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नशे में धुत चालक ने भीड़ को रौंदा, एक की मौत, 40 घायल
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 22 Jun 2016 01:30 AM IST
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दीनदयाल अस्पताल के बाहर चक्काजाम करते लोग।
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शराब के नशे में धुत बोलेरो चालक ने मंगलवार को जंसा के आपी निवासी रमेश राम के परिवार की हंसी-खुशी के माहौल को गमगीन कर दिया। रमेश की बेटी सुमन की शादी के लिए बधावा लेकर मिर्जापुर से उसके नाना जवाहिर बोलेरो से आए थे। बैंड-बाजा की धुन पर महिलाओं, बच्चों और पुरुषों ने नाना का स्वागत किया फिर सभी नाचते-गाते घर जाने लगे। इसी दौरान पीछे चल रही बोलेरो के चालक राजेंद्र ने ब्रेक की बजाय एक्सलीटेर दबा दिया, जिससे बोलेरो आगे चल रहे लोगों को रौंदते हुए खाई में जाकर पलट गई। घटना में रमेश के रिश्तेदारी की सुशीला (30) की मौत हो गई और 40 लोग घायल हो गए। घायलों में नौ की हालत गंभीर है। बोलेरो को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है, जबकि आरोपी चालक फरार हो गया है।
आपी निवासी रमेश की बेटी सुमन की शादी मंगलवार को आशापुर के विनोद बाबू से होनी थी। दिन में ही शादी थी और सभी बारात का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच मिर्जापुर के चुनार के रामगढ़ प्रेमापुर निवासी जवाहिर ने रमेश को फोन किया कि वह बोलेरो से बधावा लेकर आ रहा है, परिवार के सभी लोग बैंड-बाजा के साथ सड़क पर आएं। परिवार के सभी लोग सड़क पर पहुंचे और जवाहिर का स्वागत कर बैंड की धुन पर थिरकते हुए घर लौटने लगे। पीछे बोलेरो चल रही थी और उसमें सुमन का मामा बबलू और चालक राजेंद्र थे। थोड़ी दूर चलने के बाद अचानक बोलेरो की रफ्तार बहुत तेज हुई और आगे चल रहे लोगों को रौंदती हुई खाई में जाकर पलट गई।
घायल लोग मदद के लिए चीखने-चिल्लाने लगे। ग्रामीणों की मदद से 17 लोगों को सीएचसी हाथी, 10 को दीनदयाल अस्पताल और शेष को मंडलीय अस्पताल व जंसा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दीनदयाल अस्पताल पहुंचने से पहले ही रामगढ़ प्रेमापुर के पुतुल्ली की पत्नी सुशीला की मौत हो गई। इस पर परिवार के लोगों को गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शव अस्पताल के गेट पर रखकर चक्काजाम कर दिया। सूचना पाकर पहुंचे सीओ राजकुमार यादव ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इसी बीच दुर्घटना की जानकारी लड़के वालों को दी गई और बारात न लाने का अनुरोध किया गया। लड़के वाले राजी हो गए और सुमन की शादी नहीं हो सकी।
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रोते हुए खुद को कोस रही थी सुमन
हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। घायल लोग दहशत के मारे सिर्फ मदद के लिए शोर मचा रहे थे वहीं ग्रामीणों को भी काफी देर तक समझ में ही नहीं आया कि अचानक क्या हो गया है। किसी तरह से घायलों को अस्पताल भेजा गया। सुमन की शादी के लिए परिवार के लोग सुबह से ही तैयारियों में जुटे थे। स्वागत से लेकर नाश्ता, भोजन और सुमन की विदाई की तैयारियां कर ली गई थी।
सुमन को विदाई में देने के लिए मंगाया सामान अलग कर पैक कर रखा हुआ था। दुर्घटना के बाद सुमन का रो-रोकर बुरा हाल था। वह अपने आपको कोस रही थी। उसे परिवार के लोग समझा रहे थे लेकिन उसकी आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे। नाना भी रोये जा रहे थे। उसका कहना था कि उसे नहीं पता था कि जिस बोलेरो से वह आ रहा है, वही उसकी नातिन की खुशियों पर भारी पड़ेगी। घायलों में महेंद्र (40), टिंकू (डेढ़ साल), नीतू (10), निशा (10), काजल (10), मौसम (10), नीलू (10), खुशबू (12), शुभावती (30), फूलकुमारी (30), आंसू (13), पूजा (13), अन्नू (6), मुन्नू (2), पिंकू (15), दीप्ति (3), चिंता (50), माधुरी (12), नसीम (22), साजन (35), अंतिमा (10), नेहा (9), सपना (18), सूर्यबली (25), रानी (10) सहित अन्य लोग शामिल हैं।
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आपी निवासी रमेश की बेटी सुमन की शादी मंगलवार को आशापुर के विनोद बाबू से होनी थी। दिन में ही शादी थी और सभी बारात का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच मिर्जापुर के चुनार के रामगढ़ प्रेमापुर निवासी जवाहिर ने रमेश को फोन किया कि वह बोलेरो से बधावा लेकर आ रहा है, परिवार के सभी लोग बैंड-बाजा के साथ सड़क पर आएं। परिवार के सभी लोग सड़क पर पहुंचे और जवाहिर का स्वागत कर बैंड की धुन पर थिरकते हुए घर लौटने लगे। पीछे बोलेरो चल रही थी और उसमें सुमन का मामा बबलू और चालक राजेंद्र थे। थोड़ी दूर चलने के बाद अचानक बोलेरो की रफ्तार बहुत तेज हुई और आगे चल रहे लोगों को रौंदती हुई खाई में जाकर पलट गई।
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घायल लोग मदद के लिए चीखने-चिल्लाने लगे। ग्रामीणों की मदद से 17 लोगों को सीएचसी हाथी, 10 को दीनदयाल अस्पताल और शेष को मंडलीय अस्पताल व जंसा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दीनदयाल अस्पताल पहुंचने से पहले ही रामगढ़ प्रेमापुर के पुतुल्ली की पत्नी सुशीला की मौत हो गई। इस पर परिवार के लोगों को गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शव अस्पताल के गेट पर रखकर चक्काजाम कर दिया। सूचना पाकर पहुंचे सीओ राजकुमार यादव ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इसी बीच दुर्घटना की जानकारी लड़के वालों को दी गई और बारात न लाने का अनुरोध किया गया। लड़के वाले राजी हो गए और सुमन की शादी नहीं हो सकी।
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रोते हुए खुद को कोस रही थी सुमन
हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। घायल लोग दहशत के मारे सिर्फ मदद के लिए शोर मचा रहे थे वहीं ग्रामीणों को भी काफी देर तक समझ में ही नहीं आया कि अचानक क्या हो गया है। किसी तरह से घायलों को अस्पताल भेजा गया। सुमन की शादी के लिए परिवार के लोग सुबह से ही तैयारियों में जुटे थे। स्वागत से लेकर नाश्ता, भोजन और सुमन की विदाई की तैयारियां कर ली गई थी।
सुमन को विदाई में देने के लिए मंगाया सामान अलग कर पैक कर रखा हुआ था। दुर्घटना के बाद सुमन का रो-रोकर बुरा हाल था। वह अपने आपको कोस रही थी। उसे परिवार के लोग समझा रहे थे लेकिन उसकी आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे। नाना भी रोये जा रहे थे। उसका कहना था कि उसे नहीं पता था कि जिस बोलेरो से वह आ रहा है, वही उसकी नातिन की खुशियों पर भारी पड़ेगी। घायलों में महेंद्र (40), टिंकू (डेढ़ साल), नीतू (10), निशा (10), काजल (10), मौसम (10), नीलू (10), खुशबू (12), शुभावती (30), फूलकुमारी (30), आंसू (13), पूजा (13), अन्नू (6), मुन्नू (2), पिंकू (15), दीप्ति (3), चिंता (50), माधुरी (12), नसीम (22), साजन (35), अंतिमा (10), नेहा (9), सपना (18), सूर्यबली (25), रानी (10) सहित अन्य लोग शामिल हैं।