वाराणसी: डीसीपी काशी जोन ने दिखाई तत्परता, 18 माह के बच्चे को मां से मिलाया
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पति और पत्नी के बीच दहेज उत्पीड़न मुकदमे में मां से दूर 18 माह के बच्चे को डीसीपी काशी की तत्परता से रविवार को उसके मां से मिलाया गया। डीसीपी काशी ने बच्चे को मां की सुपुर्दगी में दिया। इस दौरान बच्चे को पाकर मां मोनिका की आंखें खुशी से भर आई।
दरअसल, कोतवाली थाना अंतर्गत गोलघर में रहने वाली मोनिका की शादी भदोही जिले के औराई निवासी अमित यादव से हुई थी। शादी के बाद अमित परिवार समेत काठमांडू चला गया था। मोनिका का आरोप है कि काठमांडू ले जाने के बाद अमित सहित ससुराल पक्ष के लोग उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे।
मोनिका काठमांडू से किसी प्रकार अपने घर पहुंची और कोतवाली थाने में ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न सहित अपने 18 माह के नवजात बच्चे को जबरदस्ती रखने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया। इधर, मामले की जानकारी जब डीसीपी काशी जोन रामसेवक गौतम को हुई तो उन्होंने कोतवाली इंस्पेक्टर बृजेश सिंह को मामले की जांच के लिए लगाया।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मोनिका के पति सहित ससुराल पक्ष से बात कर उन्हें कोतवाली थाने बुलाया और मोनिका के नवजात बच्चे को सुपुर्द किया। इंस्पेक्टर कोतवाली बृजेश सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के बीच मामला कोर्ट में चल रहा है। फिलहाल बच्चे की परवरिश और उसकी देखभाल के लिए उसे मां को सुपुर्द कर दिया गया है।