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घर से भागे गाजीपुर के पांच बच्चे वाराणसी कैंट से लापता
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 16 Feb 2017 09:46 PM IST
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बच्चों की खोजबीन के लिए कैमरों की फुटेज खंगाली गई
- फोटो : अमर उजाला
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गाजीपुर के नंदगंज गांव के रहने वाले 13 से 15 साल की उम्र के पांच बच्चे वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से लापता हो गए हैं। इनमें तीन एक ही परिवार के हैं जबकि दो पड़ोस के रहने वाले हैं। उन्हें ढूंढते हुए गुरुवार को कैंट स्टेशन आए परिवारीजनों ने जीआरपी और आरपीएफ से फरियाद लगाई।
पता चला कि बच्चों ने फोन कर परिवारवालों को अपने कैंट स्टेशन पर होने की जानकारी दी थी। बच्चों की खोजबीन के लिए स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
देर शाम इन बच्चों के नई दिल्ली में होने की सूचना जीआरपी को मिली। उसके बाद परिवारीजन नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।
इधर मामले की संवदेनशीलता को देखते हुए फिलहाल आरपीएफ और जीआरपी ने कोई विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया है।
घरवालों ने भी मीडिया को कोई खास जानकारी नहीं दी। सिर्फ इतना पता चला कि पांचों बच्चे पढ़ाई के लिए घरवालों की डांट-फटकार से क्षुब्ध थे।
इन बच्चों के परिवारीजनों में एक गाजीपुर के राजस्व विभाग में कार्यरत कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि लापता पांचों बच्चों में शिवम, शिब्बू, गोल्डेन एक ही परिवार के हैं जबकि अतुल और छोटू पड़ोस के हैं।
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इनकी उम्र 13 से 15 साल के बीच है। कृष्ण कुमार का कहना है कि बच्चों ने गुरुवार की सुबह कैंट रेलवे स्टेशन से घर फोन किया और बताया कि वे सभी कैंट रेलवे स्टेशन पर हैं। परिवारीजन यहां आए तो उनका कहीं पता नहीं चला।
तब उन्होंने जीआरपी और आरपीएफ से संपर्क किया। आरपीएफ के कंपनी कमांडर सतीश के अर्जुन के निर्देश पर स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। खासकर प्लेटफार्म नंबर नौ से आने-जाने वाली ट्रेनों में भी छानबीन की गई।
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पता चला कि बच्चों ने फोन कर परिवारवालों को अपने कैंट स्टेशन पर होने की जानकारी दी थी। बच्चों की खोजबीन के लिए स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
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देर शाम इन बच्चों के नई दिल्ली में होने की सूचना जीआरपी को मिली। उसके बाद परिवारीजन नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।
इधर मामले की संवदेनशीलता को देखते हुए फिलहाल आरपीएफ और जीआरपी ने कोई विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया है।
घरवालों ने भी मीडिया को कोई खास जानकारी नहीं दी। सिर्फ इतना पता चला कि पांचों बच्चे पढ़ाई के लिए घरवालों की डांट-फटकार से क्षुब्ध थे।
इन बच्चों के परिवारीजनों में एक गाजीपुर के राजस्व विभाग में कार्यरत कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि लापता पांचों बच्चों में शिवम, शिब्बू, गोल्डेन एक ही परिवार के हैं जबकि अतुल और छोटू पड़ोस के हैं।
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इनकी उम्र 13 से 15 साल के बीच है। कृष्ण कुमार का कहना है कि बच्चों ने गुरुवार की सुबह कैंट रेलवे स्टेशन से घर फोन किया और बताया कि वे सभी कैंट रेलवे स्टेशन पर हैं। परिवारीजन यहां आए तो उनका कहीं पता नहीं चला।
तब उन्होंने जीआरपी और आरपीएफ से संपर्क किया। आरपीएफ के कंपनी कमांडर सतीश के अर्जुन के निर्देश पर स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। खासकर प्लेटफार्म नंबर नौ से आने-जाने वाली ट्रेनों में भी छानबीन की गई।