कोरोना वायरस: अगले आदेश तक बंद हुआ मां विंध्यवासिनी मंदिर का गर्भगृह
देश के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में शुमार मां विंध्यवासिनी दरबार का गर्भगृह बुधवार की शाम चार बजे से अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। स्थानीय प्रशासनिक भवन में बुधवार को श्री विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
अगले आदेश तक गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। केवल पारिवाल(पुजारी) ही गर्भगृह में रहेंगे। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर यह निर्णय लिया गया है। विग्रह के चरण स्पर्श, श्रद्धालुओं को अंदर बैठाकर पूजन आदि नहीं कराया जा सकेगा।
कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर देश के कई आध्यात्मिक, पर्यटन स्थल बंद कर दिए गए हैं। मिर्जापुर जिले के विंध्याचल मंदिर में दर्शन पूजन के लिए हर रोज हजारों भक्त यहां पहुंचते हैं। एहतियातन मंदिर में एक से दूसरे भक्त में संक्रमण न फैले, इसको लेकर कई दिनों से मंथन चल रहा था। प्रशासनकि अधिकारियों ने मंगलवार को पंडा समाज से गर्भगृह में प्रवेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया था।
इसको लेकर श्री विंध्य पंडा समाज ने बुधवार को बैठककर अंतिम निर्णय लेने की बात कही थी। बुधवार को जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल, एसपी डॉ धर्मवीर सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह के साथ श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी, मंत्री भानु पाठक, पूर्व अध्यक्ष राजन पाठक, प्रेम शंकर, तेजन गिरी, इंद्र प्रकाश, गुंजन मिश्रा आदि की बैठक हुई।
इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगले आदेश तक गर्भगृह को भक्तों के लिए अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। शाम चार बजे से यह निर्णय प्रभावी हो जाएगा। गर्भगृह में अंदर बैठाकर पूजन, चरण स्पर्श इत्यादि पर रोक लगा दी गई है। गर्भगृह में केवल पुजारी रहेंगे।
प्रशासनकि अधिकारियों का कहना है कि गर्भगृह में बैठाकर पूजन कराने, चरण स्पर्श आदि की प्रक्रिया में ज्यादा समय लगता है ऐसे में दर्शन पूजन के लिए कतार में लगे भक्तों को बाहर लंबा इंतजार करना पड़ता है और भीड़ बढ़ती जाती है। ऐसे में संक्रमण का खतरा ज्यादा है। अधिकारियों को भरोसा है कि नए निर्णय से भक्तों की कतार चलती रहेगी। लोग सुरक्षित और सुविधाजनक दर्शन पूजन कर सकेंगे।
मिर्जापुर के डीएम सुशील कुमार पटेल ने कहा कि गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाने को पंडा समाज स्वेच्छा से तैयार हो गया है। इससे श्रद्धालु, मां विंध्यवासिनी का सुरक्षित और सुविधाजनक दर्शन पा सकेंगे।
सिटी मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह ने बताया कि अगले आदेश तक गर्भगृह में श्रद्धालु बैठकर पूजन, चरण स्पर्श नहीं कर पाएंगे। जनहित में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है।