वाराणसी : करोड़ों की डकैती में ‘रईस’ पर गहराया शक
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बाजार मोड़ स्थित सर्राफ संजय अग्रवाल की दूकान से करोड़ों की डकैती करने वाले बदमाशों में शातिर रईस बनारसी के भी शामिल होने का शक और गहरा गया है। बदमाशों का जो स्केच जारी किया गया है, उनमें एक की शक्ल काफी कुछ रईस से मिलती-जुलती है।
अक्तूबर 2015 में वाराणसी से बरेली जेल ले जाते समय शाहजहांपुर में पुलिस को चकमा देकर रईस फरार हो गया था। तब से पुलिस को उसकी तलाश है। अब क्राइम ब्रांच और एसटीएफ ने उसे दबोचने के लिए नए सिरे से घेरेबंदी की है।
कुछ दिनों पहले फरार चल रहे रईस को लोहता इलाके में देखे जाने की बात सामने आई थी। वाराणसी के दशाश्वमेध, रामापुरा, दालमंडी, चौक और लोहता के अलावा आसपास के जिलों में रईस की गतिविधियां रही हैं। फरारी के बाद से कानपुर, इलाहाबाद और सोनभद्र में उसकी चहलकदमी की भनक पुलिस को मिली थी लेकिन उसे दबोचने में कामयाबी नहीं मिली।
पुलिस सूत्रों की मानें तो फरारी के बाद पहचान में न आने के लिए रईस ने अपना हुलिया काफी बदल लिया है। पुलिस के पास उसका पुराना फोटो है। ऐसे में वह चकमा देकर निकल जाता है और पुलिस उसे पहचान नहीं पाती।
पुलिस को आशंका है कि मुठभेड़ में मारे गए सनी सिंह के गुर्गे भी अब रईस के साथ आ गए हैं। दालमंडी इलाका पहले भी रईस की गतिविधियों का केंद्र रहा है। मंगलवार को जब दशाश्वमेध, रामापुरा, दालमंडी, चौक और लोहता क्षेत्र के लोगों ने पुलिस की ओर से जारी किए बदमाशों के स्केच देखा तो यही चर्चा रही कि इनमें एक रईस जैसा है।
इस बारे में एसएसपी नितिन तिवारी का कहना है कि हर पहलू पर छानबीन की जा रही है। पुलिस की कोशिश जल्द से जल्द बदमाशों को दबोचने की है।