वाराणसी: ऋण बंद कराने के नाम पर 23 लाख रुपये हड़पे, डीएसए पर धोखाधड़ी का आरोप; केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग
वाराणसी में ऋण बंद कराने के नाम पर 23 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने डीएसए पर धोखाधड़ी कर रकम लेने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित का आरोप है कि ऋण समाप्त कराने का भरोसा देकर उससे लाखों रुपये लिए गए, लेकिन ऋण बंद नहीं कराया गया।
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बजाज फाइनेंस का ऋण बंद कराने के नाम पर 23 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। आशापुर निवासी अरविंद हरिनाथ यादव ने साइबर क्राइम ब्रांच में प्रार्थनापत्र देकर बजाज फाइनेंस के डीएसए संचालक अमन शर्मा समेत संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित के मुताबिक, उन्होंने बजाज फाइनेंस से 33 लाख रुपये का ऋण लिया था। इसमें से 7.50 लाख रुपये कंपनी के आधिकारिक एप पर जमा कर चुके थे। आरोप है कि इसी दौरान अमन शर्मा ने फोन कर बिना अतिरिक्त ब्याज और फोरक्लोजर चार्ज के पूरा ऋण बंद कराने का भरोसा दिया। पहले भी ऋण कराने के कारण पीड़ित ने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया।
आरोप है कि अमन ने ऋण बंद कराने के लिए विनय कश्यप के एक्सिस बैंक खाते में रुपये जमा करने को कहा। इसके बाद पीड़ित ने 20 जुलाई से 3 अगस्त 2026 के बीच अलग-अलग तारीखों में कुल 23 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। भुगतान के बाद ऋण की स्टेटमेंट और अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मांगने पर आरोपी कथित तौर पर टालमटोल करने लगा। साइबर थाना प्रभारी उदयवीर सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है।
यूपीआई के जरिये बैंक खाते से 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी
महमूरगंज के बड़ी गैबी निवासी पवन कुमार के बैंक खाते से करीब 11 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। पवन कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि उनका बैंक ऑफ इंडिया में खाता है।
आरोप है कि 28 सितंबर से 11 अक्तूबर 2026 के बीच उनके खाते से बिना जानकारी और अनुमति के करीब 11 लाख रुपये निकाल लिए गए। प्रार्थनापत्र पर 17 अक्तूबर को एसीपी साइबर अपराध की ओर से प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया। थाना प्रभारी उदयवीर सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।