फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   customer will get GST benefits from diwali in 2017

GST: दीपावली तक उपभोक्ताओं को मिलने लगेगा राहत का लाभ, ये चीजें हो सकती हैं सस्ती

Mon, 09 Oct 2017 07:03 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Mon, 09 Oct 2017 07:03 PM IST
विज्ञापन
customer will get GST benefits from diwali in 2017
मॉल
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में रियायत की केंद्र सरकार की घोषणा का लाभ दीपावली तक आम उपभोक्ताओं को मिलने लगेगा। खान-पान से लेकर बच्चों के पठन-पाठन की सामग्री पर लगने वाला टैक्स घटा दिया गया है।
विज्ञापन


त्योहारों के सीजन में जीएसटी में छूट से महिलाओं के लिए सजना संवरना सस्ता होने वाला है। यही नहीं, दीपावली पर कपड़ा खरीदने वालों को भी कम भुगतान करना होगा। रोटी, खाखरा, अनब्रांडेड नमकीन और सूखे आम को 12 फीसदी टैक्स स्लैब से निकालकर अब पांच फीसदी टैक्स में रखा गया है। 
विज्ञापन


फिलहाल बाजार में जीएसटी लागू होने के बाद निर्मित और पैक्ड सामग्री और वस्तुएं बाजार में उपलब्ध हैं। जैसे ही नई पैकिंग बाजार में आएगी, कारोबार में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। नई दरों से कुटीर उद्योग से जुड़े लोगों को भी फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि उनके द्वारा उत्पादित माल की खपत बढ़ जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

   
इनमें मिलेगी राहत  
- चाइल्ड पैकेज्ड फूड और स्टेशनरी के सामान पर अब तक 12 फीसदी टैक्स लिया जा रहा था। इसे घटाकर अब पांच फीसदी कर दिया गया है।
- मानव निर्मित धागे पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है। सिंथेटिक फिलामेंट यार्न पर भी टैक्स में कमी की गई है। 

- जरी के काम और आर्टिफिशियल ज्वेलरी पर जीएसटी 12 से पांच फीसदी कर दी गई है। इससे आर्टिफिशियल गहनों के दाम में गिरावट आएगी। 

- डीजल इंजन पुर्जों पर जीएसटी 28 से 18 फीसदी कर दी गई है। पंप पुर्जे के पुर्जे भी सस्ते होंगे। जिसका सीधा असर किसानों को मिलेगा। 
- जीएसटी लागू होने के बाद महंगी हुई आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं सस्ती हो जाएंगी। इन पर अब केवल पांच फीसदी टैक्स लगेगा। 

निर्यातकों का फंसा हुआ पैसा मिलेगा

customer will get GST benefits from diwali in 2017
gst
जीएसटी के बाद निर्यातकों का पैसा फंसा हुआ है। उनका कारोबार इससे प्रभावित है। सरकार ने दावा किया है कि 10 अक्तूबर से जुलाई का और 18 अक्तूबर से अगस्त का रिफंड प्रोसेस करके एक्सपोटर्स को चेक से भुगतान कर दिया जाएगा।

यही नहीं, वैश्विक मंदी के कारण परेशान निर्यातकों को जुलाई और अगस्त के दौरान किए गए टैक्स की वापसी 18 अक्तूबर तक होगी। चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि में वे मात्र 0.1 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान कर छूट वाली श्रेणी में रहेंगे। निर्यातक गौरव कपूर की मानें तो इसका सीधा लाभ भदोही के कालीन और वाराणसी के साड़ी कारोबारियों को मिलेगा।

छोटे कारोबरियों को हर महीने टैक्स फाइल करने से छूट 
जीएसटी काउंसिल ने छोटे और मझोले उद्यमों को टैक्स भुगतान और रिटर्न दाखिल करने के मामले में राहत दी है। सालाना 1.5 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियों को हर महीने के बजाय अब तिमाही रिटर्न भरना होगा।

डेढ़ करोड़ रुपये तक कारोबार करने वाली कंपनियां जीएसटी में पंजीकृत कुल टैक्स पेयर्स आधार का 90 प्रतिशत है लेकिन इनसे कुल कर का पांच से छह प्रतिशत टैक्स ही प्राप्त होता है। उद्यमी नीरज पारिख का कहना है कि इन उपायों से कारोबारियों के समय और धन, दोनों की बचत होगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed