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युवक की मौत के बाद किया सड़क जाम
Updated Tue, 06 Jun 2017 11:07 PM IST
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रसड़ा(बलिया)। कोतवाली क्षेत्र के रेखहां चौहान बस्ती गांव में रविवार की देर रात पुरानी रंजिश को लेकर हुई मारपीट में जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उमेश चौहान के मौत के बाद उनके परिवार के सदस्यों ने मंगलवार की सुबह गांव के सामने सड़क जाम कर दिया। उन्होंने हत्यारों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। सूचना मिलते ही एसडीएम रसड़ा बाबू राम, तहसीलदार मुकेश कुमार सिंह, सीओ सिटी केसी सिंह, कोतवाल अविनाश सिंह मौके पर पहुंच गए। इस दौरान अधिकारियों द्वारा मुआवजा दिलाने तथा आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार के आश्वासन पर एक घंटे बाद जाम समाप्त किया।
मालूम हो कि कोतवाली क्षेत्र के रेखाहां चौहान बस्ती निवासी जनार्दन चौहान और दिलीप चौहान में रविवार की शाम पुरानी रंजिश को लेकर कहासुनी हो गई थी। मामला ने इतना तूल पकड़ा कि दोनों पक्षों की ओर से लाठी-डंडे चलने लगे। जिसमें एक पक्ष के जगदीश चौहान, जनार्दन चौहान, उमेश चौहान, यशपाल राजपाल चौहान, हिना पुत्री जगदीश चौहान, सुशीला देवी पत्नी जनार्दन चौहान, शिमला देवी पत्नी राजाराम चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आसपास के लोगों ने सभी को सीएचसी पहुंचाया, जहां जनार्दन, जगदीश, उमेश और सुशीला की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान सोमवार को उमेश चौहान की मौत हो गई थी। शिमला देवी के तहरीर पर सात लोगों के विरुद्ध पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया था। इससे आक्रोशित परिवार के सदस्यों ने गांव के सामने सड़क को जाम कर दिया। एसडीएम के आश्वासन पर जाम समाप्त कर दिया। उधर, जाम के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
वहीं दूसरी ओर उमेश चौहान की मौत से परिवार बेसहारा हो गया है। वह संवरा चट्टी पर किराने की दूकान संचालित कर परिवार का भरण पोषण करता था। अब उसके एक पुत्र व तीन पुत्रियां की जिम्मेदारी पत्नी संजू पर आ गई है। ।
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मालूम हो कि कोतवाली क्षेत्र के रेखाहां चौहान बस्ती निवासी जनार्दन चौहान और दिलीप चौहान में रविवार की शाम पुरानी रंजिश को लेकर कहासुनी हो गई थी। मामला ने इतना तूल पकड़ा कि दोनों पक्षों की ओर से लाठी-डंडे चलने लगे। जिसमें एक पक्ष के जगदीश चौहान, जनार्दन चौहान, उमेश चौहान, यशपाल राजपाल चौहान, हिना पुत्री जगदीश चौहान, सुशीला देवी पत्नी जनार्दन चौहान, शिमला देवी पत्नी राजाराम चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आसपास के लोगों ने सभी को सीएचसी पहुंचाया, जहां जनार्दन, जगदीश, उमेश और सुशीला की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान सोमवार को उमेश चौहान की मौत हो गई थी। शिमला देवी के तहरीर पर सात लोगों के विरुद्ध पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया था। इससे आक्रोशित परिवार के सदस्यों ने गांव के सामने सड़क को जाम कर दिया। एसडीएम के आश्वासन पर जाम समाप्त कर दिया। उधर, जाम के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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वहीं दूसरी ओर उमेश चौहान की मौत से परिवार बेसहारा हो गया है। वह संवरा चट्टी पर किराने की दूकान संचालित कर परिवार का भरण पोषण करता था। अब उसके एक पुत्र व तीन पुत्रियां की जिम्मेदारी पत्नी संजू पर आ गई है। ।
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