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प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय जा रहे एक युवक ने क्यों की आत्मदाह की कोशिश, जाने कारण
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 03 Oct 2017 04:04 PM IST
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आत्मदाह की कोशिश करने वाला युवक
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के रवींद्रपुरी के समीप पद्मश्री चौराहे पर सोमवार की दोपहर आर्थिक आधारित समर्थित आरक्षण समाज के अध्यक्ष अविनाश आनंद ने जातिगत आरक्षण के विरोध में खुद पर पेट्रोल उड़ेल कर आत्मदाह की कोशिश की।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी अविनाश के दाएं हाथ में लगी आग बुझाते हुए उन्हें मंडलीय अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी।
अविनाश अपनी संस्था के लोगों के साथ आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय ज्ञापन देने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही पद्मश्री चौराहे पर रोक दिया था।
कहा, वहां जुलूस के साथ ज्ञापन लेकर जाने की मनाही है। इसके विरोध में सभी पद्मश्री चौराहे पर धरना देने लगे। करीब 11:05 बजे अविनाश का दायां हाथ जलने लगा तो पुलिसकर्मियों ने जुलूस में शामिल लोगों के हाथ से बैनर छीनकर आग बुझाई।
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इस संबंध में दुर्गा कुंड चौकी प्रभारी की तहरीर पर भेलूपुर थाने में अविनाश सहित पांच नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ आत्महत्या का प्रयास, लोकसेवक के आदेश की अवज्ञा सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
अविनाश सहित सात लोगों को भेलूपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। देर शाम सभी सात लोगों को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। मंडलीय अस्पताल में भर्ती अविनाश ने बताया कि आग उसने नहीं लगाई थी बल्कि किसी ने पीछे से जलती हुई कोई चीज उस पर फेंकी थी।
वह तो सिर्फ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपने जा रहा था। दूसरी ओर प्रभारी निरीक्षक भेलूपुर ने बताया कि अविनाश ने कुर्ते की जेब में दो-ढाई सौ एमएल की शीशी में पेट्रोल भर रखा था।
पेट्रोल अपने ऊपर उड़ेल कर उसने लाइटर से आग लगाई और फिर शीशी नीचे गिरा दी, जो मौके पर ही जल गई। आग की चपेट में आने से बचा लाइटर पुलिस के कब्जे में है।
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मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी अविनाश के दाएं हाथ में लगी आग बुझाते हुए उन्हें मंडलीय अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी।
अविनाश अपनी संस्था के लोगों के साथ आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय ज्ञापन देने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही पद्मश्री चौराहे पर रोक दिया था।
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कहा, वहां जुलूस के साथ ज्ञापन लेकर जाने की मनाही है। इसके विरोध में सभी पद्मश्री चौराहे पर धरना देने लगे। करीब 11:05 बजे अविनाश का दायां हाथ जलने लगा तो पुलिसकर्मियों ने जुलूस में शामिल लोगों के हाथ से बैनर छीनकर आग बुझाई।
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इस संबंध में दुर्गा कुंड चौकी प्रभारी की तहरीर पर भेलूपुर थाने में अविनाश सहित पांच नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ आत्महत्या का प्रयास, लोकसेवक के आदेश की अवज्ञा सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
अविनाश सहित सात लोगों को भेलूपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। देर शाम सभी सात लोगों को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। मंडलीय अस्पताल में भर्ती अविनाश ने बताया कि आग उसने नहीं लगाई थी बल्कि किसी ने पीछे से जलती हुई कोई चीज उस पर फेंकी थी।
वह तो सिर्फ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपने जा रहा था। दूसरी ओर प्रभारी निरीक्षक भेलूपुर ने बताया कि अविनाश ने कुर्ते की जेब में दो-ढाई सौ एमएल की शीशी में पेट्रोल भर रखा था।
पेट्रोल अपने ऊपर उड़ेल कर उसने लाइटर से आग लगाई और फिर शीशी नीचे गिरा दी, जो मौके पर ही जल गई। आग की चपेट में आने से बचा लाइटर पुलिस के कब्जे में है।
एलआईयू के दरोगा को इंस्पेक्टर ने फटकारा
बीएचयू बवाल के बाद किसी तरह शांत हुए माहौल के बीच सोमवार को प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय के समीप अविनाश की आत्मदाह की कोशिश की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
मामला सार्वजनिक होते ही नई दिल्ली स्थित पीएमओ और लखनऊ स्थित गृह विभाग के अधिकारियों ने भी जिला प्रशासन से घटना की जानकारी ली। इन दिनों जिले में त्योहारों के मद्देनजर धारा 144 लागू है।
ऐसे में किसी को भी जुलूस निकालने की इजाजत नहीं है। बावजूद इसके लंका से निकले जुलूस की जानकारी स्थानीय खुफिया इकाई को भी नहीं थी। इसे लेकर भेलूपुर इंस्पेक्टर ने मौके पर पहुंचे खुफिया इकाई के दरोगा को फटकार लगाई।
पीएम के संसदीय कार्यालय में एक महीने से ज्ञापन नहीं लिया जा रहा है, इसकी भी जानकारी खुफिया इकाई को नहीं थी। जब यह बात भेलूपुर इंस्पेक्टर को पता लगी तो उन्होंने एलआईयू के दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए आला अधिकारियों को पत्र भेजने की बात कही।
गौरतलब है कि बीएचयू बवाल मामले में खुफिया इकाइयां सूचनाएं एकत्रित रहने में विफल रहीं थीं।
मामला सार्वजनिक होते ही नई दिल्ली स्थित पीएमओ और लखनऊ स्थित गृह विभाग के अधिकारियों ने भी जिला प्रशासन से घटना की जानकारी ली। इन दिनों जिले में त्योहारों के मद्देनजर धारा 144 लागू है।
ऐसे में किसी को भी जुलूस निकालने की इजाजत नहीं है। बावजूद इसके लंका से निकले जुलूस की जानकारी स्थानीय खुफिया इकाई को भी नहीं थी। इसे लेकर भेलूपुर इंस्पेक्टर ने मौके पर पहुंचे खुफिया इकाई के दरोगा को फटकार लगाई।
पीएम के संसदीय कार्यालय में एक महीने से ज्ञापन नहीं लिया जा रहा है, इसकी भी जानकारी खुफिया इकाई को नहीं थी। जब यह बात भेलूपुर इंस्पेक्टर को पता लगी तो उन्होंने एलआईयू के दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए आला अधिकारियों को पत्र भेजने की बात कही।
गौरतलब है कि बीएचयू बवाल मामले में खुफिया इकाइयां सूचनाएं एकत्रित रहने में विफल रहीं थीं।