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छह पन्नों के सुसाइड नोट में ठेकेदार ने लगाए ये आरोप, लिखा- ‘हिम्मत टूटने के बाद कर रहा हूं आत्महत्या

Wed, 28 Aug 2019 09:00 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 28 Aug 2019 09:00 PM IST
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pwd contractor leave six page of suicide note after gun shot himself allegation varanasi
ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी के नदेसर स्थित पीडब्लूडी कॉलोनी में चीफ इंजीनियर अंबिका सिंह के कार्यालय में बुधवार को ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव(49) ने अपनी कनपटी पर गोली मार कर जान दे दी। छह पन्ने के सुसाइड नोट में ए श्रेणी के ठेकेदार अवधेश ने आत्महत्या की वजह पांच करोड़ रुपये बकाया का भुगतान न होना, विभागीय अभियंताओं की कमीशनखोरी और सरकारी उत्पीड़न लिखा है।

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सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने मौके से लाइसेंसी रिवाल्वर, चार कारतूस और मोबाइल कब्जे में लेकर अवधेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, घटना की जानकारी पाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंजीनियर इन चीफ बीके सिंह को जांच के लिए भेज कर रिपोर्ट मांगी है।
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गाजीपुर जिले के पहाड़पुर के मूल निवासी अवधेश वाराणसी में शिवपुर थाना अंतर्गत विश्वनाथपुरी कॉलोनी में मकान बनवा कर परिवार के साथ रहते थे। चीफ इंजीनियर के अनुसार 11:45 बजे के लगभग अवधेश उनके चेंबर में आए और अपना परिचय दिया।

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इसके बाद अवधेश ने रिवाल्वर निकाली और कनपटी पर दाएं तरफ सटा कर ट्रिगर दबा दिया। गोली लगते ही अवधेश कुर्सी पर गिर पड़े तो सूचना आनन-फानन में पुलिस को दी गई। पीडब्लूडी के चीफ इंजीनियर के कार्यालय में गोली चलने की सूचना पर मंडलायुक्त, डीएम, एसएसपी और कैंट सहित छह थानों की फोर्स पहुंची।

इसी बीच पता लगा कि अवधेश ने अपनी सफारी गाड़ी की सीट पर सुसाइड नोट छोड़ रखा है। उधर, एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि विभागीय अभियंताओं से पूछताछ में यह सामने आया है कि अवधेश का 48 लाख का भुगतान बकाया था। सुसाइड नोट और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करा कर जांच कराई जाएगी।

पीडब्लूडी के ठेकेदार अवधेश सिंह के मामले का संज्ञान सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिया है। अवधेश के साथ काम करने वाले ठेकेदारों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने लखनऊ से चीफ इंजीनियर को जायजा लेने के लिए वाराणसी भेजा है। वहीं गोली मारकर हत्या करने के बाद से पूरे पीडब्लूडी विभाग में सन्नाटा पसरा हुआ है। जहां कर्मचारी कुछ भी करने को तैयार नहीं है।

वहीं घटना के बाद जुटे ठेकेदारों ने भी आरोप लगाते हुए है कहा कि पीडब्लूडी के अधिकारी ठेकेदारों का शोषण करते हैं। पीके पर कमीशन पहले लेते हैं और प्रोजेक्ट का पैसा भी पास नहीं करते हैं। अभिषेक श्रीवास्तव द्वारा हाल ही में कराए गए टेंडर के काम का पैसा अधिकारियों के द्वारा रोक दिया गया था। जिस वजह से अवधेश परेशान थे।

‘हिम्मत टूटने के बाद कर रहा हूं आत्महत्या’ :
ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव ने छह पन्ने के सुसाइड नोट में पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि सारी बातें उनके मोबाइल में भी रिकार्ड हैं ताकि सरकार के काम आएं। उन्होंने लिखा कि वह जीएसटी आदि का समय से भुगतान करते आ रहे हैं। हिम्मत टूटने के बाद आत्महत्या कर रहे हैं और परिवार को भगवान के सहारे छोड़ कर जा रहे हैं।
 

  • जेई मनोज सिंह और एई आशुतोष सिंह कमीशनखोरी करते हैं और भुगतान के लिए करते रहे परेशान।
  • अनुबंध के बाद कई बार ड्राइंग को बदल-बदल कर तोड़फोड़ कर जबरन कराया गया निर्माण कार्य।
  • माप पुस्तिका पर नहीं अंकित किया काम और सामानों का विवरण।
  • आर्थिक तंगी की बात कहने पर बिल फार्म पर हस्ताक्षर करा कर किया जाता था भुगतान।
  • काम न करने की बात कहने पर जांच करा कर जेल भेजने का बनाया जाता था दबाव।
  • चीफ इंजीनियर, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता सेे कई बार की शिकायत पर भी नहीं दिया ध्यान।
  • 14 करोड़ 50 लाख का काम वर्ष 2014-15 के विभागीय दर पर करने का दबाव मौजूदा समय में बनाया गया।
  • बिजली विभाग और पीडब्ल्यूडी के जेई के झगड़े में बिजली विभाग ने एक करोड़ की आरसी जारी कर तनाव दिया।
  • प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान किए गए काम का 34 लाख 15 हजार 504 रुपये अब तक बकाया।
  • जिलाधिकारी कैंप कार्यालय पर निर्माण कार्य के 10 लाख रुपये का भुगतान नहीं हुआ।
  • 2014 में किए गए सड़क निर्माण कार्य का भुगतान नहीं हुआ।
  • सर्किट हाउस में लाखों रुपये का निर्माण कार्य कराया लेकिन भुगतान नहीं हुआ।
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