वाराणसी। काशी से काबा जाने वाले हज जायरीन को इस बार 25 हजार रुपये तक ज्यादा खर्च करने होंगे। रियाल की कीमत में उछाल आने और सऊदी अरब में मेट्रो व बस का किराया बढ़ने के कारण हज यात्रा की राशि 2.75 लाख से बढ़कर करीब तीन लाख रुपये हो गई है। यह राशि हर हाल में 20 जून तक संबंधित बैंकों में जमा करनी है। इसको लेकर जायरीन को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यही आलम है कि कोटा बढ़ने के बाद भी कम लोगों ने आवेदन किया है।
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2017 में सऊदी अरब में मेट्रो सेवा का निर्धारित शुल्क 250 रियाल था। 2018 में 400 रियाल और 2019 में यह पांच सौ रियाल कर दिया गया, जो 2017 की तुलना में लगभग दो गुना है। वहीं पिछले साल तक 391 रियाल बस का किराया निर्धारित था। सऊदी सरकार ने 2019 में किराया बढ़ाकर 800 रियाल कर दिया। पिछले साल रियाल के मुकाबले रुपये की कीमत प्रति रियाल 17.91 पैसे थी तो इस बार प्रति रियाल 18.62 रुपये है। कुर्बानी की रकम भी 500 रुपये से ज्यादा बढ़ाई गई है। डॉ. जावेद ने बताया कि कुर्बानी की रकम भी इस बार 8500 रुपये से बढ़कर 9150 रुपये हो गई है। इसके चलते हज जायरीन की संख्या में भी कमी आई है। दोबारा हज यात्रा पर जाने वाले लोगों को 37340 रुपये और शिया आवेदकों को 1867 रुपये अतिरिक्तजमा करने पड़ रहे हैं। बाबतपुर एयरपोर्ट से जायरीन की पहली उड़ान 26 जुलाई से शुरू होगी। 26 जुलाई से तीन अगस्त तक हज यात्रा के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट से विमान सेवा रहेगी। बाबतपुर एयरपोर्ट से कुल 17 फ्लाइट उड़ान भरेंगी।
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