वाराणसी: 15 दिन में 88 घाट साफ करने की चुनौती, 24 घाटों पर अब भी सिल्ट; पर्यटकों को भी हो रही परेशानी
वाराणसी में गंगा के 88 घाटों की सफाई 15 दिनों में पूरी करने की चुनौती है। घाटों से सिल्ट हटाने का काम जारी है, लेकिन 24 घाटों पर अब भी सिल्ट जमा है। निर्धारित समय में सफाई पूरी करना नगर निगम और संबंधित विभागों के लिए चुनौती बना हुआ है। घाटों की सफाई को लेकर अभियान चलाया जा रहा है।
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15 नवंबर को गंगा घाटों पर छठ पूजा होगी। नगर निगम के पास 88 गंगा घाटों की सफाई के लिए मात्र 15 दिन बचे हैं। अब भी अस्सी, मानमंदिर, मानसरोवर, पांडेय, शिवाला, हरिश्चंद्र घाट, बूंदी परकोटा, गोला घाट, तेलियानाला, रानीघाट, सिंधिया घाट, पंचगंगा घाट, दुर्गाघाट समेत 24 घाट ऐसे हैं जहां सिल्ट पड़ी है।
बाढ़ का पानी उतरने के साथ घाटों पर सिल्ट है। राजघाट से लेकर अस्सी घाट तक की व्यवस्था अभी बेहतर नहीं है। सिल्ट हटाने के लिए नगर निगम ने पंप से सफाई शुरू तो की है, लेकिन रफ्तार धीमी है। घाटों पर 50 से अधिक दुकानों और चौकियों ने जगह घेर ली है। यही नहीं, कई घाटों पर नाव मरम्मत का काम और अन्य निर्माण सामग्री भी फैली पड़ी है।
पंचगंगा घाट और ब्रह्मा घाट की स्थिति भी यही है। श्रद्धालुओं को कठिनाई होगी। घाट के गुरु प्रसाद ने कहा कि कई घाटों पर सिल्ट है, जिसे समय से नहीं हटवाया तो छठ पूजा के दौरान दिक्कत होगी।
अस्सी घाट के राजू चौरसिया ने कहा कि यहां पर डाला छठ पर काफी भीड़ होती है। 15 नवंबर से पहले गंगा घाटों को साफ करने में काफी दिक्कत होगी। नगर निगम के मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र ने कहा कि नगर निगम की टीम लगातार सफाई कर रही है।
छठ की पूजा को ध्यान में रखकर निर्देश दिया गया है कि 12 नवंबर तक सभी घाटों से सिल्ट हटवाएं। इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है। कमी मिलने पर कार्रवाई होगी। - अशोक कुमार तिवारी, मेयर