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आजमगढ़ः दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी सहित सात गिरफ्तार, हालात पर पीएमओ की नजर
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Fri, 02 Jun 2017 05:21 PM IST
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आजमगढ़ जिले के चकमेउवा गांव में 28 मई की रात कोटे के विवाद में पीट-पीटकर की गई दो लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी गांव के प्रधान राजेंद्र यादव के पास से पुलिस ने एक राइफल, एक बंदूक और ढेर सारी लाठी बरामद किया है।
रानी की सराय थाना क्षेत्र के इस गांव में इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के बाद उपजे तनाव पर सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की नजर रख रहा था। घटना वाली रात पीएमओ से दो बार और दूसरे दिन एक बार फोन कर पुलिस अधीक्षक से स्थिति की जानकारी ली गई।
वहीं मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारी भी फोन सहित अन्य माध्यमों से पल-पल की जानकारी लेते हुए कार्रवाई का निर्देश दे रहे थे। इसी सक्रियता का परिणाम रहा कि विवाद बड़ा रूप नहीं ले सका।
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दोहरा हत्याकांड फायरिंग करने की घटना के मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान राजेंद्र यादव समेत सात आरोपियों को शुक्रवार की सुबह रानी की सराय थाना क्षेत्र के बेलइसा चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी अदालत में समर्पण करने जा रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में ग्राम प्रधान 12 हजार और अन्य आरोपी पांच-पांच हजार रुपये के ईनामी थे। पुलिस इनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक रायफल, दो बंदूक और सात लाठी बरामद किया। पुलिस ने सभी का चालान कर दिया।
एसपी अजय कुमार साहनी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में राजेंद्र यादव, अमरेज यादव उर्फ गब्बर, जितेंद्र यादव उर्फ गामा, सतपाल उर्फ लालू, बबलू उर्फ कृपाशंकर, अशोक यादव और मोनू उर्फ अरुण यादव शामिल है। सभी आरोपी चकमेउवा गांव के निवासी हैं।
एसपी ने बताया कि राजेंद्र यादव गांव का प्रधान है। उसका गांव के सुदर्शन चौहान से कोटे का विवाद चलता था। पूर्व में भी कई बार यह दोनों आमने-सामने हो चुके थे। 28 मई की रात सुदर्शन चौहान अपने भतीजे राजू चौहान और पड़ोसी मुन्नीलाल चौहान के साथ रानी की सराय बाजार से घर लौट रहा था। यह तीनों अलग-अलग बाइक से थे। तीनों लोग गांव के बाहर पोखरे पर बाइक रोककर शौच कर रहे थे।
तभी राजेंद्र आदि ने हमला बोल दिया और लाठी-डंडे और ईंट से पीट पीटकर सुदर्शन और मुन्नीलाल की हत्या कर दी। जबकि राजू का शहर के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटनास्थल गांव के नजदीक होने से लोग पहुंच गए। भीड़ देख आरोपी फायर करते हुए भाग गए। घटना के संबंध में राजेंद्र यादव सहित 13 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस ने नामजद आरोपियों में से एक और तीन लोगों का नाम प्रकाश में आने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। शेष की तलाश के लिए एसपी ग्रामीण एनपी सिंह और एएसपी सतपाल अंतिल के नेतृत्व में चार टीमों का गठन किया गया था। इनकी गिरफ्तारी न होने पर प्रधान राजेंद्र यादव पर 12 हजार, शेष लोगों पर पांच-पांच हजार का ईनाम घोषित किया गया था।
शुक्रवार को यह सभी आरोपी बेलइसा चौराहे के निकट मौजूद थे। मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक रानी की सराय गिरीश चंद्र सेठ, क्राइम ब्रांच स्वाट टीम के दरोगा अश्वनी पांडेय, राजेश उपाध्याय और अरविंद यादव अपनी टीम के साथ घेराबंदी कर इन सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
यह सभी अदालत में समर्पण करने की योजना बना रहे थे। इनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक राइफल, दो बंदूक और सात लाठी बरामद कर लिया गया। एसपी ने पुलिस टीम को ईनाम देने की घोषणा की है।
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रानी की सराय थाना क्षेत्र के इस गांव में इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के बाद उपजे तनाव पर सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की नजर रख रहा था। घटना वाली रात पीएमओ से दो बार और दूसरे दिन एक बार फोन कर पुलिस अधीक्षक से स्थिति की जानकारी ली गई।
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वहीं मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारी भी फोन सहित अन्य माध्यमों से पल-पल की जानकारी लेते हुए कार्रवाई का निर्देश दे रहे थे। इसी सक्रियता का परिणाम रहा कि विवाद बड़ा रूप नहीं ले सका।
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दोहरा हत्याकांड फायरिंग करने की घटना के मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान राजेंद्र यादव समेत सात आरोपियों को शुक्रवार की सुबह रानी की सराय थाना क्षेत्र के बेलइसा चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी अदालत में समर्पण करने जा रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में ग्राम प्रधान 12 हजार और अन्य आरोपी पांच-पांच हजार रुपये के ईनामी थे। पुलिस इनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक रायफल, दो बंदूक और सात लाठी बरामद किया। पुलिस ने सभी का चालान कर दिया।
एसपी अजय कुमार साहनी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में राजेंद्र यादव, अमरेज यादव उर्फ गब्बर, जितेंद्र यादव उर्फ गामा, सतपाल उर्फ लालू, बबलू उर्फ कृपाशंकर, अशोक यादव और मोनू उर्फ अरुण यादव शामिल है। सभी आरोपी चकमेउवा गांव के निवासी हैं।
एसपी ने बताया कि राजेंद्र यादव गांव का प्रधान है। उसका गांव के सुदर्शन चौहान से कोटे का विवाद चलता था। पूर्व में भी कई बार यह दोनों आमने-सामने हो चुके थे। 28 मई की रात सुदर्शन चौहान अपने भतीजे राजू चौहान और पड़ोसी मुन्नीलाल चौहान के साथ रानी की सराय बाजार से घर लौट रहा था। यह तीनों अलग-अलग बाइक से थे। तीनों लोग गांव के बाहर पोखरे पर बाइक रोककर शौच कर रहे थे।
तभी राजेंद्र आदि ने हमला बोल दिया और लाठी-डंडे और ईंट से पीट पीटकर सुदर्शन और मुन्नीलाल की हत्या कर दी। जबकि राजू का शहर के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटनास्थल गांव के नजदीक होने से लोग पहुंच गए। भीड़ देख आरोपी फायर करते हुए भाग गए। घटना के संबंध में राजेंद्र यादव सहित 13 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस ने नामजद आरोपियों में से एक और तीन लोगों का नाम प्रकाश में आने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। शेष की तलाश के लिए एसपी ग्रामीण एनपी सिंह और एएसपी सतपाल अंतिल के नेतृत्व में चार टीमों का गठन किया गया था। इनकी गिरफ्तारी न होने पर प्रधान राजेंद्र यादव पर 12 हजार, शेष लोगों पर पांच-पांच हजार का ईनाम घोषित किया गया था।
शुक्रवार को यह सभी आरोपी बेलइसा चौराहे के निकट मौजूद थे। मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक रानी की सराय गिरीश चंद्र सेठ, क्राइम ब्रांच स्वाट टीम के दरोगा अश्वनी पांडेय, राजेश उपाध्याय और अरविंद यादव अपनी टीम के साथ घेराबंदी कर इन सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
यह सभी अदालत में समर्पण करने की योजना बना रहे थे। इनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक राइफल, दो बंदूक और सात लाठी बरामद कर लिया गया। एसपी ने पुलिस टीम को ईनाम देने की घोषणा की है।