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दिल दहलाने वाली घटना: रेलवे फाटक नहीं खोलने पर दबंगों ने गेटमैन को पीट कर मार डाला
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, बलिया
Updated Thu, 08 Feb 2018 02:15 PM IST
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मृतक के घर में मचा कोहराम
- फोटो : अमर उजाला
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बलिया के गांधीनगर रेलवे फाटक पर मंगलवार की रात क्रॉसिंग खोलने को लेकर हुए विवाद के दौरान गेटमैन शैलेश तिवारी (38) की अज्ञात बदमाशों ने डंडे, रॉड से पीटकर हत्या कर दी। घायल गेटमैन को रेलवे कर्मचारियों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन यहां से वाराणसी रेफर कर दिया गया। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
गेटमैन शैलेश मूल रूप से देवरिया जिले के भटनी निवासी था। मामले में सहायक स्टेशन अधीक्षक की तहरीर पर रेल पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया जाता है कि मंगलवार की रात बलिया रेलवे स्टेशन के पश्चिमी केबिन पर शैलेश की ड्यूटी लगाई गई थी।
रात करीब सवा नौ बजे डाउन पवन एक्सप्रेस के आने का समय हुआ तो उसने क्रासिंग बंद कर दी। इस दौरान कुछ बाइक सवार अज्ञात लोगों ने क्रासिंग खोलने को कहा।
इनकार करने पर बाइक सवार लोगों से उसकी कहासुनी हो गई। इसकी सूचना शैलेश ने सहायक स्टेशन अधीक्षक राजू राय को दी। ट्रेन के प्लेटफार्म पर पहुंचने के बाद एएसएस ने घटना के बारे में आरपीएफ को सूचित किया।
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गेटमैन शैलेश मूल रूप से देवरिया जिले के भटनी निवासी था। मामले में सहायक स्टेशन अधीक्षक की तहरीर पर रेल पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया जाता है कि मंगलवार की रात बलिया रेलवे स्टेशन के पश्चिमी केबिन पर शैलेश की ड्यूटी लगाई गई थी।
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रात करीब सवा नौ बजे डाउन पवन एक्सप्रेस के आने का समय हुआ तो उसने क्रासिंग बंद कर दी। इस दौरान कुछ बाइक सवार अज्ञात लोगों ने क्रासिंग खोलने को कहा।
इनकार करने पर बाइक सवार लोगों से उसकी कहासुनी हो गई। इसकी सूचना शैलेश ने सहायक स्टेशन अधीक्षक राजू राय को दी। ट्रेन के प्लेटफार्म पर पहुंचने के बाद एएसएस ने घटना के बारे में आरपीएफ को सूचित किया।
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मृतक शैलेश की मां
- फोटो : अमर उजाला
आरपीएफ केबिन पर पहुंची लेकिन वहां सब सामान्य मिला। जिस पर जवान वापस लौट गए। रात करीब पौने दस बजे छपरा-लखनऊ एक्सप्रेस बलिया स्टेशन पर पहुंची तो गेट बंद करने के लिए सहायक स्टेशन अधीक्षक ने केबिन मैन को फोन किया।
तीन मिनट तक घंटी बजने के बाद भी जब फोन नहीं उठा तो वह रेल कर्मचारी इंद्रजीत को लेकर केबिन पहुंचे। जहां शैलेश लहूलुहान हालत में कुर्सी पर गिरा पड़ा था। सहायक स्टेशन अधीक्षक साथ में आए कर्मचारी के सहयोग से ई-रिक्शा पर शैलेश को लाद कर जिला अस्पताल पहुंचे।
चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
उधर, एंबुलेंस से शव सुबह बलिया पहुंचा। मृतक शैलेश की मां और पत्नी उषा तिवारी शव देखकर बिलख उठे। शाम को शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
तीन मिनट तक घंटी बजने के बाद भी जब फोन नहीं उठा तो वह रेल कर्मचारी इंद्रजीत को लेकर केबिन पहुंचे। जहां शैलेश लहूलुहान हालत में कुर्सी पर गिरा पड़ा था। सहायक स्टेशन अधीक्षक साथ में आए कर्मचारी के सहयोग से ई-रिक्शा पर शैलेश को लाद कर जिला अस्पताल पहुंचे।
चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
उधर, एंबुलेंस से शव सुबह बलिया पहुंचा। मृतक शैलेश की मां और पत्नी उषा तिवारी शव देखकर बिलख उठे। शाम को शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया।