फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Country's first transgender cell will open in Kashi Vidyapeeth

Varanasi: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में खुलेगा देश का पहला ट्रांसजेंडर सेल, इसी सत्र से होगी शुरुआत

Thu, 11 May 2023 06:34 PM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Thu, 11 May 2023 06:34 PM IST
सार

वाराणसी स्थित काशी विद्यापीठ में अब ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को शैक्षणिक माहौल के साथ ही सामाजिक जीवन में आने वाली समस्याओं से निजात मिलेगी। वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र के संबद्ध 350 महाविद्यालयों में भी सेल की शाखाएं खोली जाएंगी।

विज्ञापन
Country's first transgender cell will open in Kashi Vidyapeeth
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में देश का पहला ट्रांसजेंडर सेल खुलने जा रहा है। यह सेल ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के अधिकार व सामाजिक न्याय के लिए काम करेगा। कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की पहल पर वर्तमान सत्र से इसकी शुरुआत होगी।

विज्ञापन


काशी विद्यापीठ में अब ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को शैक्षणिक माहौल के साथ ही सामाजिक जीवन में आने वाली समस्याओं से निजात मिलेगी। वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र के संबद्ध 350 महाविद्यालयों में भी सेल की शाखाएं खोली जाएंगी। ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के कॅरियर और विकास के लिए सेल योजनाएं भी तैयार करेगा।
विज्ञापन


नई शिक्षा नीति के तहत स्किल डेवलपमेंट के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक होगा। पिछले साल विश्वविद्यालय में दो ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों ने दाखिले के लिए आवेदन किया था। पहले छात्र प्राइवेट परीक्षा में शामिल होते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये भी पढ़ें: शादी समारोह से लौट रहा परिवार सड़क हादसे का शिकार, मां और मासूम बेटे की मौत, तीन घायल

सामाजिक न्याय के लिए जेंडर न्याय जरूरी

समाज कार्य विभाग के आउटरीच निदेशक प्रो. संजय ने बताया कि बताया कि ट्रांसजेंडर विद्यार्थी सामाजिक भय व शोषण के डर से अपनी पहचान छिपा कर रखते हैं। वर्तमान में लगभग 15 ट्रांसजेंडर विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। सामाजिक न्याय पर काम करना चाहते हैं तो जेंडर न्याय सबसे बड़ा मुद्दा है। जब सामाजिक न्याय की बात आती है तो हम दलित और आदिवासी पर बात करते हैं, लेकिन ट्रांसजेंडर पर कोई बात नहीं होती है। सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए जेंडर न्याय बहुत जरूरी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed