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मरीजों को दी जा रही थीं एक्सपायर्ड दवाएं, डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन निलंबित
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/भदोही
Updated Fri, 03 Feb 2017 08:56 PM IST
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भदोही के चकटोडर पीएचसी का मामला
- फोटो : demo phto
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भदोही जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, चकटोडर में मरीजों को एक्सपायर्ड दवाएं बांटी जा रही थीं। मामला उजागर होने पर जिलाधिकारी ने शुक्रवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी और लैब टेक्नीशियन को निलंबित कर इनके खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया है।
साथ ही एक्सपायर्ड दवाएं सीज कर दी गईं। डीएम सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि 31 जनवरी को एसडीएम ज्ञानपुर केशवनाथ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चकटोडर का निरीक्षण किया था। उस दौरान इमरजेंसी और ओपीडी में मरीजों को जो दवाएं दी जा रही थीं, उसकी पैकिंग से उत्पादन और एक्सपायरी तिथि वाला हिस्सा काटकर निकाल दिया गया था।
कई ऐसे इंजेक्शन, टेबलेट और सिरप एक्सपायर्ड होने के बाद भी दी जा रहीं थीं।
दवाओं के पैकेट पर उत्पादन तिथि एक जनवरी 2015 और एक्सपायर्ड तिथि दिसंबर 2016 अंकित थी।
एसडीएम ने चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार से दवाओं की जांच के लिए स्टोर खोलने के लिए कहा तो उन्होंने चाबी न होने की बात कही।
एसडीएम ने निरीक्षण आख्या डीएम को दी। इसमें प्रभारी चिकित्साधिकारी पर मरीजों को जानबूझ कर गलत दवाएं देने का आरोप है।
डीएम ने शुक्रवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार और लैब टेक्नीशियन विवेक कुमार को निलंबित कर दिया।
दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का भी निर्देश दिया।
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साथ ही एक्सपायर्ड दवाएं सीज कर दी गईं। डीएम सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि 31 जनवरी को एसडीएम ज्ञानपुर केशवनाथ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चकटोडर का निरीक्षण किया था। उस दौरान इमरजेंसी और ओपीडी में मरीजों को जो दवाएं दी जा रही थीं, उसकी पैकिंग से उत्पादन और एक्सपायरी तिथि वाला हिस्सा काटकर निकाल दिया गया था।
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कई ऐसे इंजेक्शन, टेबलेट और सिरप एक्सपायर्ड होने के बाद भी दी जा रहीं थीं।
दवाओं के पैकेट पर उत्पादन तिथि एक जनवरी 2015 और एक्सपायर्ड तिथि दिसंबर 2016 अंकित थी।
एसडीएम ने चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार से दवाओं की जांच के लिए स्टोर खोलने के लिए कहा तो उन्होंने चाबी न होने की बात कही।
एसडीएम ने निरीक्षण आख्या डीएम को दी। इसमें प्रभारी चिकित्साधिकारी पर मरीजों को जानबूझ कर गलत दवाएं देने का आरोप है।
डीएम ने शुक्रवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार और लैब टेक्नीशियन विवेक कुमार को निलंबित कर दिया।
दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का भी निर्देश दिया।