान किया गया। इससे अलग-अलग नामों से संचालित अकाउंट के पीछे एक ही डिवाइस के इस्तेमाल का सुराग मिला। -नृपेंद्र कुमार, एडीसीपी साइबर क्राइम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed