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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Former district jail warden suspended Vijay Rai

जिला जेल के पूर्व जेलर विजय राय निलंबित

Thu, 07 Apr 2016 02:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी Updated Thu, 07 Apr 2016 02:14 AM IST
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जिला कारागार में शनिवार को हुए बवाल के दौरान अधीक्षक आशीष तिवारी को बैरक में बंदियों के बीच छोड़कर जेल से बाहर भागने के आरोप में पूर्व जेलर विजय कुमार राय को एडीजी/आईजी जेल देवेंद्र चौहान ने बुधवार की रात निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई की पुष्टि डीआईजी जेल एसके श्रीवास्तव ने की है। ध्यान हो कि पूर्व जेलर विजय कुमार राय को जिला जेल से हटाकर मंगलवार को ही डीआईजी जेल कार्यालय इलाहाबाद से संबद्ध कर दिया गया था।
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जिला जेल में शनिवार को साढ़े सात घंटे तक बंदियों ने पूर्व अधीक्षक आशीष तिवारी को बंधक बना रखा था। इस दौरान अधीक्षक, डिप्टी जेलर अजय राय सहित अन्य जेल कर्मियों की पिटाई कर बंदियों ने जेल में जमकर तोड़फोड़ और पथराव किया था। जिसके बाद जेल कर्मियों को स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। उधर, इस संबंध में निलंबित जेलर विजय कुमार राय ने कहा कि पूर्व जेल अधीक्षक आशीष तिवारी और डीआईजी एसके श्रीवास्तव की मिलीभगत का परिणाम है यह कार्रवाई। मुझे पहले से ही आशंका थी कि डीआईजी जेल निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करेंगे। इसीलिए मैने स्वतंत्र एजेंसी से जिला जेल के बवाल की जांच की मांग की थी। कहा कि मामले को लेकर वे चुप नहीं बैठेंगे। जरूरत पड़ी तो उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
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 जिला जेल में दो दिनों तक हुए बवाल के मद्देनजर जिला प्रशासन ने वहां अपनी निगरानी सख्त कर दी है। डीएम राजमणि यादव ने एसीएम चतुर्थ रामशिरोमणि को जेल का प्रभार सौंपा है। बुधवार को डीएम की ओर से एसीएम चतुर्थ की सहायता के लिए छह और मजिस्ट्रेट दिए गए। इन मजिस्ट्रेटों के जरिए एसीएम चतुर्थ जेल की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। इसकी रिपोर्ट डीएम को प्रतिदिन भेजी जाएगी। इसके अलावा, इस पूरी व्यवस्था की मॉनीटरिंग सीडीओ विशाखजी करेंगे। डीएम ने उन्हें वरिष्ठ प्रभार सौंपा है। एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय ने बताया कि जेल प्रभारी के सहयोग के लिए छह मजिस्ट्रेटों में एक प्रशिक्षु आईएएस, एक प्रशिक्षु पीसीएस के अलावा, एसीएम, एसडीएम सदर, एएसडीओ, तहसीलदार को लगाया गया है। इसके अलावा दो शिफ्टों में उन्हें पुलिस के पांच-पांच जवान दिए गए हैं ताकि जेल की कानून व्यवस्था को बरकरार रखने में किसी तरह की दिक्कत न आने पाए। प्रशासन का पूरा ध्यान जेल में बंदियों को मिलने वाले भोजन और नाश्ते की व्यवस्था पर है। इसके अलावा मुलाकातियों पर भी नजर रखी जा रही है। खानपान और मिलने आने वालों से होने वाले दुर्व्यवहार से ही बंदी क्षुब्ध थे। इसके चलते जिला प्रशासन ने इन दोनों बिंदुओं पर फोकस किया है। जेल प्रभारी छह मजिस्ट्रेटों को अपनी सुविधानुसार चार-चार घंटे की शिफ्ट में रख सकेंगे। इसके अलावा, घटना की मजिस्ट्रेटी जांच कर रहे सिटी मजिस्ट्रेट एसएन शुक्ल के सहयोग के लिए प्रशिक्षु आईएएस अभिषेक आनंद को दिया गया है।
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