यूपी के मऊ जिले में बदमाशों ने सोमवार शाम को घर में घुसकर एक लेखपाल को गोली मार दी। लेखपाल की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल के बाद एक को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मंगलवार सुबह परीजन शहीद का दर्जा देने और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने के साथ ही मृतक के दोनों पुत्रों को नौकरी दिए जाने की मांग को लेकर अड़ गए। परिवार के सदस्य और लेखपाल संघ ने चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक शब का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। आगे की स्लाइड्स में देखें निर्मम हत्या के बाद का खौफनाक मंजर...
मूलरुप से मऊ के घोसी कोतवाली क्षेत्र के अरियासों गांव निवासी धीरज सिंह पुत्र रामाश्रय सिंह पेशे से लेखपाल थे, वर्तमान समय में उनकी तैनाती सदर तहसील क्षेत्र में थी। इस वक्त वो निजामुद्दीनपुर के साथ रस्तीपुर क्षेत्र के लेखपाल थे। वर्ष 2005 में बसपा शासनकाल में धीरज सिंह की तैनाती सदर तहसील में हुई। तब से आज तक वो शहर क्षेत्र के लेखपाल रहें। इस दौरान धीरज सिंह शहर कोतवाली क्षेत्र के सहादतपुरा मुहल्ला स्थित गौतम बिहार कालोनी में मकान बनवाकर रहते थे।
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lekhpal murder case
- फोटो : amar ujala
सोमवार की शाम उनकी पत्नी रीता सिंह बाजार जाने के लिए तैयार हुई। तभी किसान सम्मान निधि का फार्म जमा करने की जानकारी करने के नाम पर धीरज के घर पर पांच लोग आए। धीरज ने पत्नी को चाय बनाने के लिए कहा, लेकिन आगंतुकों ने चाय पीने से मना कर दिया।
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इसके बाद उनकी पत्नी बाजार चली गई। पत्नी के अनुसार उन्हें उनके पति ने फोनकर जल्दी आने को बोला। जब वो घर लौटी तो पोर्च में पति की खून से सनी लाश पड़ी थी। पास में मोबाइल पड़ा था, इसबीच उनके ससुर भी वहां पहुंच गए।
पत्नी ने बताया कि आने वाले पांच लोगों ने ही लेखपाल की गोली मारकर हत्या किया। मौके से फायर शुदा चार कारतूस के साथ एक कारतूस बरामद हुआ। बदमाशों ने लेखपाल को मौत की नींद सुलाने के लिए चार गोलियां मारी, इसमें एक गोली सिर में शेष शरीर के अलग-अलग हिस्सों में लगी है। घटना की सूचना मिलने पर डीएम प्रकाश बिंदु और एसपी सुरेंद्र बहादुर, अपर पुलिस अधीक्षक के साथ कई थाने की पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी गई थी।