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सपन डे की हत्या का मुख्य आरोपी गिरफ्तार-CHANDAULI
Updated Mon, 11 Jun 2018 01:04 AM IST
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मुगलसराय । रेलवे मालगोदाम स्थित टुआमैन कंपनी के टेक्निकल हेड सपन डे की हत्या के मुख्य आरोपी 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश राकेश सिंह उर्फ डब्बू को पुलिस ने रविवार की सुबह शास्त्री कालोनी के समीप मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बदमाश के पास से एक पिस्टल व चार कारतूस बरामद हुए हैं। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास व मारपीट, गुंडा एक्ट समेत दर्जनभर मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले में पुलिस छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। यह जानकारी एडिशनल एसपी देवेंद्रनाथ ने मुगलसराय कोतवाली में दी।
एडिशनल एसपी ने बताया कि राकेेश सिंह डेढ़ वर्ष पूर्व कंपनी के मैनेजर आलोक बोहरा से काम मांगने गया था। उस दौरान आलोक ने उसे काम दे दिया लेकिन कुछ दिनों बाद बात बिगड़ गई। उस दौरान सपन डे से भी वार्ता हुई लेकिन काम नहीं बना। एडिशनल एसपी के अनुसार जनवरी में एक बार फिर से राकेश ने काम लेने का प्रयास किया लेकिन उस दौरान आलोक बोहरा ने कार्य देने से इंकार कर दिया। यह बात राकेश को नागवार लगी। मार्च में उसकी मुलाकात रजत पटेल से हुई। दोनों ने एक साथ स्क्रैप का कार्य करने का मन बनाया लेकिन आलोक बोहरा उन्हें रोड़ा नजर आने लगा। इसके बाद अप्रैल में गाजीपुर में एक शादी में राकेश और रजत उससे मिले और वहां आलोक की हत्या की साजिश रची। फिर 12 मई को राकेश सपन डे से काम के सिलसिले में मिला लेकिन सपन ने कार्य देने से मना कर दिया। पुलिस के अनुसार 17 मई को वाराणसी स्थित नदेसर में राकेश ने साथियों को हथियार देकर आलोक को मारने को कहा था लेकिन यह बात सामने आई कि आलोक कभी-कभी आफिस आता था जबकि सपन डे को आसानी से मारा जा सकता है। इसके बाद 19 मई को सपन डे की हत्या कर दी गई।
एडिशनल एसपी ने बताया कि राकेेश सिंह डेढ़ वर्ष पूर्व कंपनी के मैनेजर आलोक बोहरा से काम मांगने गया था। उस दौरान आलोक ने उसे काम दे दिया लेकिन कुछ दिनों बाद बात बिगड़ गई। उस दौरान सपन डे से भी वार्ता हुई लेकिन काम नहीं बना। एडिशनल एसपी के अनुसार जनवरी में एक बार फिर से राकेश ने काम लेने का प्रयास किया लेकिन उस दौरान आलोक बोहरा ने कार्य देने से इंकार कर दिया। यह बात राकेश को नागवार लगी। मार्च में उसकी मुलाकात रजत पटेल से हुई। दोनों ने एक साथ स्क्रैप का कार्य करने का मन बनाया लेकिन आलोक बोहरा उन्हें रोड़ा नजर आने लगा। इसके बाद अप्रैल में गाजीपुर में एक शादी में राकेश और रजत उससे मिले और वहां आलोक की हत्या की साजिश रची। फिर 12 मई को राकेश सपन डे से काम के सिलसिले में मिला लेकिन सपन ने कार्य देने से मना कर दिया। पुलिस के अनुसार 17 मई को वाराणसी स्थित नदेसर में राकेश ने साथियों को हथियार देकर आलोक को मारने को कहा था लेकिन यह बात सामने आई कि आलोक कभी-कभी आफिस आता था जबकि सपन डे को आसानी से मारा जा सकता है। इसके बाद 19 मई को सपन डे की हत्या कर दी गई।
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