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लाडली दिवस पर बच्चियों में बंटा पोषाहार
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वाराणसी। पोषण अभियान के तहत सोमवार को आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाडली दिवस मनाया गया। इस दौरान 3 से 11 साल तक की बच्चियों में पोषाहार वितरित कर बेहतर स्वास्थ्य, एनीमिया की कमी दूर करने के साथ ही खान पान पर विशेष ध्यान देने के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बच्चियों ने एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की बधाई भी दी।
काशी विद्यापीठ ब्लॉक के चितईपुर आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित लाडली दिवस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शैल सिंह ने किशोरियों को खानपान संबंधी जानकारी देते हुए कहा कि भोजन में मेथी, पालक, बथुआ, सरसों, गुड़ आदि की मात्रा बढ़ाने की जरूरत है। इसमें लौह तत्व की मात्रा अधिक होती है। इसके अलावा अंकुरित दालों को हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ पकाकर खाने की सलाह दी। कार्यक्रम में रश्मि श्रीवास्तव, संजू, उर्मिला पटेल सहित कई महिलाएं मौजूद रही।
जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर किशोरी का पिटारा बॉक्स लगवाया गया है। इसमें किशोरियां अपने मन की बात और समस्याओं को पत्र पर लिखकर डाल देती हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पढ़कर उन बातों या समस्याओं का हल ढूंढकर बताती हैं। बहुत सी किशोरियां घर वालों के सामने अपने स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं को साझा नहीं कर पातीं इसलिए किशोरी का पिटारा बहुत कारगर साबित हो रहा है।
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काशी विद्यापीठ ब्लॉक के चितईपुर आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित लाडली दिवस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शैल सिंह ने किशोरियों को खानपान संबंधी जानकारी देते हुए कहा कि भोजन में मेथी, पालक, बथुआ, सरसों, गुड़ आदि की मात्रा बढ़ाने की जरूरत है। इसमें लौह तत्व की मात्रा अधिक होती है। इसके अलावा अंकुरित दालों को हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ पकाकर खाने की सलाह दी। कार्यक्रम में रश्मि श्रीवास्तव, संजू, उर्मिला पटेल सहित कई महिलाएं मौजूद रही।
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जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर किशोरी का पिटारा बॉक्स लगवाया गया है। इसमें किशोरियां अपने मन की बात और समस्याओं को पत्र पर लिखकर डाल देती हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पढ़कर उन बातों या समस्याओं का हल ढूंढकर बताती हैं। बहुत सी किशोरियां घर वालों के सामने अपने स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं को साझा नहीं कर पातीं इसलिए किशोरी का पिटारा बहुत कारगर साबित हो रहा है।
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