बुजुर्ग की मौत का मामला : ठेकेदार की गिरफ्तारी के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिया धरना, कार्रवाई की मांग
Varanasi News: रामनगर थाना क्षेत्र में हुए हादसे में वृद्ध की मौत के बाद लोगों में आक्रोश भी व्याप्त है। शुक्रवार को एक टीम मामले की जांच करने पहुंची थी। शनिवार को राजनैतिक दलों के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया।
विस्तार
गंगा किनारे बलुआ घाट पर बारादरी की छत गिरने से चंदौली के परोरवा गांव निवासी मेवालाल उर्फ बाबाजी (60) की मौत को लेकर रामनगर के लोगों में रोष व्याप्त है। शनिवार की शाम सामाजिक कार्यकर्ता श्रीनारायण द्विवेदी उर्फ डंडा गुरु अपने सहयोगियों के साथ बलुआ घाट पहुंचे। वह मेवालाल के परिजनों को न्याय दिलाने और निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार ओम प्रकाश पांडेय की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
श्रीनारायण द्विवेदी ने कहा कि बलुआ घाट पर बीते बृहस्पतिवार को हुए हादसे में बुजुर्ग की मौत को लेकर संबंधित विभाग के कर्मचारी व अधिकारी भी उतने ही दोषी हैं, जितना ठेकेदार है। जब काम हो रहा था तब भी घटिया निर्माण की शिकायत की गई थी। गुणवत्तापूर्ण काम किया गया होता तो शायद यह घटना नहीं होती। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक धरना चलता रहेगा। धरने में कृपाशंकर यादव, धनंजय साहनी, राकेश गुप्ता, जितेंद्र यादव, अशोक साहनी, दिनेश साहनी उपस्थित रहे।
पूर्व सपा सांसद ने पीड़ित परिजनों को बंधाया ढाढ़स
चंदौली के पूर्व सपा सांसद रामकिशुन यादव ने मेवालाल के घर जाकर उनकी पत्नी लक्ष्मीना और बेटे दशमी और राजन को ढाढ़स बंधाया। आश्वासन दिया कि परिवार को सरकारी नियमानुसार सभी तरह की मदद दिलाई जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी से लेकर शासन स्तर तक पत्राचार किया जाएगा।
इसके बाद वह बलुआ घाट पहुंचे। फिर धरने पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता श्रीनारायण द्विवेदी का समर्थन किया। पूर्व सांसद ने कहा कि कमीशनखोरी के कारण बारादरी की छत जानलेवा साबित हुई। इस दौरान कृपा शंकर यादव, धनंजय साहनी, जितेंद्र यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
गंगा में आई बाढ़ ने प्रभावित की जांच
बलुआ घाट पर लगभग 10 करोड़ की लागत से सुंदरीकरण का काम किया जा रहा है। बलुआ घाट स्थित बारादरी की छत ढहने से बीते बृहस्पतिवार को बुजुर्ग मजदूर मेवालाल की मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कार्पाेरेशन लिमिटेड के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण। वहीं, जिलाधिकारी एस राजलिंगम के निर्देश पर एडीएम सिटी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम जांच कर रही है।
शुक्रवार को जांच टीम मौके पर पहुंचकर फोटोग्राफी व टूटे पत्थर का सैंपल एकत्रित की थी। आगे की जांच के लिए बारादरी की छत के मलबे को लाल रस्सी से घेर दिया गया था। हालांकि गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण बारादरी का चबूतरा डूब गया है। इस वजह से जांच के लिए अब आगे कुछ भी साक्ष्य मिल पाना मुश्किल है।