IPL 2021 Auction: आईपीएल के 2021 सीजन में राजस्थान रायल्स की टीम से खेलेंगे भदोही के शिवम दूबे
भारतीय टीम के हरफनमौला खिलाड़ी एवं भदोही जिले के मानिकपुर निवासी शिवम दूबे आईपीएल के 2021 सीजन में राजस्थान रायल्स की टीम से खेलेंगे। बृहस्पतिवार को नीलामी में चार करोड़ 40 लाख में राजस्थान ने अपनी टीम के साथ उन्हें जोड़ा है। महज 50 लाख के बेस प्राइस वाले इस हरफनमौला खिलाड़ी को 2020 में आरसीबी ने पांच करोड़ में खरीदा था।
क्रिकेटर शिवम दूबे का जीवन भी काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। चौरी के मानिकपुर निवासी राजेश दूबे तीन दशक पहले मुंबई कारोबार के लिए आए और यहीं पर रहने लगे। उन्होंने जींस का कारोबार शुरू किया जो बाद में शिवम को क्रिकेटर बनाने में खत्म हो गया। आर्थिक संकट भी झेलने पड़े, लेकिन न पिता ने हिम्मत हारी और न शिवम को कोई चुनौती डगमगा पाई। जिले के युवा खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल की नीलामी अभी नहीं हो सकी है।
पिता के सपने को ही जीवन का ध्येय मान आगे बढ़े
शिवम ने अपने पिता के सपने को ही जीवन का ध्येय मान लिया था। घर में ही क्रिकेट खेलने की तैयार की गई, वहीं, सुबह-शाम घंटों प्रैक्टिस होती। शिवम को कोचिंग देने का जिम्मा खुद उनके पिता ने अपने कंधों पर उठाया। बेटे के लिए खास डाइट तैयार की। ग्राउंड में उसे दौड़ना सिखाया। रात में रोज मालिश भी करते। शिवम को रोजाना 500 गेंद फेंकते, यह सिलसिला 10 साल तक चला।
10वीं तक पढ़ाई करने वाले शिवम ने अब क्रिकेट को ही सब कुछ मान लिया था। करीब 14 वर्ष की आयु में शिवम ने चंद्रकांत पंडित से कोचिंग लेना शुरू कर दिया। राजेश दूबे ने बताया कि बेटे को आगे बढ़ाने में वह अपने जींस के कारोबार को नहीं देख सके और धीरे-धीरे वह भी खत्म हो गया। माता माधुरी ने भी हर कदम पर पिता और बेटे का साथ निभाया।
शिवम दूबे ने युवा अवस्था में ही क्रिकेट की दुनिया में एक बड़ा नाम कमा लिया है। शिवम दूबे ने 23 साल की उम्र में फरवरी 2017 में राजस्थान के खिलाफ चेन्नई में विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई के लिए अपनी शुरुआत की। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान जनवरी 2016 में मुंबई के लिए 20-20 की शुरुआत की।
दूबे का प्रथम श्रेणी में पदार्पण दिसंबर 2017 में हुआ, जब वह कर्नाटक के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेले। पहली पारी में, उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना पहला पांच विकेट लिया। 2017 में ही नवंबर में, दूबे ने रेलवे के खिलाफ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना पहला शतक बनाया। कर्नाटक के खिलाफ अपने अगले मैच में, उन्होंने पांच विकेट लिए, 54 रन पर सात विकेट लिए।