कोरोना वायरस: श्रद्धालुओं को पहले धोने होंगे हाथ, उसके बाद कर सकेंगे बाबा विश्वनाथ के दर्शन
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आस्थावानों की सुरक्षा के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। रविवार को भोग आरती के बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर श्रद्धालुओं के लिए हाथ धोने और सैनेटाइजर का इस्तेमाल करने की व्यवस्था लागू की गई।
रविवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना के प्रति जागरुक करने का अभियान शुरू हो गया। सभी प्रवेश द्वारों पर हाथ धोने और सैनेटाइजेशन के बाद ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। वहीं, अन्नपूर्ण मंदिर में भी दर्शनार्थियों को सैनेटाइजर का प्रयोग करने के बाद दर्शन-पूजन के लिए भेजा गया। अन्नपूर्णा मंदिर की ओर से कोरोना वायरस के प्रति श्रद्धालुओं को जागरूक भी किया जा रहा है। अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट के सेवादार भी मास्क पहनकर सेवा कर रहे हैं।
घाटों पर भी सतर्कता बरतने की जरूरत
बीएचयू के न्यूरोलॉजिस्ट प्रो. विजयनाथ मिश्र ने जिला प्रशासन से अपील की है कि रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट के साथ गंगा घाटों पर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम को सतर्क दृष्टि रखनी चाहिए। यहां सुबह से शाम तक सैकड़ों विदेशी सैलानियों का आना-जाना लगा रहता है। देश और विदेशी के श्रद्धालु एक साथ बैठकर गंगा आरती में शामिल होते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम को देश के सबसे बड़े ओपन थियेटर अस्सी घाट पर जागरूकता कार्यक्रम के साथ ही जांच प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
10 मई तक रहेगा कोरोना का प्रभाव
देवाश्रम ट्रस्ट के संस्थापक आध्यात्मिक गुरु डा. ब्रजनंदन महाराज ने कहा कि कोरोना वायरस का प्रभाव 10 मई तक रहेगा। इस तारीख तक भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। वर्तमान में भारत देश की कुंडली के अनुसार परिवार यानि कुटुंब भाव पर राहु का भ्रमण चल रहा है। जो जनता का भाव है उस पर अष्टमेश गुरु की दृष्टि है।
इसलिए यह परेशानी अल्प समय यानि नवरात्रि के चार दिन बाद 28 मार्च तक रहेगी। लेकिन छठें भाव का स्वामी शुक्र द्वादश रोगनाशक भाव में है। इसलिए भारत वासियों को डरने की आवश्यकता नहीं है। 10 मई को अरुण ग्रह शुक्र के नक्षत्र में गोचर करेगा। राहु का आद्रा नक्षत्र में गोचर 23 अप्रैल तक है। 23 अप्रैल से विश्व भर में स्थिति सामान्य होती हुई दिखाई देती है। लेकिन पूर्णतया 10 मई को समाप्त हो जाएगी। अत: तब तक सतर्क रहने की आवश्यकता है। अनावश्यक यात्रा और भीड़भाड़ से बचें। सावधान रहें और स्वस्थ रहें।