कलयुग का दामाद: ससुर को पीटा, बचाने आए साले की गोली मारकर ली जान, फिर खुद का भी उड़ाया भेजा
वाराणसी के लोहता थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह सनसनीखेज घटना घटी। पारिवारिक विवाद में जीजा ने साले की गोली मार कर हत्या कर दी। गांव से करीब एक किमी दूर जाने के बाद जीजा ने खुद के सिर में गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
विस्तार
वाराणसी शहर से सटे बखरिया गांव में मंगलवार सुबह जमीन विवाद में कलयुगी दामाद दिनेश शर्मा उर्फ पिंटू (39) ने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। ससुर राजेश सिंह पर हमला बोल दिया। बीचबचाव करने साला गोपाल सिंह (36) पहुंचा तो लाइसेंसी रिपीटर गन से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी जीजा दिनेश शर्मा उर्फ पिंटू (39) ने लाइसेंसी रिपीटर गन को मुंह के निचले हिस्से में सटाकर खुद को गोली मार ली। इससे भेजा उड़ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि ससुर-दामाद के बीच जमीन बिक्री व उससे मिले पैसों के लेनदेन का विवाद है। जमीन की चाहत और पैसे की लालच ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस घटना की चर्चा बखारिया गांव में हर तरफ रही। लोगों ने कहा कि यदि राजेश सिंह अपने दामाद का पैसा दे दिए होते तो आज यह दिन उन्हें नहीं देखना पड़ता। दामाद के साथ बेटे से भी हाथ धो बैठे।
गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा गांव
मंगलवार की सुबह लगभग आठ बजे ससुर राजेश सिंह गाय को चारा डाल रहे थे। इसी बीच मिर्जापुर के कछवा थाना क्षेत्र के प्रेमापुर गांव निवासी दामाद दिनेश शर्मा बाइक से आया और गालीगलौज करते हुए ससुर पर हाथ छोड़ दिया। यह देखते ही राजेश सिंह का बेटा गोपाल सिंह (36) घर के अंदर से बाहर आया और बीच बचाव करने लगा। इससे नाराज दिनेश शर्मा ने अपनी लाइसेंसी रिपीटर गन से हवाई फायरिंग की, फिर ताबड़तोड़ तीन गोलियां गोपाल सिंह को लक्ष्य साधते हुए चलाई। सिर, पेट और सीने में गोली लगते ही गोपाल लहूलुहान होकर अचेत हो गया।
साले गोपाल को जमीन पर गिरता देख दिनेश ने अपनी बाइक उठाई और भाग निकला। घटनास्थल से लगभग एक किमी दूर बनकट गांव के पास रेलवे लाइन किनारे दिनेश ने बाइक खड़ी की और मोबाइल पर किसी से बातचीत की। इसके बाद दोनों पैर के बीच में रिपीटर गन फंसाई और मुंह के निचले हिस्से में सटाकर गोली मार ली। गोली दाढ़ी के रास्ते भेजा उड़ाते हुए सिर के पार हो गई। वहीं, रास्ते से गुजर रहे एक राहगीर ने यह देखा तो डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो मालूम चला कि बखारिया में भी गोली चली है।
उधर, लहूलुहान साले गोपाल को बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मौके पर डीसीपी अमित कुमार फोर्स और फॉरेंसिक टीम के संग पहुंचे और घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली। पुलिस ने बाइक व लाइसेंसी रिपीटर गन को कब्जे में लिया, फिर दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मौके से 17 कारतूस भी बरामद किए हैं।
दो परिवार में छाया मातम
कछवा निवासी दिनेश तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। वह खेती किसानी करता था। पत्नी संजू सिंह और एक बेटा हरिओम 22 वर्ष का है। वहीं, साले गोपाल सिंह की पत्नी प्रिया सिंह और एक पुत्र अनंत सिंह 12 वर्ष, नौ वर्ष की एक पुत्री अनन्या है। गोपाल सिंह प्रापर्टी और किराये पर दुकान चलवाता था। इस घटना के बाद दोनों के परिवारों में कोहराम मचा है। पति का शव देखते ही संजू और प्रिया बेसुध हो गईं। पोस्टमार्टम के बाद दोनों का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
एक दिन पहले ही थाने से छुड़वाई थी लाइसेंसी गन
दिनेश शर्मा को शस्त्र रखने का बड़ा शौक था। हाल के दिनों में वह मुढै़ला स्थित किराये के मकान में रहता था। नगर निगम चुनाव के दौरान उसकी लाइसेंसी रिपीटर गन मंडुवाडीह थाने में जमा कराई गई थी। गत सोमवार को ही थाने से उसने थाने से रिपीटर गन ली थी। किसी को यह नहीं पता था कि अगले दिन यानी मंगलवार को ही साले की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को मौत के घाट उतार देगा।