फेसबुक फ्रेंड ने ही की वृद्ध की हत्या, अपहरण के ढाई महीने बाद आरोपियों तक ऐसे पहुंची पुलिस
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी में लगभग ढाई महीने पहले एक वृद्ध के गुमशुदगी का मामला सामने आया था। पुलिस ने इस मामले में पीलीभीत से तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। साथ ही पूछताछ कर रही है।
वाराणसी के चौक थाना अंतर्गत विश्वनाथ गली निवासी पद्माकर पांडेय(68) के बेटे राहुल पांडेय ने 30 जनवरी को पिता के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राहुल के अनुसार फेसबुक पर उसके पिता की दोस्ती मनीष से हुई। 16 जनवरी को मनीष उसके घर आया और बताया कि काशी घूमने आया हूं तो पद्माकर ने उसे घर पर ठहरने के लिए कह दिया।
20 जनवरी को जब मनीष घर से जाने लगा तो उसने पद्माकर को गठिया रोग का उपचार कराने के लिए लखनऊ जाने की बात की। मनीष की बात पर भरोसा कर पद्माकर इलाज के लिए उसके साथ लखनऊ चले गए। 25 जनवरी तक पद्माकर और उनकी बातचीत हुई इसके बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
30 जनवरी को पद्माकर के मोबाइल से राहुल के पास कॉल आई कि उसके पिता को गंभीर चोट आई है और वो हरदोई में हैं। हरदोई जाने पर पद्माकर का पता नहीं लगा और जिस नंबर से कॉल आई थी वो भी स्विच ऑफ हो गया था।
फेक फेसबुक एकाउंट बना कर दिया घटना को अंजाम
इसके बाद सर्विलांस के जरिए फेसबुक एकाउंट की पड़ताल की गई तो आरोपी पीलीभीत का निकला। इसको लेकर चौक थाने की पुलिस एसआई राकेश सिंह के नेतृत्व में छापेमारी की। फेसबुक पर लिखा आरोपी का नाम मनीष भी गलत निकला है। उसका असली नाम बस्ती राम राइस मिल कॉलोनी निवासी सुनील शर्मा है। फोटो देखने के बाद उसकी पहचान भी हो गई है।
बनारस पुलिस ने आरोपी के परिवार से पूछताछ की है। इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि सोमवार को तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। बुजुर्ग का शव बरामद नहीं हुआ। वारदात का जल्द खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
शुरुआती पूछताछ में पता चला कि वृद्ध का अपहरण करने के बाद उसके खाते में रुपये नहीं मिले। जिसके बाद उनके फेसबुक फ्रेंड मनीष ने अपने दोस्तों के साथ उनकी हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को पीलीभीत टाइगर रिजर्व में फेंक दिया था।