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जौनपुर : हत्यारोपी पांच सगे भाइयों को आजीवन कारावास
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Wed, 07 Jun 2017 06:08 PM IST
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जौनपुर जिले के गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के गौराडिहवा गांव में नौ वर्ष पूर्व गंवई रंजिश को लेकर हुई मारपीट और हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय मनोज कुमार सिंह गौतम ने पांच सगे भाइयों को बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही 56-56 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया। कहा कि अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि मृतक के विधिक वारिस व 10-10 प्रतिशत दोनों घायलों को दिया जाए। अभियोजन कथानक के अनुसार, गौराडिहवा निवासी देवानंद शर्मा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के ही मुन्ना उर्फ असलम, मुश्ताक उर्फ पिंकू, अशफाक उर्फ बाबू, मुस्लिम और अकरम पुत्रगण असगर 20 मई 2008 की सुबह 7:30 बजे गंवई दुश्मनी को लेकर लाठी डंडा व राड से लैस होकर अपनी दुकान/घर पर घात लगाए मौजूद थे।
जैसे ही मेरा चचेरा भाई परविंद उर्फ डब्लू, भाई बृजेश शर्मा और बेटा विकेश शर्मा उनकी दूकान के सामने पहुंचे तभी आरोपियों ने उनपर लाठी, डंडे और राड से हमला कर घायल कर दिया। आरोपियों के आतंक से बाजार में भगदड़ मच गई।
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दूकानें बंद हो गई और लोग घरों दुबक गए थे। जौनपुर आजमगढ़ मार्ग अवरुद्ध हो गया। कस्बे का माहौल बिगड़ गया। पुलिस बल के आने पर माहौल शांत हुआ था। घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। जहां डाक्टर ने परविंद को मृत घोषित कर दिया था।
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता जवाहरलाल यादव व ज्ञानेंद्र कुमार यादव ने कुल सात गवाह पेश किए।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस और तर्कों को सुना और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोक के बाद पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई।
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साथ ही 56-56 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया। कहा कि अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि मृतक के विधिक वारिस व 10-10 प्रतिशत दोनों घायलों को दिया जाए। अभियोजन कथानक के अनुसार, गौराडिहवा निवासी देवानंद शर्मा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के ही मुन्ना उर्फ असलम, मुश्ताक उर्फ पिंकू, अशफाक उर्फ बाबू, मुस्लिम और अकरम पुत्रगण असगर 20 मई 2008 की सुबह 7:30 बजे गंवई दुश्मनी को लेकर लाठी डंडा व राड से लैस होकर अपनी दुकान/घर पर घात लगाए मौजूद थे।
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जैसे ही मेरा चचेरा भाई परविंद उर्फ डब्लू, भाई बृजेश शर्मा और बेटा विकेश शर्मा उनकी दूकान के सामने पहुंचे तभी आरोपियों ने उनपर लाठी, डंडे और राड से हमला कर घायल कर दिया। आरोपियों के आतंक से बाजार में भगदड़ मच गई।
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दूकानें बंद हो गई और लोग घरों दुबक गए थे। जौनपुर आजमगढ़ मार्ग अवरुद्ध हो गया। कस्बे का माहौल बिगड़ गया। पुलिस बल के आने पर माहौल शांत हुआ था। घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। जहां डाक्टर ने परविंद को मृत घोषित कर दिया था।
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता जवाहरलाल यादव व ज्ञानेंद्र कुमार यादव ने कुल सात गवाह पेश किए।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस और तर्कों को सुना और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोक के बाद पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई।