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अजब गजब : कलेक्टर, दरोगा, अमेरिका कर रहे चुनाव प्रचार
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Sat, 11 Feb 2017 09:20 PM IST
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चुनाव
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चुनार विधानसभा क्षेत्र में कलेक्टर, वकील, सिपाही, दरोगा, मुख्तार तो चुनाव में हवा बना रहे हैं। ये पदनाम नहीं बल्कि व्यक्तियों के नाम हैं और बकायदा मतदाता सूची में हैं। इतना ही नहीं अमेरिका एवं भोपाल नाम के समर्थक भी चुनाव प्रचार में दिखाई दे रहे हैं।
चायखानों में लोग इनकी चुटकी भी लेते हैं और कहते हैं कि यदि आपका नाम पदनाम होता तो आचार संहिता के दायरे में आ जाते। चुनार विधानसभा क्षेत्र में चुनाव की तारीख ज्यों-ज्यों नजदीक आती जा रही है, प्रचार भी तेज हो रहा है।
अब प्रत्याशियों के साथ कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि गांवों के वोटर भी जुड़ने लगे हैं। कलेक्टर, वकील, दरोगा, सिपाही, मुख्तार, भोपाल व अमेरिका नाम वाले वोटर भी प्रचार करते दिखाई दे रहे हैं। विकास खंड जमालपुर के रीवां, सेमरा, हसौली, जमालपुर मतदाता सूची में इन नामों के कई वोटर हैं।
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उनमें से कुछ बाकायदा किसी न किसी प्रत्याशी का प्रचार भी कर रहे हैं। इलाके में अफसरों के पदनाम, शहरों और देश के नाम पर बच्चों के नामकरण की परंपरा पुरानी है। सिपाही व दरोगा नाम तो लोग अक्सर अपने बच्चों का रख देते हैं।
सिपाही और दरोगा नाम के वोटर रीवां, वकील व मुख्तार नाम के सेमरा, कलेक्टर नाम के मतदाता हसौली गांव में हैं, जो प्रचार में लगे हैं। वहीं भोपाल नाम के वोटर जमालपुर एवं अमेरिका नाम का मतदाता देवरी व शेरवां गांव के दो निवासी है।
ऐसे नामों के वोटर जिस गांवाें में प्रचार प्रसार के लिए चले जा रहे हैं, और जब ये आपस में अपने नामों का संबोधन कर रहे हैं तो ग्रामीण चर्चा करने लग रहे हैं कि कहीं यह सरकारी कर्मचारी तो नहीं हैं, तब उन्हें बताना पड़ रहा है कि उनका नाम ही यही है।
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चायखानों में लोग इनकी चुटकी भी लेते हैं और कहते हैं कि यदि आपका नाम पदनाम होता तो आचार संहिता के दायरे में आ जाते। चुनार विधानसभा क्षेत्र में चुनाव की तारीख ज्यों-ज्यों नजदीक आती जा रही है, प्रचार भी तेज हो रहा है।
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अब प्रत्याशियों के साथ कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि गांवों के वोटर भी जुड़ने लगे हैं। कलेक्टर, वकील, दरोगा, सिपाही, मुख्तार, भोपाल व अमेरिका नाम वाले वोटर भी प्रचार करते दिखाई दे रहे हैं। विकास खंड जमालपुर के रीवां, सेमरा, हसौली, जमालपुर मतदाता सूची में इन नामों के कई वोटर हैं।
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उनमें से कुछ बाकायदा किसी न किसी प्रत्याशी का प्रचार भी कर रहे हैं। इलाके में अफसरों के पदनाम, शहरों और देश के नाम पर बच्चों के नामकरण की परंपरा पुरानी है। सिपाही व दरोगा नाम तो लोग अक्सर अपने बच्चों का रख देते हैं।
सिपाही और दरोगा नाम के वोटर रीवां, वकील व मुख्तार नाम के सेमरा, कलेक्टर नाम के मतदाता हसौली गांव में हैं, जो प्रचार में लगे हैं। वहीं भोपाल नाम के वोटर जमालपुर एवं अमेरिका नाम का मतदाता देवरी व शेरवां गांव के दो निवासी है।
ऐसे नामों के वोटर जिस गांवाें में प्रचार प्रसार के लिए चले जा रहे हैं, और जब ये आपस में अपने नामों का संबोधन कर रहे हैं तो ग्रामीण चर्चा करने लग रहे हैं कि कहीं यह सरकारी कर्मचारी तो नहीं हैं, तब उन्हें बताना पड़ रहा है कि उनका नाम ही यही है।