{"_id":"5914c7784f1c1bb737853b0e","slug":"danger-of-infectious-diseases-in-46-of-the-city","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के 46 मोहल्लांे में संक्रामक रोगों का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के 46 मोहल्लांे में संक्रामक रोगों का खतरा
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 12 May 2017 01:50 AM IST
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शहरी क्षेत्र के 46 मोहल्ले और 239 मलिन बस्तियां संक्रामक रोगों की दृष्टि से संवेदनशील हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए कार्ययोजना बनाई है। बरसात से पहले इन इलाकों में साफ-सफाई, पेयजल आदि सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के लिए आठ रैपिड रिस्पांस टीम बनाई गई है। टीम में नगर निगम सहित स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ शामिल है। इसके अलावा जिले के पानी वाले 11650 कुओं की ग्राम प्रधानों की मदद से 30 जून तक सफाई करने के साथ उनमें दवा भी डाली जानी है।
मौसम विभाग ने इस बार झमाझम बारिश की संभावना जताई है। बरसात के समय संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा अधिक रहता है। बनारस में आदमपुर, कोनिया, जैतपुरा, नक्खीघाट, बजरडीहा, जोल्ला, अलईपुर आदि इलाकों में तो जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने की वजह से पानी जमा रहता है। संक्रामक रोग अस्पताल के खस्ताहाल होने की वजह से मरीजों का दबाव जिला, मंडलीय अस्पताल पर अधिक रहता है।
मौसम विभाग ने इस बार झमाझम बारिश की संभावना जताई है। बरसात के समय संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा अधिक रहता है। बनारस में आदमपुर, कोनिया, जैतपुरा, नक्खीघाट, बजरडीहा, जोल्ला, अलईपुर आदि इलाकों में तो जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने की वजह से पानी जमा रहता है। संक्रामक रोग अस्पताल के खस्ताहाल होने की वजह से मरीजों का दबाव जिला, मंडलीय अस्पताल पर अधिक रहता है।
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