पति-पत्नी ने किडनैप किया बच्चा, उसके साथ करना चाहते थे हैरतअंगेज काम, पुलिस ने छुड़ाया
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17 जून शाम को महराजगंज के हनुमान चौक से गायब हुए दो साल के बच्चे को लेकर आजमगढ़ पुलिस ने चौकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने बुधवार शाम को बच्चा सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस ने बताया कि बच्चे का अपहरण बलि देने के लिए किया गया था। दरअसल, महराजगंज थाना क्षेत्र के देवारा कदीम महरूमपुर गांव निवासी सोनी देवी पत्नी सोनू कुमार 17 जून की शाम को दो साल के बेटे रितिक के साथ कहीं से आ रही थी। महराजगंज कस्बे के हनुमान चौक पर ऑटोरिक्शा से नीचे उतरी और मोबाइल पर किसी से बात करने लगी, तभी बगल में खड़े उसके बेटे को ऑटोरिक्शा में साथ आए एक महिला और पुरुष लेकर भाग गए।
इस बीच आरोपी महिला का पर्स ऑटोरिक्शा में छूट गया। पर्स में रखे आधार कार्ड के जरिए उनकी पहचान महराजगंज थाने के सनपुर गांव निवासी निशा देवी पत्नी अनिल कुमार के रूप में हुई। पुलिस निशा के घर पहुंची तो पता चला कि निशा की कोई संतान नहीं है। वह महराजगंज थाने के सहदेवगंज निवासी छिनक यादव के साथ गोरखपुर जिले के बरदुवारी के रहने वाले एक सोखा के यहां झाड़-फूंक के लिए जाती थी।
पुलिस ने सर्विलांस से छिनक यादव की लोकेशन ली तो वह समस्तीपुर (बिहार) में मिला। सूचना पर समस्तीपुर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पता चला कि महिला ने संतान प्राप्ति के लिए बलि देने के लिए रितिक को अगवा किया था।
बालक को कप्तानगंज थाने के पिपरिया गांव निवासी एक व्यक्ति के यहां रखे हुए हैं। आजमगढ़ पुलिस बिहार पहुंची तो तब तक आरोपी पुलिस को चकमा देकर भाग चुके थे। ऐसे में बुधवार की शाम को पुलिस ने पिपरिया गांव के रहने वाले एक व्यक्ति के यहां से बालक को बरामद कर लिया।
आजमगढ़ एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि दो वर्षीय बालक रितिक की बलि देने के लिए अगवा किया गया था। किसी प्रकार की अनहोनी होने से पहले ही बच्चे को बरामद कर लिया गया। आरोपियों की तलाश की जा रही।