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युवती को करता था ब्लैकमेल, भाइयों ने दोस्तों के साथ मिल कर दी हत्या

Sun, 25 Jun 2017 01:32 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 25 Jun 2017 01:32 PM IST
Varanasi Man Blackmail to woman, brothers murder him
murder

यूपी के वाराणसी जिले में एक कुकर्मी विवाहिता से एकतरफा प्रेम करने लगा। विवाहिता ने जब उसकी बात नहीं मानी तो वह ब्लैकमेल करने लगा। बहन को परेशान देख उसके भाई आवेश में आ गए और उसकी हत्या कर दी।



शिवपुर थाना अंतर्गत इंद्रपुर स्थित कांशीराम आवास में हुई घनश्याम दास की हत्या का शनिवार को पुलिस ने खुलासा किया। पुलिस के अनुसार घनश्याम एक विवाहिता से एकतरफा प्रेम करता था। विवाहिता उसकी बात नहीं मान रही थी तो वह उसे ब्लैकमेल करता था।


इससे आजिज आकर विवाहिता के भाई शिवपुर के विपुल कुमार गुप्ता व धर्मेंद्र कुमार गुप्ता ने अपने दोस्त कांशीराम आवास के सुनील कुमार राम व प्रदीप और कोनिया सट्टी के विकास जायसवाल के साथ घनश्याम की चाकू मारकर हत्या कर दी थी।
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शनिवार को पांचों आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त चाकू वरुणा पुल के किनारे से बरामद कर पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया। एसएसपी नितिन तिवारी ने अपने कार्यालय में बताया कि 12 जून की शाम कांशीराम आवास के ब्लॉक नंबर 21 के आवास संख्या दो से दुर्गंध आने की सूचना पर पुलिस ने आवास पर लगा ताला तोड़ा तो अंदर एक युवक का शव मिला।

उसके शरीर पर चाकू से कई वार किए गए थे। युवक के कमरों से मिले कागजात से उसकी शिनाख्त आजमगढ़ जिले के देवगांव थाना के देऊपुर के कन्हैयालाल के बेटे घनश्याम दास के तौर पर हुई। घनश्याम काशी विद्यापीठ से पीएचडी करने के साथ ही ट्यूशन पढ़ाता था।

एक कॉल आरोपियों पर भारी पड़ी और सुलझी गुत्थी

Varanasi Man Blackmail to woman, brothers murder him
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शिवपुर थानाध्यक्ष शिवानंद मिश्रा ने सर्विलांस, कॉल डिटेल और मुखबिरों की मदद से तफ्तीश शुरू की तो पता चला कि घनश्याम एक विवाहिता को अक्सर फोन करता था। पता चला कि बहन को परेशान होता देख विपुल और धर्मेंद्र अपने दोस्तों के साथ 10 जून को घनश्याम के कमरे में पहुंचे और उसकी हत्या कर दी।

विपुल, धर्मेंद्र और उसके साथी घनश्याम की हत्या करने के बाद बेफिक्र थे। वे आश्वस्त थे कि पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पाएगी। 12 जून को मामला सार्वजनिक हुआ तो कांशीराम आवास में रहने वाले धर्मेेंद्र व सुनील मौके पर पहुंचे और पुलिस की मदद करते हुए शव को पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचवाया।

शिवपुर थानाध्यक्ष ने पूछताछ की तो अनभिज्ञता जताते हुए दोनों ने कहा कि वे मदद करने आए हैं। इसके दूसरे ही दिन आरोपी प्रदीप ने घनश्याम के घर फोन कर घटना की जानकारी दी। घनश्याम का भाई राधेश्याम पुलिस के पास आया और बताया कि घनश्याम मेरा भाई है।

पुलिस ने पूछा कि उसे कैसे पता लगा तो उसने बताया कि प्रदीप ने उसे फोन कर जानकारी दी है। जांच में जुटी पुलिस को यहीं से अहम सुराग मिला और वारदात की परत-दर-परत खुलती चली गई।

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