कोरोना वायरस: प्रधानमंत्री के नाम पर मास्क का झांसा देने से नहीं चूक रहे जालसाज, ऐसे कर रहे डाटा हैक
कोरोना वायरस के संक्रमण के रोकथाम और बचाव के लिए देश और दुनिया भर में चिंतन-मंथन और नए-नए वैज्ञानिक प्रयोगों का सिलसिला जारी है। इस संवेदनशील अवसर को भी कुछ लोग अपनी जेब गर्म करने के लिए अच्छे अवसर के तौर पर देख रहे हैं। यह गिरोह मोबाइल यूजर्स को कोरोना वायरस मुक्त मास्क मुफ्त में मिलने का झांसा देकर उनका निजी डेटा हैक कर उसका गलत इस्तेमाल कर रहा है।
स्मार्ट फोन यूजर्स के व्हाट्स ऐप या टेक्स्ट मैसेज इनबॉक्स में एक लिंक जालसाज भेजते हैं। लिंक पर क्लिक करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो दिखती है। उसके बाद आपका नाम, पता, मोबाइल नंबर और पिन कोड का विवरण मांग कर बताया जाता है कि जल्द ही मुफ्त में कोरोना वायरस मुक्त मास्क मिलेगा।
इस तरह की तस्वीर से बचें
इस संबंध में पूछे जाने पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने 'अमर उजाला' को बताया कि लिंक पर क्लिक करने पर कई शब्द गलत लिखे दिखते हैं। जैसे कि मास्क को माक्स लिखा गया है। जनता से जुड़ी किसी सरकारी वेबसाइट में ऐसी गंभीर त्रुटि नहीं हो सकती है। ऐसी किसी सरकारी स्कीम के बारे में हमने सुना भी नहीं है।
इस प्रकरण की जांच साइबर क्राइम सेल से कराएंगे। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने कहा कि आमजन सतर्क रहें, हैकर आपके मोबाइल में लिंक भेज कर रिमोट एक्सेस ट्रोजन मालवेयर चोरी से इंस्टाल करा सकते हैं
इसके बाद उस मालवेयर की मदद से ही आपके निजी डेटा हैक कर आपके बैंक खाते से पैसा निकाल सकते हैं या तस्वीर वगैरह का किसी अन्य तरीके से गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए ऐसी किसी भी मुफ्त या गिफ्ट या पुरस्कार या लाटरी संबंधी लिंक को कभी भी गंभीरता से न लें।