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मुन्ना बजरंगी के सात गुर्गे अब मुन्नू तिवारी के शागिर्द, पूर्वांचल में मचा रखा है आतंक
amarujala.com- Written by: पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी
Updated Fri, 20 Oct 2017 11:22 AM IST
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मुन्ना बजरंगी
- फोटो : SELF
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जरायम की दुनिया में चर्चित मुन्ना बजरंगी के करीबी रहे कई शूटरों ने अब उससे किनारा कर लिया है। बीते वर्षों में मुन्ना के करीबी रहे बदमाशों की आपसी प्रतिद्वंद्विता, अविश्वास और एक-दूसरे की हत्या की बढ़ती घटनाओं ने दूरियां बढ़ाईं।
इनमें से कुछ शूटरों ने कभी मुन्ना बजरंगी के ही करीबी रहे इलाहाबाद जेल में निरुद्ध कुख्यात मुन्नू तिवारी की अगुवाई में नई गैंग खड़ी कर ली। इस गैंग का दखल मौजूदा समय पूर्वांचल के साथ ही बिहार, झारखंड और मुंबई तक है। पुलिस ने अब तक इस गैंग के आठ शूटर चिह्नित किए हैं। इनमें से सात पहले मुन्ना के गुर्गे थे। कुछ और नई उम्र के लड़कों के इस गैंग से जुड़ने की जानकारी से पुलिस के कान खड़े हो गए हैं।
मिंट हाउस कॉलोनी में सपा नेता के घर फायरिंग और उनके गार्ड के भाई की हत्या के बाद दबोचे गए इनामी बदमाश गुड्डू मामा से पूछताछ में भी मुन्ना बजरंगी और मुन्नू तिवारी गैंग के बारे में कई नई जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक गुड्डू मामा ने वर्ष 1999 में जरायम जगत से जुड़ा।
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उसके खिलाफ पहला मुकदमा हत्या के प्रयास का सारनाथ थाने में दर्ज किया गया था। मुन्ना बजरंगी गैंग से जुड़ा यह बदमाश एनकाउंटर में मारे गए दुर्गा अग्रहरि का दायां हाथ माना जाता था। शहर में कई बड़ी आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर उसने पुलिस को चुनौती दी।
काशी सामाजिक संस्था के अध्यक्ष अरुण बंसल और मुरारी यादव की हत्या, मुगलसराय में दोहरे मर्डर, आदमपुर में साड़ी कारोबारी की हत्या कर 12 लाख की लूट के साथ ही कई अन्य लूट और हत्याओं में उसका नाम आया लेकिन पुलिस उसे दबोच नहीं पाई।
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इनमें से कुछ शूटरों ने कभी मुन्ना बजरंगी के ही करीबी रहे इलाहाबाद जेल में निरुद्ध कुख्यात मुन्नू तिवारी की अगुवाई में नई गैंग खड़ी कर ली। इस गैंग का दखल मौजूदा समय पूर्वांचल के साथ ही बिहार, झारखंड और मुंबई तक है। पुलिस ने अब तक इस गैंग के आठ शूटर चिह्नित किए हैं। इनमें से सात पहले मुन्ना के गुर्गे थे। कुछ और नई उम्र के लड़कों के इस गैंग से जुड़ने की जानकारी से पुलिस के कान खड़े हो गए हैं।
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मिंट हाउस कॉलोनी में सपा नेता के घर फायरिंग और उनके गार्ड के भाई की हत्या के बाद दबोचे गए इनामी बदमाश गुड्डू मामा से पूछताछ में भी मुन्ना बजरंगी और मुन्नू तिवारी गैंग के बारे में कई नई जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक गुड्डू मामा ने वर्ष 1999 में जरायम जगत से जुड़ा।
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उसके खिलाफ पहला मुकदमा हत्या के प्रयास का सारनाथ थाने में दर्ज किया गया था। मुन्ना बजरंगी गैंग से जुड़ा यह बदमाश एनकाउंटर में मारे गए दुर्गा अग्रहरि का दायां हाथ माना जाता था। शहर में कई बड़ी आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर उसने पुलिस को चुनौती दी।
काशी सामाजिक संस्था के अध्यक्ष अरुण बंसल और मुरारी यादव की हत्या, मुगलसराय में दोहरे मर्डर, आदमपुर में साड़ी कारोबारी की हत्या कर 12 लाख की लूट के साथ ही कई अन्य लूट और हत्याओं में उसका नाम आया लेकिन पुलिस उसे दबोच नहीं पाई।
रईस बनारसी के संपर्क में भी आया
नवंबर 2011 में कानपुर में डी-टू गैंग के शूटर शानू ओलांगा की हत्या करने से पहले वह फरार चल रहे इनामी बदमाश रईस बनारसी के संपर्क में आया। मार्च 2016 में मुन्ना बजरंगी के साले पुष्पजीत सिंह की लखनऊ में हत्या हुई तो गैंग के भी कुछ सदस्य शक के घेरे में आ गए।
इसी बीच अगस्त 2016 में मिर्जापुर में छिप कर रह रहे मुन्नू तिवारी को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। तब पुलिस को जानकारी हुई कि मुन्नू तिवारी ने जिला जेल वाराणसी में निरुद्ध रहे संतोष शुक्ला से संपर्क कर अपनी नई गैंग बना ली है।
मुन्नू इस समय इलाहाबाद और संतोष सहारनपुर जेल में निरुद्ध है। फरार रईस बनारसी, रूपेश सेठ, मनोज शुक्ला, दीपक वर्मा के अलावा गुड्डू मामा व आबिद सिद्दीकी इस गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। पूछताछ में पुलिस को गुड्डू ने बताया कि वर्ष 2005 में उसके साथी मुन्ना हड्डी की हत्या हुई थी।
वह उसी हत्या का बदला विजय जायसवाल से लेना चाहता था। वहीं, पूर्व में बस का खलासी रहे आबिद सिद्दीकी का नाम वर्ष 2002 में एक कोयला व्यवसायी के अपहरण में सामने आया।
फिर आबिद ने इलाहाबाद के एक जूता-चप्पल व्यवसायी, चंदौली के सैयदराजा में हत्या, आदमपुर में हत्या की। आबिद इसी साल सिगरा में आभूषण की दुकान में हुई डकैती का साजिशकर्ता था। इसी साल अप्रैल महीने में वह जेल से जमानत पर बाहर आया था।
इसी बीच अगस्त 2016 में मिर्जापुर में छिप कर रह रहे मुन्नू तिवारी को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। तब पुलिस को जानकारी हुई कि मुन्नू तिवारी ने जिला जेल वाराणसी में निरुद्ध रहे संतोष शुक्ला से संपर्क कर अपनी नई गैंग बना ली है।
मुन्नू इस समय इलाहाबाद और संतोष सहारनपुर जेल में निरुद्ध है। फरार रईस बनारसी, रूपेश सेठ, मनोज शुक्ला, दीपक वर्मा के अलावा गुड्डू मामा व आबिद सिद्दीकी इस गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। पूछताछ में पुलिस को गुड्डू ने बताया कि वर्ष 2005 में उसके साथी मुन्ना हड्डी की हत्या हुई थी।
वह उसी हत्या का बदला विजय जायसवाल से लेना चाहता था। वहीं, पूर्व में बस का खलासी रहे आबिद सिद्दीकी का नाम वर्ष 2002 में एक कोयला व्यवसायी के अपहरण में सामने आया।
फिर आबिद ने इलाहाबाद के एक जूता-चप्पल व्यवसायी, चंदौली के सैयदराजा में हत्या, आदमपुर में हत्या की। आबिद इसी साल सिगरा में आभूषण की दुकान में हुई डकैती का साजिशकर्ता था। इसी साल अप्रैल महीने में वह जेल से जमानत पर बाहर आया था।