{"_id":"5b9aa3ae867a557fe0598855","slug":"cm-yogi-adityanath-visit-chandauli","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चंदौली के अति पिछड़े होने का दाग हटाने की आस जगा गए सीएम योगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंदौली के अति पिछड़े होने का दाग हटाने की आस जगा गए सीएम योगी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,चंदौली
Updated Fri, 14 Sep 2018 10:24 AM IST
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मुख्यमंत्री ने कहा, अति पिछड़े का दाग धुलेगा चंदौली के माथे से
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला होने के बाद भी चंदौली विकास में अन्य जिलों की तुलना में पिछड़ गया है। यहां का विकास एक चुनौती है और इसे पार पाने के लिए टीम वर्क और परस्पर समन्वय की आवश्यकता है। कहा कि यहां के किसान शुगर फ्री धान पैदा कर रहे हैं।
यह कृषि के क्षेत्र में बड़ा कदम है। इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिग की जाएगी। साथ ही एक बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने मंच से प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों का आह्वान करते हुए कहा कि इसके लिए एकजुट होकर आगे आएं तभी यह संभव हो सकेगा।
गुरुवार को चंदौली जिला मुख्यालय से सटे गांव नरसिंहपुर प्राथमिक विद्यालय में आयोजित लाभार्थियों से संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपेक्षित विकास नहीं होने से चंदौली अति पिछड़े जिले में शामिल हो गया। लेकिन यहां अब विकास की गंगा बहेगी। इसे नीति आयोग के आकांक्षात्मक योजना में प्रदेश के आठ जनपदों में शामिल किया गया है। इसके तहत कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा। जिले को विकास से जोड़ा जाएगा ताकि इसका विकास हो सके और पिछड़ापन दूर हो सके।
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उन्होंने कहा कि आज शुगर की समस्या बढ़ती जा रही है, ऐसे में चावल का उत्पादन यहां के किसानों की बड़ी पहल है। उनकी मेहनत को बेकार नहीं होने दिया जाएगा। इसमें सरकार हर संभव मदद करेगी और इस उत्पादन को आगे बढ़ाएगी। इस प्रजाति की ब्रांडिंग के साथ-साथ इसे एक्सपोर्ट भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस साल प्रदेश भर में 43 लाख एमटी धान की खरीद हुई है और किसानों के खाते में सीधे पैसा भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अफसरों को आगाह किया कि आगे धान का सीजन आ रहा है और वे अभी से इसके लिए तैयार रहें। क्रय केंद्रों तक उनकी उपज को पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
ऐसी शिकायतें आई हैं कि फसल तैयार होने के बाद किसानों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है, ऐसा न हो इसके लिए उनकी पूरी मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि नहरों के हालात सुधारे जाएंगे। हेड से टेल तक पानी पहुंचे, इसकी समुचित व्यवस्था कराई जाएगी।
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यह कृषि के क्षेत्र में बड़ा कदम है। इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिग की जाएगी। साथ ही एक बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने मंच से प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों का आह्वान करते हुए कहा कि इसके लिए एकजुट होकर आगे आएं तभी यह संभव हो सकेगा।
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गुरुवार को चंदौली जिला मुख्यालय से सटे गांव नरसिंहपुर प्राथमिक विद्यालय में आयोजित लाभार्थियों से संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपेक्षित विकास नहीं होने से चंदौली अति पिछड़े जिले में शामिल हो गया। लेकिन यहां अब विकास की गंगा बहेगी। इसे नीति आयोग के आकांक्षात्मक योजना में प्रदेश के आठ जनपदों में शामिल किया गया है। इसके तहत कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा। जिले को विकास से जोड़ा जाएगा ताकि इसका विकास हो सके और पिछड़ापन दूर हो सके।
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उन्होंने कहा कि आज शुगर की समस्या बढ़ती जा रही है, ऐसे में चावल का उत्पादन यहां के किसानों की बड़ी पहल है। उनकी मेहनत को बेकार नहीं होने दिया जाएगा। इसमें सरकार हर संभव मदद करेगी और इस उत्पादन को आगे बढ़ाएगी। इस प्रजाति की ब्रांडिंग के साथ-साथ इसे एक्सपोर्ट भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस साल प्रदेश भर में 43 लाख एमटी धान की खरीद हुई है और किसानों के खाते में सीधे पैसा भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अफसरों को आगाह किया कि आगे धान का सीजन आ रहा है और वे अभी से इसके लिए तैयार रहें। क्रय केंद्रों तक उनकी उपज को पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
ऐसी शिकायतें आई हैं कि फसल तैयार होने के बाद किसानों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है, ऐसा न हो इसके लिए उनकी पूरी मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि नहरों के हालात सुधारे जाएंगे। हेड से टेल तक पानी पहुंचे, इसकी समुचित व्यवस्था कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सीएमएस को लगाई फटकार
सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
सीएम योगी आदित्यनाथ गुरुवार को कलेक्ट्रेट में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान तल्ख तेवर में दिखे। सड़कों के गड्ढा करने, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, किसानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के प्रति गंभीर रहे। वहीं जिला अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या नहीं बताने पर सीएमएस डॉ. अरविंद कुमार को कड़ी फटकार लगाई।
खराब स्वास्थ्य सेवाओं की शिकायत पर उन्होंने सीएमओ डा. पीके मिश्रा पर भी नाराजगी जताई। सीएम ने चेताया कि अगली बैठक में लापरवाही मिली तो कार्रवाई के लिए अफसर तैयार रहें। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर तक गड्ढा मुक्त करें। मुख्यमंत्री नरसिंहपुर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में विभागवार समीक्षा कर रहे थे।
सीएम ने सड़कों को 15 अक्तूबर तक गड्ढा मुक्त करने के साथ ही मृदा परीक्षण कार्यक्रम को बढ़ावा देने पर जोर दिया। सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने, मिशन इंद्रधनुष के व्यापक प्रचार प्रसार और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, बिजली आपूर्ति में सुधार कर कम से कम 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने की हिदायत दी।
वहीं धान खरीद के लिए किसानों का शत प्रतिशत पंजीकरण और स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति चेक करने और शिक्षा की गुणवत्ता के लिए निर्देशित किया। सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव को विकास कार्यों की निगरानी का निर्देश दिया। इस दौरान सीएम ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्वयं सहायता समूहों के द्वारा लगाए गए स्टालों का भी निरीक्षण किया और तीन समूहों को आजीविका मिशन के द्वारा दिए गए एक्सप्रेस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
खराब स्वास्थ्य सेवाओं की शिकायत पर उन्होंने सीएमओ डा. पीके मिश्रा पर भी नाराजगी जताई। सीएम ने चेताया कि अगली बैठक में लापरवाही मिली तो कार्रवाई के लिए अफसर तैयार रहें। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर तक गड्ढा मुक्त करें। मुख्यमंत्री नरसिंहपुर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में विभागवार समीक्षा कर रहे थे।
सीएम ने सड़कों को 15 अक्तूबर तक गड्ढा मुक्त करने के साथ ही मृदा परीक्षण कार्यक्रम को बढ़ावा देने पर जोर दिया। सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने, मिशन इंद्रधनुष के व्यापक प्रचार प्रसार और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, बिजली आपूर्ति में सुधार कर कम से कम 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने की हिदायत दी।
वहीं धान खरीद के लिए किसानों का शत प्रतिशत पंजीकरण और स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति चेक करने और शिक्षा की गुणवत्ता के लिए निर्देशित किया। सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव को विकास कार्यों की निगरानी का निर्देश दिया। इस दौरान सीएम ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्वयं सहायता समूहों के द्वारा लगाए गए स्टालों का भी निरीक्षण किया और तीन समूहों को आजीविका मिशन के द्वारा दिए गए एक्सप्रेस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
काश! मुख्यमंत्री की नजर दलित बस्ती की ओर भी जाती
महिलाओं ने किया प्रदर्शन
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर नरसिंहपुर गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय को दुल्हन की तरह सजाया गया। कहीं कोई गड़बड़ी न दिखे इसकी पूरी तैयारी की गई लेकिन पूर्व माध्यमिक विद्यालय के ठीक पीछे दलित बस्ती का माहौल पूरी तरह अलग था। दलित बस्ती में आज तक विकास की किरण नहीं पहुंच सकी है।
दलित बस्ती निवासी राजकुमारी देवी के तीन बेटे हैं। तीनों अलग रहते हैं और मजदूरी करते हैं। आवास गिर चुका है लेकिन न तो कार्ड बना है और न ही शौचालय। इसी तरह मजदूरी कर गुजारा करने वाले गौरव की पत्नी अनीता का कहना है कि राशन कार्ड, शौचालय नहीं बना है। उज्ज्वला योजना का भी लाभ नहीं मिला।
मजदूर राजेन्द्र की पत्नी उषा देवी का कच्चा मकान बारिश में गिर गया लेकिन सहायता नहीं मिली। परिवार के लोग टेंट लगा कर रहते हैं। राशन कार्ड, शौचालय से परिवार महरूम है। मजदूर राजेश की पत्नी आरती देवी का कहना है कि दलित बस्ती की तरफ कोई झांकने तक नहीं आता। उज्ज्वला का इतना शोर है लेकिन उन्हें आज तक कार्ड नहीं बना।
सीएम से मिलने जा रही महिलाओं ने किया प्रदर्शन
सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए पहुंची धानापुर के कवलपुरा गांव की आजीविका मिशन के कई समूहों की महिलाओं को गुरुवार को पुलिस ने बिना मिले उन्हें कार्यक्रम स्थल नरसिंहपुर से वापस भेज दिया । इसके बाद महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंच गई। वहां भी नहीं मिलने दिया गया। इससे नाराज महिलाओं ने कलेक्ट्रेट के पास विरोध प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि सीएम से मिलने के लिए उन्हें पास जारी होने के बाद भी नरसिंहपुर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने नहीं दिया। चेताया कि वह डीएम से मिलकर अपनी समस्याओं को रखेंगी।
धानापुर के कवलपुरा गांव में आजीविका मिशन के तहत कृष्णा स्वयं सहायता समूह, गंगा स्वयं सहायता समूह, हनुमान जी स्वयं सहायता समूह, ऊ नम: शिवाय स्वयं सहायता समूह संचालित है। इस समूहों की महिलाएं गुरुवार को सीएम योगी आदित्नाथ से मिलने के लिए एक दिन पहले ही विभाग की ओर से पास जारी कराया था।
उनका आरोप है कि गांव के कुछ लोग सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए हुए हैं और शिकायत करने के बाद भी अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे है। गुरुवार को इन्हीं समस्याओं को लेकर महिलाएं कवलपुरा से नरसिंगपुर गांव पहुंची।
बताया कि कार्यक्रम स्थल के बाहर तैनात सदर सीओ प्रदीप सिंह चंदेल ने महिलाओं को कार्यक्रम में जाने से रोक दिया और वापस भेज दिया। इससे नाराज महिलाओं ने कलेक्ट्रेट के समीप पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी किया। चेताया कि डीएम से मिलकर वें पुलिस के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगी।
दलित बस्ती निवासी राजकुमारी देवी के तीन बेटे हैं। तीनों अलग रहते हैं और मजदूरी करते हैं। आवास गिर चुका है लेकिन न तो कार्ड बना है और न ही शौचालय। इसी तरह मजदूरी कर गुजारा करने वाले गौरव की पत्नी अनीता का कहना है कि राशन कार्ड, शौचालय नहीं बना है। उज्ज्वला योजना का भी लाभ नहीं मिला।
मजदूर राजेन्द्र की पत्नी उषा देवी का कच्चा मकान बारिश में गिर गया लेकिन सहायता नहीं मिली। परिवार के लोग टेंट लगा कर रहते हैं। राशन कार्ड, शौचालय से परिवार महरूम है। मजदूर राजेश की पत्नी आरती देवी का कहना है कि दलित बस्ती की तरफ कोई झांकने तक नहीं आता। उज्ज्वला का इतना शोर है लेकिन उन्हें आज तक कार्ड नहीं बना।
सीएम से मिलने जा रही महिलाओं ने किया प्रदर्शन
सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए पहुंची धानापुर के कवलपुरा गांव की आजीविका मिशन के कई समूहों की महिलाओं को गुरुवार को पुलिस ने बिना मिले उन्हें कार्यक्रम स्थल नरसिंहपुर से वापस भेज दिया । इसके बाद महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंच गई। वहां भी नहीं मिलने दिया गया। इससे नाराज महिलाओं ने कलेक्ट्रेट के पास विरोध प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि सीएम से मिलने के लिए उन्हें पास जारी होने के बाद भी नरसिंहपुर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने नहीं दिया। चेताया कि वह डीएम से मिलकर अपनी समस्याओं को रखेंगी।
धानापुर के कवलपुरा गांव में आजीविका मिशन के तहत कृष्णा स्वयं सहायता समूह, गंगा स्वयं सहायता समूह, हनुमान जी स्वयं सहायता समूह, ऊ नम: शिवाय स्वयं सहायता समूह संचालित है। इस समूहों की महिलाएं गुरुवार को सीएम योगी आदित्नाथ से मिलने के लिए एक दिन पहले ही विभाग की ओर से पास जारी कराया था।
उनका आरोप है कि गांव के कुछ लोग सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए हुए हैं और शिकायत करने के बाद भी अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे है। गुरुवार को इन्हीं समस्याओं को लेकर महिलाएं कवलपुरा से नरसिंगपुर गांव पहुंची।
बताया कि कार्यक्रम स्थल के बाहर तैनात सदर सीओ प्रदीप सिंह चंदेल ने महिलाओं को कार्यक्रम में जाने से रोक दिया और वापस भेज दिया। इससे नाराज महिलाओं ने कलेक्ट्रेट के समीप पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी किया। चेताया कि डीएम से मिलकर वें पुलिस के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगी।
एक तरफ चल रहा था भाषण, दूसरी तरफ प्रदर्शन
एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्व माध्यमिक विद्यालय में लाभार्थियों को इमदाद बांट रहे थे और सरकार के कार्यों का बखान कर रहे थे। दूसरी तरफ दलित बस्ती के लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए आवाज बुलंद कर रहे थे। वे लगातार मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। दलितों को रोकने में पुलिस को पसीने बहाने पड़े।
दलित बस्ती में प्रदर्शन के माध्यम से लोगों ने आरोप लगाया कि दलित बस्ती तक बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी गई हैं। साफ सफाई नहीं हो रही है। पानी निकासी न होने से जगह जगह जल भराव है। 70 से 80 घरों की बस्ती के बीच मात्र एक हैंडपम्प लगा है और वह भी क्षतिग्रस्त है। इससे पेयजल की किल्लत है।
पूरी बस्ती में तीस से चालीस घरों में ही शौचालय बनाया गया। पूरी बस्ती में एक भी आवास नहीं बना है। राशन कार्ड, साफ सफाई की व्यवस्था न होने से परेशानी है। प्रदर्शन करने वालों में हीरावती, सावित्री,राम लखन, जितेंद्र, राम मूरत, नीतू देवी, महंगी, सोहन, मनकेसरा, राम भजे, कमला,अशोक, मुन्ना, रणजीत, चंद्रभान, दुर्गा, सुभाष, बच्चन राम, रेणु,विश्वास, सूरज, सपना, पूजा देवी, मुराहु, दिलीप, दीपक, सुनील रहे।
दलित बस्ती में प्रदर्शन के माध्यम से लोगों ने आरोप लगाया कि दलित बस्ती तक बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी गई हैं। साफ सफाई नहीं हो रही है। पानी निकासी न होने से जगह जगह जल भराव है। 70 से 80 घरों की बस्ती के बीच मात्र एक हैंडपम्प लगा है और वह भी क्षतिग्रस्त है। इससे पेयजल की किल्लत है।
पूरी बस्ती में तीस से चालीस घरों में ही शौचालय बनाया गया। पूरी बस्ती में एक भी आवास नहीं बना है। राशन कार्ड, साफ सफाई की व्यवस्था न होने से परेशानी है। प्रदर्शन करने वालों में हीरावती, सावित्री,राम लखन, जितेंद्र, राम मूरत, नीतू देवी, महंगी, सोहन, मनकेसरा, राम भजे, कमला,अशोक, मुन्ना, रणजीत, चंद्रभान, दुर्गा, सुभाष, बच्चन राम, रेणु,विश्वास, सूरज, सपना, पूजा देवी, मुराहु, दिलीप, दीपक, सुनील रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
नाम सुना था, टीवी पर भी देखा था लेकिन इतने नजदीक से देखेंगे और बात चीत करेंगे सोचा नहीं था। मुख्यमंत्री को देखने सुनने और बात करने वाले छात्रों ने इसी तरह के उद्गार व्यक्त किए। अपने ही स्कूल में मुख्यमंत्री से रूबरू होने के बाद छात्रों के चेहरे की रौनक देखते ही बन रही थी।
सातवीं कक्षा के शिवम ने कहा कि स्कूल को पिछले कुछ दिनों से सजाया जा रहा था। हम लोगों को बताया गया कि मुख्यमंत्री आने वाले हैं। विषयों को रटाया गया लेकिन मुख्यमंत्री को इतने नजदीक से पहली बार देखा तो डर गया लेकिन उनसे बात कर अच्छा लगा। सातवीं कक्षा की ही सुसुम ने कहा कि अब मम्मी पापा और पूरे गांव को बताऊंगी की योगी बाबा से मैं मिली हूं।
उन्होंने मुझसे बात की। आठवीं के अभिषेक ने कहा कि मुख्यमंत्री को इतने नजदीक से देखने का एहसास अनोखा है। वे जैसे टीवी पर दिखते हैं सामने से भी वे वैसे ही दिखे। मास्टर साहब न जाने क्यों डर रहे थे, वे तो अच्छे से बात कर रहे थे। छठी कक्षा के छात्र राज ने कहा कि माता-पिता और परिवार वालों को यहां नहीं आने दिया गया लेकिन मैने उनसे बात की। अच्छा लगा।
चंदौली जिले के विकास कार्यों की समीक्षा और नरसिंहपुर गांव में विकास का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक होते हुए भी ग्रामीणों के लिए रहस्यमय रहे। जिस तरह पिछले चार दिनों से गांव में साफ सफाई और रंग रोगन हो रहा था उससे ग्रामीण अत्यधिक उत्सुक नजर आए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखने और अपनी समस्याएं सुनाने को ग्रामीण आतुर रहे लेकिन बुधवार की रात ग्रामीणों के अरमान पर पानी फिर गया। प्रधान नंदलाल के साथ अधिकारियों की टीम ने गांव में कुछ चुने हुए लोगों को ही पास दिया ।
ग्रामीणों के अनुसार रात में बच्चों को एक एक प्रश्न रटवाया गया। मुख्यमंत्री यदि सुविधाओं के बारे में पूछे तो क्या बताना है, इसे सिखाया गया। गुरुवार को कार्यक्रम स्थल के पांच सौ मीटर दूर तक बैरिकेडिंग कर दी गई। ग्रामीण किसी हाल में कार्यक्रम स्थल तक न पहुंच सके इसका इंतजाम किया गया। गांव के सीमा, सुनीता, शंकर, बसंत, मनोरमा, योगेंद्र ने बताया कि मुख्यमंत्री गांव में पहुंचे लेकिन वे देख नहीं पाए। ग्रामीण दूर से ही मुख्यमंत्री को देखने की कोशिश में रहे लेकिन पुलिस ने हर बार रोक दिया।
सातवीं कक्षा के शिवम ने कहा कि स्कूल को पिछले कुछ दिनों से सजाया जा रहा था। हम लोगों को बताया गया कि मुख्यमंत्री आने वाले हैं। विषयों को रटाया गया लेकिन मुख्यमंत्री को इतने नजदीक से पहली बार देखा तो डर गया लेकिन उनसे बात कर अच्छा लगा। सातवीं कक्षा की ही सुसुम ने कहा कि अब मम्मी पापा और पूरे गांव को बताऊंगी की योगी बाबा से मैं मिली हूं।
उन्होंने मुझसे बात की। आठवीं के अभिषेक ने कहा कि मुख्यमंत्री को इतने नजदीक से देखने का एहसास अनोखा है। वे जैसे टीवी पर दिखते हैं सामने से भी वे वैसे ही दिखे। मास्टर साहब न जाने क्यों डर रहे थे, वे तो अच्छे से बात कर रहे थे। छठी कक्षा के छात्र राज ने कहा कि माता-पिता और परिवार वालों को यहां नहीं आने दिया गया लेकिन मैने उनसे बात की। अच्छा लगा।
चंदौली जिले के विकास कार्यों की समीक्षा और नरसिंहपुर गांव में विकास का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक होते हुए भी ग्रामीणों के लिए रहस्यमय रहे। जिस तरह पिछले चार दिनों से गांव में साफ सफाई और रंग रोगन हो रहा था उससे ग्रामीण अत्यधिक उत्सुक नजर आए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखने और अपनी समस्याएं सुनाने को ग्रामीण आतुर रहे लेकिन बुधवार की रात ग्रामीणों के अरमान पर पानी फिर गया। प्रधान नंदलाल के साथ अधिकारियों की टीम ने गांव में कुछ चुने हुए लोगों को ही पास दिया ।
ग्रामीणों के अनुसार रात में बच्चों को एक एक प्रश्न रटवाया गया। मुख्यमंत्री यदि सुविधाओं के बारे में पूछे तो क्या बताना है, इसे सिखाया गया। गुरुवार को कार्यक्रम स्थल के पांच सौ मीटर दूर तक बैरिकेडिंग कर दी गई। ग्रामीण किसी हाल में कार्यक्रम स्थल तक न पहुंच सके इसका इंतजाम किया गया। गांव के सीमा, सुनीता, शंकर, बसंत, मनोरमा, योगेंद्र ने बताया कि मुख्यमंत्री गांव में पहुंचे लेकिन वे देख नहीं पाए। ग्रामीण दूर से ही मुख्यमंत्री को देखने की कोशिश में रहे लेकिन पुलिस ने हर बार रोक दिया।