कोरोना से जंग: अब शहर के चौराहों पर भी लगवा सकेंगे कोविड का टीका , शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य
वाराणसी में 18 साल से 60 साल और उससे ऊपर के 29,79,345 को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। 20 जनवरी को इसमें से पहली डोज का लक्ष्य तो पूरा हो गया है लेकिन, करीब 10 लाख लोगों को दूसरी डोज नहीं लग सकी है। टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई व्यवस्था की है।
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अगर आपने अब तक कोरोना का पहला और दूसरा डोज किसी कारणवश नहीं लगवाया है और किसी वजह से आप अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। अब वाराणसी शहर के चौराहों पर बने बूथ पर भी कोरोना का टीका लगवा सकते हैं।
यहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियुक्त स्वास्थ्य कर्मी न केवल टीका लगा रहे हैं, बल्कि लोगों को टीकाकरण के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के प्रति जागरूक कर रहे हैं। जिले में 18 साल से 60 साल और उससे ऊपर के 29,79,345 को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
वाराणसी में 80 प्रतिशत किशोरों को लगा टीका
20 जनवरी को इसमें से पहली डोज का लक्ष्य तो पूरा हो गया है लेकिन, इसके सापेक्ष अब तक करीब 20 लाख लोगों को ही दूसरी डोज लग सकी है। इधर 15 से 17 साल तक के किशोरों को भी टीका लगवाया जा रहा है। इसमें निर्धारित लक्ष्य तीन लाख के सापेक्ष अब तक 80 प्रतिशत किशोरों को भी टीका लगाया जा चुका है।
अधिकारियों को मिली है टीकाकरण की जिम्मेदारी
अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से डोर-टू-डोर भी अभियान चलाकर टीका लगाया जा रहा है। इसमें पहले से बीमार लोगों के साथ ही ऐसे लोग जिन्होंने अब तक कोई भी टीका नहीं लगवाया है, उनकी अलग से सूची तैयार कराई गई है। इधर सीएमओ ने एडिशनल सीएमओ, डिप्टी सीएमओ से लेकर मेडिकल आफिसर आदि अधिकारियों को ऐसे क्षेत्र जहां टीकाकरण कम हुआ है, वहां लोगों को जागरूक कर टीका लगवाने की बात कही है।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने कहा कि जिले में शत प्रतिशत टीकाकरण करने के उद्देश्य से ही अधिक से अधिक जगहों पर बूथ बनाए गए हैं। इसके अलावा शहरी, ग्रामीण इलाकों में लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है।