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सात जन्मों के साथ का वादा कर उजाड़ा सुहाग, करवाचौथ के दिन उम्रकैद
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ईश्वर को साक्षी मान कर सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा करने वाले पति की पत्नी ने चार करीबियों के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। विधि का विधान देखिये, तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर दोषी पाते हुए अदालत ने करवाचौथ के दिन यानी गुरुवार को पांचों को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, वारदात के दौरान नाबालिग बेटी का मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
एडीजीसी विनय कुमार सिंह के अनुसार, चंदौली जिले के सेरुका निवासी विनोद सिंह ने 21 दिसंबर 2015 को रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। विनोद के अनुसार, उनका भाई सच्चिदानंद सिंह पत्नी अपर्णा और बेटी के साथ चितईपुर क्षेत्र की विश्वकर्मा नगर कॉलोनी में रहता था। अजनबी लोगों से अपर्णा की करीबी होने के कारण सच्चिदानंद का उससे अक्सर विवाद होता था। 18 दिसंबर 2015 को विनोद ने सच्चिदानंद को कॉल की तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। विनोद 19 दिसंबर को सच्चिदानंद के घर गए तो ताला लटका मिला। विनोद को चितईपुर क्षेत्र का कुमार यशवर्धन सिंह मिला और उसने कहा कि गलती हो गई है। अगले दिन रोहनिया क्षेत्र में शव मिलने का समाचार अखबारों में पढ़ा तो विनोद बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और भाई की शिनाख्त की। इसके बाद अपर्णा, उसकी बेटी और यशवर्धन के खिलाफ रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना के दौरान यह बात सामने आई कि मफलर से गला कसकर सच्चिदानंद की हत्या की गई थी। इसके आधार पर पुलिस ने अपर्णा, यशवर्धन और जंसा थाना के हरसोस निवासी धर्मेंद्र पटेल, अनिल प्रजापति व दिनेश पटेल के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रामचंद्र की अदालत ने पांचों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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एडीजीसी विनय कुमार सिंह के अनुसार, चंदौली जिले के सेरुका निवासी विनोद सिंह ने 21 दिसंबर 2015 को रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। विनोद के अनुसार, उनका भाई सच्चिदानंद सिंह पत्नी अपर्णा और बेटी के साथ चितईपुर क्षेत्र की विश्वकर्मा नगर कॉलोनी में रहता था। अजनबी लोगों से अपर्णा की करीबी होने के कारण सच्चिदानंद का उससे अक्सर विवाद होता था। 18 दिसंबर 2015 को विनोद ने सच्चिदानंद को कॉल की तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। विनोद 19 दिसंबर को सच्चिदानंद के घर गए तो ताला लटका मिला। विनोद को चितईपुर क्षेत्र का कुमार यशवर्धन सिंह मिला और उसने कहा कि गलती हो गई है। अगले दिन रोहनिया क्षेत्र में शव मिलने का समाचार अखबारों में पढ़ा तो विनोद बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और भाई की शिनाख्त की। इसके बाद अपर्णा, उसकी बेटी और यशवर्धन के खिलाफ रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना के दौरान यह बात सामने आई कि मफलर से गला कसकर सच्चिदानंद की हत्या की गई थी। इसके आधार पर पुलिस ने अपर्णा, यशवर्धन और जंसा थाना के हरसोस निवासी धर्मेंद्र पटेल, अनिल प्रजापति व दिनेश पटेल के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रामचंद्र की अदालत ने पांचों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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