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दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्राया भोगाबीर, पांच घायल
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 13 Jun 2017 09:49 PM IST
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घटना के बारे में जानकारी लेती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी का भोगाबीर इलाका मंगलवार को दोपहर बाद गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। मारपीट के बाद हुई आठ राउंड फायरिंग में दोनों पक्ष से पांच लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने घायलों को लंका स्थित एक निजी अस्पताल और बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।
घटना का कारण दो पड़ोसियों के बीच रोशनदान और चहारदीवारी से जुड़े विवाद के साथ ही वर्चस्व की लड़ाई बताया जा रहा है। पुलिस ने मौके से एक लाइसेंसी पिस्टल कब्जे में ली है।
संकटमोचन मंदिर के पीछे चंदौली के बबुरी जलखोर के मूल निवासी सुल्तानपुर जिले में तैनात सब इंस्पेक्टर अशोक सिंह, उनके भाई अरुण सिंह और आलोक सिंह का परिवार रहता है। ठीक बगल में रिटायर्ड लेखपाल हरिशंकर सिंह अपने बेटे रणधीर सिंह उर्फ छोटू और शक्ति सिंह के साथ रहते हैं।
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लेखपाल पक्ष का आरोप है कि दरोगा पक्ष के लोगों ने जबरन उनके घर की तरफ रोशनदान खोल रखा है और चहारदीवारी नहीं बनने दे रहे हैं। वहीं, दरोगा पक्ष का आरोप है कि लेखपाल पक्ष जबरन चहारदीवारी बनाना चाहता है। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे अरसे से विवाद चल रहा है।
अरुण सिंह के अनुसार मानसिक रूप से अस्वस्थ उसका भाई आलोक मंगलवार दोपहर बाद संकटमोचन के पिछले गेट पर स्थित साईं मंदिर दर्शन करने घर से निकला था। इसी दौरान रास्ते में दोस्त के साथ खड़े शक्ति सिंह से किसी बात को लेकर आलोक की मारपीट हो गई। आलोेक घर की ओर भागा तो अरुण बाहर निकला। अरुण के अनुसार शक्ति और उसके साथ मौजूद लोगों ने उसे भी मारा-पीटा।
अरुण के अनुसार वह किसी तरह से खुद को छुड़ाकर भागा और घर जाकर अपनी लाइसेंसी पिस्टल आया। इसके बाद हमलावरों को भगाने के लिए हवाई फायरिंग की। मगर, हमलावरों ने उसकी पिस्टल छीन ली और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। फायरिंग में रणधीर सिंह उर्फ छोटू (32) के पेट में दाएं तरफ, शक्ति सिंह (28) को भी पेट में, हरिशंकर सिंह (61) की जांघ में और अरुण (47) के दाएं हाथ में गोली लगी जबकि आलोक (40) मारपीट में घायल हो गया था।
पुलिस ने लेखपाल पक्ष के तीन घायलों को लंका स्थित निजी अस्पताल और दरोगा पक्ष के दो घायलों को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया है।
उधर, रणधीर का आरोप था कि मारपीट के बाद अरुण घर से पिस्टल लेकर आया और ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगा।
गोली चलने की सूचना पर आसपास के लोग पहुंचे और अरुण से पिस्टल छीनकर मौके पर आई पुलिस को सौंप दिया। घटना की जानकारी पाकर सीओ भेलूपुर अखिलेश सिंह, लंका और भेलूपुर थाने की फोर्स लेकर एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके से चार खोखा बरामद किया है।
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घटना का कारण दो पड़ोसियों के बीच रोशनदान और चहारदीवारी से जुड़े विवाद के साथ ही वर्चस्व की लड़ाई बताया जा रहा है। पुलिस ने मौके से एक लाइसेंसी पिस्टल कब्जे में ली है।
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संकटमोचन मंदिर के पीछे चंदौली के बबुरी जलखोर के मूल निवासी सुल्तानपुर जिले में तैनात सब इंस्पेक्टर अशोक सिंह, उनके भाई अरुण सिंह और आलोक सिंह का परिवार रहता है। ठीक बगल में रिटायर्ड लेखपाल हरिशंकर सिंह अपने बेटे रणधीर सिंह उर्फ छोटू और शक्ति सिंह के साथ रहते हैं।
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लेखपाल पक्ष का आरोप है कि दरोगा पक्ष के लोगों ने जबरन उनके घर की तरफ रोशनदान खोल रखा है और चहारदीवारी नहीं बनने दे रहे हैं। वहीं, दरोगा पक्ष का आरोप है कि लेखपाल पक्ष जबरन चहारदीवारी बनाना चाहता है। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे अरसे से विवाद चल रहा है।
अरुण सिंह के अनुसार मानसिक रूप से अस्वस्थ उसका भाई आलोक मंगलवार दोपहर बाद संकटमोचन के पिछले गेट पर स्थित साईं मंदिर दर्शन करने घर से निकला था। इसी दौरान रास्ते में दोस्त के साथ खड़े शक्ति सिंह से किसी बात को लेकर आलोक की मारपीट हो गई। आलोेक घर की ओर भागा तो अरुण बाहर निकला। अरुण के अनुसार शक्ति और उसके साथ मौजूद लोगों ने उसे भी मारा-पीटा।
अरुण के अनुसार वह किसी तरह से खुद को छुड़ाकर भागा और घर जाकर अपनी लाइसेंसी पिस्टल आया। इसके बाद हमलावरों को भगाने के लिए हवाई फायरिंग की। मगर, हमलावरों ने उसकी पिस्टल छीन ली और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। फायरिंग में रणधीर सिंह उर्फ छोटू (32) के पेट में दाएं तरफ, शक्ति सिंह (28) को भी पेट में, हरिशंकर सिंह (61) की जांघ में और अरुण (47) के दाएं हाथ में गोली लगी जबकि आलोक (40) मारपीट में घायल हो गया था।
पुलिस ने लेखपाल पक्ष के तीन घायलों को लंका स्थित निजी अस्पताल और दरोगा पक्ष के दो घायलों को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया है।
उधर, रणधीर का आरोप था कि मारपीट के बाद अरुण घर से पिस्टल लेकर आया और ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगा।
गोली चलने की सूचना पर आसपास के लोग पहुंचे और अरुण से पिस्टल छीनकर मौके पर आई पुलिस को सौंप दिया। घटना की जानकारी पाकर सीओ भेलूपुर अखिलेश सिंह, लंका और भेलूपुर थाने की फोर्स लेकर एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके से चार खोखा बरामद किया है।
पहले भी हुआ था विवाद, पुलिस की नासमझी से बिगड़ा
दरोगा और रिटायर्ड लेखपाल पक्ष के बीच कुछ दिन पहले भी विवाद हुआ था। मामला लंका थाने पहुंचा लेकिन पुलिस ने टरका दिया था। फायरिंग की घटना के बाद मौके पर जुटे मुहल्ले के लोगों का कहना था कि यदि पुलिस दोनों के झगड़े को लेकर पहले ही गंभीरता दिखाई होती तो ऐसी नौबत न आती।