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पटना राजधानी डकैती कांड : सवाल जो चीख चीख कर मांग रहे जवाब
ब्यूरो,अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Mon, 10 Apr 2017 08:24 PM IST
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राजधानी एक्सप्रेस
- फोटो : Social Media
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मुगलसराय-बक्सर रेल खंड के बीच गहमर रेलवे स्टेशन के होम सिग्नल के पास शनिवार की देर रात राजधानी की तीन बोगियों में हुई डकैती खुद में पहेली बनी हुई है। वारदात अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई है।
ट्रेन में डकैत कैसे घुसे, उस वक्त सुरक्षा कर्मी कहां थे, उन पर टीटी की नजर क्यों नहीं पड़ी, क्या उन्होंने भी रिजर्वेशन करा रखा था, उन्हें कैसे पता था कि इन बोगियों में सुरक्षा कर्मी नहीं हैं, उन्होंने लूट का प्लान कैसे और कब बनाया, इसमें क्या रेलवे का कोई कर्मचारी भी शामिल था, लुटेरे सबको चकमा दे कैसे उतर गए, यह सारे सवाल लोगों के जेहन में कौंध रहे हैं। इन सवालों का जवाब रेलवे के अधिकारी भी तलाश रहे हैं।
राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन से लेकर सुरक्षा तक की मॉनिटरिंग विशेष रूप से की जाती है। बावजूद तीन बोगियों में डकैती होना सुरक्षा पर बड़ा सवाल है। रेलवे पुलिस इस बार डकैती का खुलासा करने में सफल होती है अथवा पूर्व की तरफ इसे भी कुछ दिन बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
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यह आने वाला समय ही बताएगा। रेलवे के नियमों के मुताबिक इन वीवीआईपी ट्रेनों के संचालन से पहले प्रत्येक कोच की सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जांच की जाती है। इसके बाद ही ट्रेन अपने गतंव्य के लिए रवाना होती है।
सबसे महत्वपूर्ण बात है कि इस वीवीआईपी ट्रेन के सुरक्षा कर्मियों के पास वॉकी-टॉकी के साथ अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध होते हैं।
सूत्रों की मानी जाए तो मुगलसराय स्टेशन पर खड़ी ट्रेन के खुलने के बाद और गहमर होम सिग्नल के रेड होने पर वहां करीब 25 मिनट तक ट्रेन रुकी रही, फिर आगे के लिए रवाना हुई थी। इस बीच सुरक्षा कर्मी कहां थे।
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ट्रेन में डकैत कैसे घुसे, उस वक्त सुरक्षा कर्मी कहां थे, उन पर टीटी की नजर क्यों नहीं पड़ी, क्या उन्होंने भी रिजर्वेशन करा रखा था, उन्हें कैसे पता था कि इन बोगियों में सुरक्षा कर्मी नहीं हैं, उन्होंने लूट का प्लान कैसे और कब बनाया, इसमें क्या रेलवे का कोई कर्मचारी भी शामिल था, लुटेरे सबको चकमा दे कैसे उतर गए, यह सारे सवाल लोगों के जेहन में कौंध रहे हैं। इन सवालों का जवाब रेलवे के अधिकारी भी तलाश रहे हैं।
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राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन से लेकर सुरक्षा तक की मॉनिटरिंग विशेष रूप से की जाती है। बावजूद तीन बोगियों में डकैती होना सुरक्षा पर बड़ा सवाल है। रेलवे पुलिस इस बार डकैती का खुलासा करने में सफल होती है अथवा पूर्व की तरफ इसे भी कुछ दिन बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
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यह आने वाला समय ही बताएगा। रेलवे के नियमों के मुताबिक इन वीवीआईपी ट्रेनों के संचालन से पहले प्रत्येक कोच की सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जांच की जाती है। इसके बाद ही ट्रेन अपने गतंव्य के लिए रवाना होती है।
सबसे महत्वपूर्ण बात है कि इस वीवीआईपी ट्रेन के सुरक्षा कर्मियों के पास वॉकी-टॉकी के साथ अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध होते हैं।
सूत्रों की मानी जाए तो मुगलसराय स्टेशन पर खड़ी ट्रेन के खुलने के बाद और गहमर होम सिग्नल के रेड होने पर वहां करीब 25 मिनट तक ट्रेन रुकी रही, फिर आगे के लिए रवाना हुई थी। इस बीच सुरक्षा कर्मी कहां थे।
घटना को दबाने या झुठलाने का प्रयास तो नहीं
सुरक्षा से लेकर संचालन तक की मॉनिटरिंग, फिर भी हो गई डकैती
- फोटो : अमर उजाला
ट्रेन के पटना पहुंचने से पहले किसी को कुछ पता नहीं चल सका। पटना रेलवे स्टेशन पर राजधानी ट्रेन के यात्रियों ने जब हंगामा करना शुुरू कर दिया तब सुरक्षा कर्मियों के कान खड़े हुए और तब उन्हें पता चला कि तीन बोगियों में लूट हुई है।
जबकि सुरक्षा अधिकारियों द्वारा बताया जा रहा है गहमर स्टेशन प्रबंधक से लेकर लूप लाइन में खड़ी ट्रेन के गार्ड और ड्राईवर से पूछताछ में पता चला है कि राजधानी के सभी कोच के दरवाजे बंद थे।
कोच के दरवाजे बंद होने के बावजूद लूट की घटना को अंजाम देने के बाद बदमाशों का फरार हो जाना। यह सारी बातें कहीं न कहीं घटना को दबाने तथा झुठलाने की तरफ इशारा करती है।
जबकि सुरक्षा अधिकारियों द्वारा बताया जा रहा है गहमर स्टेशन प्रबंधक से लेकर लूप लाइन में खड़ी ट्रेन के गार्ड और ड्राईवर से पूछताछ में पता चला है कि राजधानी के सभी कोच के दरवाजे बंद थे।
कोच के दरवाजे बंद होने के बावजूद लूट की घटना को अंजाम देने के बाद बदमाशों का फरार हो जाना। यह सारी बातें कहीं न कहीं घटना को दबाने तथा झुठलाने की तरफ इशारा करती है।