मऊ में अवैध कब्जेदारों को हटाने गई पुलिस पर जमकर पथराव, आगजनी
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क्षेत्र के फतेहपुर ताल नरजा में डीएम के निर्देश पर शनिवार को अवैध कब्जे की जमीन खाली कराने गई टीम पर जमकर ईट पत्थर चले। इस दौरान कब्जेदारों की मड़इयां फूंक दी गईं। मड़इयों के जलते बांसों को लेकर लोगों ने टीम के सदस्यों को दौड़ा लिया।
स्थिति बिगड़ती देखकर पुलिस ने लाठियां भांज कर उपद्रव पर आमादा लोगों को खदेड़ा। घंटों मशक़्कत के बाद पुलिस के सहयोग से टीम पांच जेसीबी मशीनें लगाकर जमीन खाली करा पाने में कामयाब हो पाई। फतेहपुर ताल नरजा निवासी उमाशंकर पांडेय पुत्र जीयावन व जिउत बन्धन गुप्ता पुत्र कालीचरण ने 35 वर्ष पूर्व जमीन बैनामा लिया था।
शिकायत है कि चकबंदी से पूर्व ही इस बैनामा शुदा जमीन पर गांव के ही धोबी जाति के नौमी, लखन, श्रीकिशुन, राजेंद्र, गुड्डू, महेंद्र, प्रकाश, लालता सहित कुल आठ लोगों ने मड़इयां आदि डालकर कब्जा जमा लिया था।
उधर पीडि़त उमाशंकर और जिउतबन्धन गुप्ता ने जमीन को अवैध कब्जे से खाली कराने के लिए 29 /41 का मुकदमा कमिश्नर के कोर्ट में दाखिल किया जिसमें भूस्वामियों की डिग्री होने के साथ ही पत्थर नसब होने का आदेश जारी हुआ।
पत्थर नसब होने के बावजूद कब्जेदारों के कब्जे से जमीन खाली नहीं हो सकी। थक हार भूस्वामी ने जिलाधिकारी निखिलचंद्र शुक्ला से गुहार लगाई तो उन्होंने श्रावस्ती मॉडल के तहत इसका निराकरण का निर्देश दिया। इस टीम में चकबंदी विभाग, राजस्व कर्मी और पुलिस की मौजूदगी में जमीन की पैमाईश कराकर खाली करने का आदेश दिया था।
कागज मांगने पर हो गए हमलावर
डीएम के आदेश पर पुलिस ,चकबंदी विभाग व राजस्व कर्मी जमीन की पैमाईश कराने पहुंची। टीम के प्रभारी ने कब्जेदारों से जमीन संबंधित कागजात की मांगें तो कब्जेदार टीम से उलझ गए। कुछ ही देर में जमकर ईट पत्थर चलने लगे। इसी बीच किसी ने उनकी मड़इयों में आग लगा दी।
आरोप है कि जमीन पर अवैध कब्जे करने वाले मड़इयों से जलते बांसों के लेकर टीम पर टूट पड़े और दौड़ा लिया। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांज कब्जेदारों को खदेड़ा तो कब्जेदार भाग खड़े हुए।
पुलिस व टीम ने अवैध कब्जे की जमीन की पैमाईश कराते हुए पांच जेसीबी मशीनों के द्वारा जमीन को खाली कराते हुए तार आदि से घेरे बंदी कराया। थानाध्यक्ष संदीप कुमार यादव ने बताया कि कब्जेदारों से जमीन से संबंधित कागजात मांगे गए लेकिन वे कोई भी कागजात दिखा नहीं सके।
समझाने बुझाने का प्रयास किया गया तो उन्होंने उपद्रव मचाना शुरू कर दिया। ग्राम प्रधान संगीता निषाद और पूर्व प्रधान विरजू निषाद के अनुसार यह जमीन उमाशंकर पांडेय व जिउतबन्धन गुप्ता की बैनामा शुदा है।