फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   crime

भेलूपुर थाने की हवालात में चाचा-भतीजा ने जान देने की कोशिश की

Sat, 17 Aug 2019 02:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 17 Aug 2019 02:18 AM IST
विज्ञापन
crime
वाराणसी। सिगरा थाने के टॉप टेन बदमाश में शुमार दीपक बिंद और आपराधिक मामलों के आरोपी रवि ने गुरुवार की रात भेलूपुर थाने की हवालात में शरीर पर जगह-जगह ब्लेड मार कर और शर्ट के फंदे से लटक कर जान देने की कोशिश की। दोनों को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया और फिर रवींद्रपुरी स्थित एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि दोनों ने पुलिस की मुखबिरी करने से मना किया तो उनकी पिटाई की गई। पिटाई से डर कर दोनों ने जान देने की कोशिश की। इस प्रकरण से भेलूपुर थाने के पुलिसकर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है।
विज्ञापन

माधोपुर निवासी दीपक बिंद और रवि रिश्ते में चाचा-भतीजा लगते हैं। दीपक पर विभिन्न आपराधिक आरोपों में नौ और रवि पर छह मुकदमे दर्ज हैं। दीपक और रवि के अनुसार छित्तूपुर की एक युवती ने उन पर छेड़खानी का झूठा आरोप लगाया तो सिगरा पुलिस ने 13 अगस्त को दोनों को पकड़ा। इसके बाद दोनों को महमूरगंज क्षेत्र स्थित आभूषण की दुकान में बीते महीने हुई चोरी में शामिल युवकोें की फोटो दिखाकर उनको पकड़वाने को कहा गया। दोनों ने युवकों को पहचानने से इनकार किया तो उनकी पिटाई की गई और गुरुवार की शाम पूछताछ करने के लिए भेलूपुर पुलिस को सौंप दिया गया। भेलूपुर थाने में भी पुलिस ने पिटाई की तो दोनों ने लघुशंका की बात कही और टायलेट गए। टायलेट में दोनों ब्लेड देेखे तो उसे उठा कर हवालात में लेते आए। देर रात दोनों ने अपने शरीर पर जगह-जगह ब्लेड मार कर शर्ट का फंदा बनाए और लटकने की कोशिश किए। इसी बीच गश्त से लौट कर आए थानाध्यक्ष भेलूपुर नागेश कुमार सिंह की नजर हवालात पर पड़ी तो आननफानन में दोनों को अस्पताल ले जाया गया। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश सीओ भेलूपुर को दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

थानों की क्राइम टीम खुद को बताती है क्राइम ब्रांच
वारदातों का खुलासा जल्द हो, इसके लिए जिले के सभी थानों में दरोगाओं और सिपाहियों की क्राइम टीम बनाई गई है। क्राइम ब्रांच की तरह ही क्राइम टीम में शामिल पुलिसकर्मी भी सादे कपड़ों में रहते हैं। क्राइम टीम में शामिल पुलिसकर्मी किसी प्रकरण में किसी संदिग्ध को पूछताछ के लिए हिरासत में लेते हैं तो खुद को क्राइम ब्रांच से ही बताते हैं। इसे लेकर इन दिनों खासी शिकायतें सामने आ रही हैं। किसी को हिरासत में लिए जाने के बाद उसके परिजन क्राइम ब्रांच आफिस का चक्कर काटने लगते हैं और बाद में पता लगता है कि वह फला थाने की पुलिस की हिरासत में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed