फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Illegal cracker factory busted in chandauli by UP police

चंदौली में अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़, बरामद हुआ बारूद का जखीरा

Tue, 20 Mar 2018 08:39 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला,चंदौली
क्राइम डेस्क, अमर उजाला,चंदौली Updated Tue, 20 Mar 2018 08:39 PM IST
विज्ञापन
 Illegal cracker factory busted in chandauli by UP police
बारूद, गंधक सहित बम बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद - फोटो : अमर उजाला
यूपी के चंदौली जिले की कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को घनी आबादी के बीच अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस की छापेमारी में फैक्ट्री से 60 किलोग्राम बारूद, 30 किलोग्राम गंधक पाउडर, 130 सुतली बम, आठ किलोग्राम लोहे व पांच किलोग्राम एल्युमिनियम का बुरादा सहित बम बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद हुआ।
विज्ञापन


बाद में कोतवाली में एसपी संतोष कुमार सिंह ने पत्रकारों के समक्ष कार्रवाई का खुलासा किया। बताया कि पटाखा फैक्ट्री संचालन के आरोप में  जलीलपुर पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत मढ़िया गांव निवासी उस्मान अली उर्फ गुड्डू व अब्दुला उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन


एसपी ने बताया कि दोनों पहले वाराणसी के पितरकुंडा क्षेत्र में रहते थे और लगभग एक वर्ष पूर्व मढ़िया में अपना मकान लेकर रह रहे थे। बताया कि पकड़े गए आरोपियों के अन्य कनेक्शन को खंगाला जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


साथ ही इस बात की तस्दीक भी की जा रही है कि यहां बनने वाले पटाखे कहीं किसी असामाजिक व्यक्तियों को तो नहीं जाते थे। एसपी ने बताया कि बरामद बारूद को वाराणसी से आए बम डिस्पोजल टीम को सौंप दिया गया है, जो उसे खाली स्थान पर ले जाकर नष्ट कर देगी।

एसपी ने टीम में शामिल पुलिस कर्मियों को10 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
 

मुबंई में सीखा था बारूद से पटाखा बनाना

 Illegal cracker factory busted in chandauli by UP police
पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
घनी आबादी के बीच अवैध पटाखा फैक्ट्री चलाने के आरोप में पकड़े गए उस्मान और अब्दुला दोनों आपस में रिश्तेदार हैं। सूत्रों के अनुसार उस्मान पांच साल मुंबई में बीता चुका है और उसने वहीं बारूद से पटाखा बनाने का हुनर सीखा था। पुलिस के अनुसार जितना सामान घर में रखा था यदि उसमें ब्लास्ट हो जाता तो काफी ज्यादा क्षति हो सकती थी। 

होली या दीपावली पर्व आते ही पुलिस पटाखा कारोबार से जुड़े लोगों की जांच पड़ताल को लेकर सक्रिय हो जाती है लेकिन समय बीतने के बाद इन पर विभाग की कोई नजर नहीं रहती। वहीं लोकल इंटेलिजेंस यूनिट की सुस्त चाल के चलते ऐसे कारखाने पकड़ में नहीं आ पाते है।

बता दें कि 28 फरवरी 2017 को जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र चकिया में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट होने के बाद पुलिस को इसकी भनक लगी थी। पुलिस के अनुसार 26 अक्टूबर 2016 को वाराणसी के पितरकुंड स्थित एक मकान में चल रही पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद उस्मान और अब्दुला वहां अपनी संपत्ति बेचकर मढ़िया में आकर रह रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed