{"_id":"5b03131e4f1c1be7408b6f34","slug":"cm-yogi-adityanath-is-sincere-for-glimpses-of-varanasi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जीवंत नगरी काशी की भव्यता बनाए रखने पर गंभीर हैं सीएम योगी आदित्यनाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीवंत नगरी काशी की भव्यता बनाए रखने पर गंभीर हैं सीएम योगी आदित्यनाथ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 22 May 2018 10:41 AM IST
विज्ञापन
सीएम ने दिया काशी की पौराणिकता को सहेजने का निर्देश
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीवंत नगरी वाराणसी की संस्कृति एवं विरासत विश्व फलक पर आने वाले दिनों में और बेहतर होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार दो दिवसीय वाराणसी दौरे में काशी की भव्यता को बनाए रखने के प्रति गंभीर रहे।
वाराणसी आगमन के साथ ही संत समाज के साथ बैठक कर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर पर हो रहे विरोध को शांत करने की कोशिश की तो दूसरे दिन समीक्षा बैठक में अधिकारियों को मंदिर और विग्रह से छेड़छाड़ नहीं करने की हिदायत दी।
पढ़ेंः संतों से बोले सीएम योगी, काशी को पर्यटन नहीं, तीर्थ स्थल के तौर पर करेंगे विकसित
विज्ञापन
इस बीच वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री ने काशी की धरोहरों और पौराणिकता को सहेजने का निर्देश दिया है। रविवार को समीक्षा बैठक के बाद सर्किट हाउस में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री ने काशी की भव्यता पर बात की और दिशा निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट मानना है कि काशी की भव्यता से ही उसकी पहचान पूरे विश्व में हैं। यहां की गंगा और घाट के अलावा ऐतिहासिक धर्मस्थल की वजह से ही बनारस की अलग पहचान है। विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना पर अधिकारियों का जनता के बीच समन्वय नहीं होने से उसका गलत संदेश जा रहा था।
पढ़ेंः लापरवाह अधिकारियों की उत्तर प्रदेश में जगह नहीं: सीएम योगी आदित्यनाथ
ऐसे ही स्मार्ट सिटी और अन्य परियोजनाओं को लेकर भी जनता के बीच सकारात्मक माहौल बनाने का निर्देश दिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि काशी में चल रही परियोजनाओं को लेकर बनारस के बदलने का संदेश दिया जा रहा है।
जबकि मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि वाराणसी का विकास यहां की धरोहरों को सहेज कर संभव है और उसके बिना नहीं। मुख्यमंत्री से मिले निर्देश के बाद अब अधिकारी नए सिरे से कार्ययोजना तैयार करने में जुट गए हैं।
माना जा रहा है कि शहर के धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक इमारतें सहित अन्य विरासतों को लेकर नए प्रयास किए जाएंगे। डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप काम किया जाएगा।
विज्ञापन
वाराणसी आगमन के साथ ही संत समाज के साथ बैठक कर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर पर हो रहे विरोध को शांत करने की कोशिश की तो दूसरे दिन समीक्षा बैठक में अधिकारियों को मंदिर और विग्रह से छेड़छाड़ नहीं करने की हिदायत दी।
विज्ञापन
पढ़ेंः संतों से बोले सीएम योगी, काशी को पर्यटन नहीं, तीर्थ स्थल के तौर पर करेंगे विकसित
विज्ञापन
इस बीच वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री ने काशी की धरोहरों और पौराणिकता को सहेजने का निर्देश दिया है। रविवार को समीक्षा बैठक के बाद सर्किट हाउस में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री ने काशी की भव्यता पर बात की और दिशा निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट मानना है कि काशी की भव्यता से ही उसकी पहचान पूरे विश्व में हैं। यहां की गंगा और घाट के अलावा ऐतिहासिक धर्मस्थल की वजह से ही बनारस की अलग पहचान है। विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना पर अधिकारियों का जनता के बीच समन्वय नहीं होने से उसका गलत संदेश जा रहा था।
पढ़ेंः लापरवाह अधिकारियों की उत्तर प्रदेश में जगह नहीं: सीएम योगी आदित्यनाथ
ऐसे ही स्मार्ट सिटी और अन्य परियोजनाओं को लेकर भी जनता के बीच सकारात्मक माहौल बनाने का निर्देश दिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि काशी में चल रही परियोजनाओं को लेकर बनारस के बदलने का संदेश दिया जा रहा है।
जबकि मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि वाराणसी का विकास यहां की धरोहरों को सहेज कर संभव है और उसके बिना नहीं। मुख्यमंत्री से मिले निर्देश के बाद अब अधिकारी नए सिरे से कार्ययोजना तैयार करने में जुट गए हैं।
माना जा रहा है कि शहर के धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक इमारतें सहित अन्य विरासतों को लेकर नए प्रयास किए जाएंगे। डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप काम किया जाएगा।
पीएम की योजनाओं की रफ्तार सुस्त, सीएम सख्त
gg
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा के चार साल पूरे होने वाले हैं और जिस गति से पीएम की योजनाओं की रफ्तार है। वह धीमी है। सूत्रों की मानें तो यही कारण है कि सीएम योगी आदित्यनाथ हादसे के पांचवें दिन फिर बनारस आए और पीएम की 85 योजनाओं की रफ्तार को बढ़ाने का सख्त संदेश दे गए हैं।
अधिकारियों के खेमे में जहां काम को समय से पूरा कराने का दबाव है तो वहीं जनप्रतिनिधियों को इसकी मानीटरिंग की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा अधिकारियों को समय से काम पूरा कराने की हिदायत दी गई।
पढ़ेंः वाराणसी सेंट्रल जेल में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का सीएम योगी ने किया अनावरण
दरअसल बनारस में आपसी राजनीति के चक्कर में कुछ जनप्रतिनिधि पार्टी लाइन के बजाय अपनी लाइन तैयार किए हैं। जिसके असर योजनाओं पर पड़ रहा है। इन सबकी भनक पार्टी हाईकमान को है।
वहीं से मिले निर्देश के बाद ही सीएम हादसे के पांच दिन बाद यहां आए और केंद्र की योजनाओं की प्रगति जानने के लिए देर रात सवा दो घंटे निरीक्षण किए। जनप्रतिनिधियों की आपसी खींचतान का असर पीएम की योजनाओं पर पड़ रहा है।
जिसे लेकर हाईकमान चितिंत है। योजनाओं को समय पर पूरा कराने में अधिकारी यदि बरगलाए तो जनप्रतिनिधियों का दायित्व होता है उनकी रिपोर्ट शासन से करें। यहां ऐसा नहीं है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के गठजोड़ का असर पीएम की योजनाओं पर पड़ रहा है।
अधिकारियों के खेमे में जहां काम को समय से पूरा कराने का दबाव है तो वहीं जनप्रतिनिधियों को इसकी मानीटरिंग की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा अधिकारियों को समय से काम पूरा कराने की हिदायत दी गई।
पढ़ेंः वाराणसी सेंट्रल जेल में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का सीएम योगी ने किया अनावरण
दरअसल बनारस में आपसी राजनीति के चक्कर में कुछ जनप्रतिनिधि पार्टी लाइन के बजाय अपनी लाइन तैयार किए हैं। जिसके असर योजनाओं पर पड़ रहा है। इन सबकी भनक पार्टी हाईकमान को है।
वहीं से मिले निर्देश के बाद ही सीएम हादसे के पांच दिन बाद यहां आए और केंद्र की योजनाओं की प्रगति जानने के लिए देर रात सवा दो घंटे निरीक्षण किए। जनप्रतिनिधियों की आपसी खींचतान का असर पीएम की योजनाओं पर पड़ रहा है।
जिसे लेकर हाईकमान चितिंत है। योजनाओं को समय पर पूरा कराने में अधिकारी यदि बरगलाए तो जनप्रतिनिधियों का दायित्व होता है उनकी रिपोर्ट शासन से करें। यहां ऐसा नहीं है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के गठजोड़ का असर पीएम की योजनाओं पर पड़ रहा है।
15 मौतों के मामले की तफ्तीश नहीं पकड़ पा रही गति
निर्माणाधीन चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर की दो बीम गिरने से हुई 15 मौतों से जुड़े मुकदमे की तफ्तीश गति नहीं पकड़ पा रही है। प्रदेश सरकार के स्तर से सख्त निर्देश के बावजूद पुलिस हादसे के पांच दिन बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार करना तो दूर पुलिस उन्हें गिरफ्तार तक नहीं कर सकी है।
पुलिस की कार्रवाई महज साक्ष्य एकत्र करने तक ही सीमित है और इसे लेकर आमजन में खासा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब प्रदेश सरकार की तकनीकी समिति ने दोषियों को चिह्नित कर दिया है तो उनके खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है।
15 मई की शाम साढ़े पांच बजे के लगभग निर्माणाधीन फ्लाईओवर की दो बीम कैंट रेलवे स्टेशन के समीप एईएन कॉलोनी के सामने सड़क पर गिर गई थी। हादसे में एक बीम के नीचे दबे वाहनों में 15 लोगों की मौत हो गई थी और 11 लोग घायल हो गए थे।
16 मई को पुलिस की ओर से सिगरा थाने में सेतु निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई ठोस तरीके से नजर नहीं आई।
सिगरा थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना कर रही क्राइम ब्रांच फिलहाल साक्ष्य एकत्र करने और बयान दर्ज तक ही सीमित है। इसे लेकर लोगों का कहना है कि आखिर इतने गंभीर मामले की तफ्तीश और कार्रवाई में पुलिस को समय क्यों लग रहा है।
पुलिस की कार्रवाई महज साक्ष्य एकत्र करने तक ही सीमित है और इसे लेकर आमजन में खासा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब प्रदेश सरकार की तकनीकी समिति ने दोषियों को चिह्नित कर दिया है तो उनके खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है।
15 मई की शाम साढ़े पांच बजे के लगभग निर्माणाधीन फ्लाईओवर की दो बीम कैंट रेलवे स्टेशन के समीप एईएन कॉलोनी के सामने सड़क पर गिर गई थी। हादसे में एक बीम के नीचे दबे वाहनों में 15 लोगों की मौत हो गई थी और 11 लोग घायल हो गए थे।
16 मई को पुलिस की ओर से सिगरा थाने में सेतु निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई ठोस तरीके से नजर नहीं आई।
सिगरा थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना कर रही क्राइम ब्रांच फिलहाल साक्ष्य एकत्र करने और बयान दर्ज तक ही सीमित है। इसे लेकर लोगों का कहना है कि आखिर इतने गंभीर मामले की तफ्तीश और कार्रवाई में पुलिस को समय क्यों लग रहा है।