काशी में कोरोना का भय: बनारस में हर दिन आते हैं सवा लाख सैलानी, संक्रमण से बचाव के लिए बरतनी होगी खास सावधानी
देश भर में अब तक इस वैरिएंट के कई मामले मिल चुके हैं। स्थानीय स्तर पर विभाग का दावा है कि कोरोना की जांच अस्पतालों में बने लैब में अब भी हो रही है, लेकिन हकीकत में यह संख्या नाकाफी है।
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देश में कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के केस सामने आने लगे हैं। ऐसे में काशी में पर्यटन व्यवसाय पर खतरा मंडरा रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। काशी में हर दिन सवा लाख से अधिक पर्यटक आते हैं। साल का अंतिम सप्ताह भी चल रहा है तो भीड़ और बढ़ने के आसार हैं।
देश भर में अब तक इस वैरिएंट के 21 मामले मिल चुके हैं। स्थानीय स्तर पर विभाग का दावा है कि कोरोना की जांच अस्पतालों में बने लैब में अब भी हो रही है, लेकिन हकीकत में यह संख्या नाकाफी है। पिछले दिनों यूपी के स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने वाराणसी समेत सभी जिलों को संक्रमण से बचाव के पूरे इंतजाम करने को कहा था। इसके बाद से यहां तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
अगले 15 दिन में आएंगे 20 लाख पर्यटक
नया साल शुरू होने वाला है। ऐसे में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा भी होगा। लोगों ने टूर ऑपरेटरों से बुकिंग करवा ली है। यहां तक कि लॉज, होटल भी बुक हो गए हैं। एक अनुमान के अनुसार अगले 15 दिन में 20 लाख से ज्यादा पर्यटकों के काशी आने की उम्मीद है।
एक नजर में हर दिन आने वालों का आंकड़ा
- ट्रेन से आने वाले 80 हजार
- बसों से आने वाले 40 हजार
- निजी वाहन से 50 हजार
- हवाई जहाज से 5 हजार
मौसमी बीमारियों के मरीजों में भी इजाफा
पिछले 15 दिन से मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन में धूप, पछुआ हवाओं में नमी और रात में ठंड का एहसास हो रहा है। दिन और रात के तापमान में भी उतार-चढ़ाव हो रहा है। इस वजह से सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार सहित अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने लगी है। ओपीडी में लाइन लग रही है।
विदेशों में जेएन.1 वैरिएंट ज्यादा प्रभावी
कोरोना के वैरिएंट पर अध्ययन करने वाले बीएचयू जूलॉजी डिपार्टमेंट के प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे का कहना है कि कोविड का जेएन.1 वैरिएंट इस समय विदेशों में ज्यादा प्रभावी है। देश में अभी घबराने की जरूरत नहीं है। सिंगापुर के आंकड़ों पर गौर करें तो मृत्यु दर बहुत कम है। इस वैरिएंट से अगर कोई एक व्यक्ति संक्रमित हुआ है तो उसने तीन लोगों को संक्रमित किया है। हालांकि भारत में इसको लेकर अध्ययन चल रहा है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
जरूरत पड़ने पर यहां करवा सकेंगे निशुल्क जांच
- बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल
- मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा
- दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल
- शास्त्री अस्पताल रामनगर
आईएमएस बीएचयू में हर दिन पांच से छह सैंपल की जांच
आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी लैब में हर दिन कोरोना के पांच से छह सैंपल की जांच हो रही है। प्रो. गोपाल नाथ का कहना है कि 2022 के बाद से सामूहिक रूप
से सैंपल आना बंद हो गए हैं, लेकिन लैब में जांच बंद नहीं हुई। अभी भी निजी अस्पतालों से जरूरत के हिसाब से मरीजों का सैंपल आ रहे हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर जिले में सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। अस्पतालों में कोविड जांच के लिए केमिकल, किट सहित सभी जरूरी सामान भी है। शासन स्तर से गाइडलाइन का इंतजार है। - डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ