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सीएम का दौरा भी नहीं बना पाया बेहतर बिजली उत्पादन, राज्य सेक्टर की सबसे बड़ी परियोजना का हाल
ब्यूरो,अमर उजाला,सोनभद्र
Updated Sun, 12 Nov 2017 10:36 AM IST
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लैंको परियोजना का निरीक्षण करते सीएम।
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ शनिवार को सोनभद्र के दौरे पर थे वहां पर सीएम ने राज्य सेक्टर की सबसे बड़ी परियोजना अनपरा का निरीक्षण किया। राज्य सेक्टर की सबसे बड़ी परियोजना अनपरा में सीएम का दौरा भी उत्पादन को ऊचाइयां नहीं दे पाया। हालत यह थी कि 2630 मेगावाट वाली परियोजना में खासी मशक्कत के बाद भी बिजली उत्पादन 1694 मेगावाट के आस-पास ही बना रहा।
इसके चलते पावर कारपोरेशन को इस दिन भी महंगी बिजली (चार रुपये प्रति यूनिट से अधिक) खरीदकर काम चलाना पड़ा। योगी सरकार का कार्यभार ग्रहण करने के समय से ही बिजली उत्पादन की बेहतरी पर फोकस रहा है।
ऐसे में अपने बेहतर उत्पादन से ऊर्जा संरक्षण के मामले में देश में दूसरा स्थान हासिल करने वाली अनपरा परियोजना पर शुरू से ही खासा फोकस बना हुआ था। शुरू में तेजी भी देखने को मिली लेकिन सरकार गठन के चार माह बाद से उत्पादन लड़खड़ाने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह अभी तक बरकरार है।
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हालत यह है कि टरबाइन में कंपन की समस्या के चलते अभी भी पांच सौ मेगावाट वाली सातवीं इकाई बंद पड़ी है। उधर, 210 मेगावाट वाली दूसरी इकाई से भी तकनीकी दिक्कत के चलते करीब ढाई माह से उत्पादन ठप पड़ा हुआ है।
सीएम के आगमन के समय 210 मेगावाट की पहली इकाई से 162, तीसरी इकाई से 168, पांच सौ मेगावाट की चौथी इकाई से 469, पांचवीं इकाई से 413, छठीं इकाई से 482 कुल 1694 मेगावाट बिजली उत्पादन लिया जा रहा था। बता दें कि अनपरा परियोजना की बिजली जहां प्रदेश में सबसे सस्ती है।
वहीं यहां की यूनिटों की बेहतर उत्पादन क्षमता भी इसे अहम स्थान दिलाए हुए है। इसको देखते हुए लोगों को उम्मीद थी कि एक बार फिर से अनपरा परियोजना की इकाइयां अपनी पूरी क्षमता या इससे अधिक उत्पादन करती दिखाई देगी, मगर ऐसा नहीं हो सका।
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इसके चलते पावर कारपोरेशन को इस दिन भी महंगी बिजली (चार रुपये प्रति यूनिट से अधिक) खरीदकर काम चलाना पड़ा। योगी सरकार का कार्यभार ग्रहण करने के समय से ही बिजली उत्पादन की बेहतरी पर फोकस रहा है।
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ऐसे में अपने बेहतर उत्पादन से ऊर्जा संरक्षण के मामले में देश में दूसरा स्थान हासिल करने वाली अनपरा परियोजना पर शुरू से ही खासा फोकस बना हुआ था। शुरू में तेजी भी देखने को मिली लेकिन सरकार गठन के चार माह बाद से उत्पादन लड़खड़ाने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह अभी तक बरकरार है।
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हालत यह है कि टरबाइन में कंपन की समस्या के चलते अभी भी पांच सौ मेगावाट वाली सातवीं इकाई बंद पड़ी है। उधर, 210 मेगावाट वाली दूसरी इकाई से भी तकनीकी दिक्कत के चलते करीब ढाई माह से उत्पादन ठप पड़ा हुआ है।
सीएम के आगमन के समय 210 मेगावाट की पहली इकाई से 162, तीसरी इकाई से 168, पांच सौ मेगावाट की चौथी इकाई से 469, पांचवीं इकाई से 413, छठीं इकाई से 482 कुल 1694 मेगावाट बिजली उत्पादन लिया जा रहा था। बता दें कि अनपरा परियोजना की बिजली जहां प्रदेश में सबसे सस्ती है।
वहीं यहां की यूनिटों की बेहतर उत्पादन क्षमता भी इसे अहम स्थान दिलाए हुए है। इसको देखते हुए लोगों को उम्मीद थी कि एक बार फिर से अनपरा परियोजना की इकाइयां अपनी पूरी क्षमता या इससे अधिक उत्पादन करती दिखाई देगी, मगर ऐसा नहीं हो सका।
चहेते कार्यकर्ताओं को मिली तवज्जो, बाकी निराश
अनपरा के कंट्रोल रूम का निरीक्षण करते सीएम।
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का दौरा जमीनी कार्यकर्ताओं को निराश करने वाला रहा। विधायक, पूर्व जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक सहित बड़े पदाधिकारियों के अलावा उन्हीं कार्यकर्ताओं को अंदर जाने दिया गया तो बड़े पदाधिकारियों के चहेते थे।
हालत यह थी कि भाजपा के कई बड़े नेताओं को भी सीएम के कार्यक्त्रस्म स्थल पर जाने की इजाजात नहीं मिली। इसे लेकर घंटों बहस के बाद सूची पहुंची, तब कुछ लोगों को अंदर जाने दिया गया। अधिकारियों का कहना था कि मुख्यमंत्री की सभा नहीं है।
वह परियोजना का निरीक्षण करने आ रहे हैं। किसी को भी आसपास रहने की इजाजात नहीं है। कुछ लोगों ने हेलीपेड से ही सीएम के दीदार की बात कहीं तो उन्हें फटकार कर भगा दिया गया।
इसके अलावा जनता को पूरी तरह से सीएम से दूर रखा गया। अफसरों, नेताओं की तिकड़ी ने ऐसा गुल खिलाया कि कालोनी के बाहर के लोग सीएम का दूर से भी दीदार नहीं कर पाए।
इसके चलते प्रदूषण, ओडीएफ का सच, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामी, बालू-गिट्टी के मनमाने दाम, ओवरलोड आदि से जुड़ी शिकायतों का पुलिंदा धरा का धरा रह गया।
हालत यह थी कि भाजपा के कई बड़े नेताओं को भी सीएम के कार्यक्त्रस्म स्थल पर जाने की इजाजात नहीं मिली। इसे लेकर घंटों बहस के बाद सूची पहुंची, तब कुछ लोगों को अंदर जाने दिया गया। अधिकारियों का कहना था कि मुख्यमंत्री की सभा नहीं है।
वह परियोजना का निरीक्षण करने आ रहे हैं। किसी को भी आसपास रहने की इजाजात नहीं है। कुछ लोगों ने हेलीपेड से ही सीएम के दीदार की बात कहीं तो उन्हें फटकार कर भगा दिया गया।
इसके अलावा जनता को पूरी तरह से सीएम से दूर रखा गया। अफसरों, नेताओं की तिकड़ी ने ऐसा गुल खिलाया कि कालोनी के बाहर के लोग सीएम का दूर से भी दीदार नहीं कर पाए।
इसके चलते प्रदूषण, ओडीएफ का सच, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामी, बालू-गिट्टी के मनमाने दाम, ओवरलोड आदि से जुड़ी शिकायतों का पुलिंदा धरा का धरा रह गया।
सांसदों, विधायकों ने मांगी 24 घंटे बिजली, मेडिकल कालेज
अभियंताओं से जानकारी लेते सीएम।
- फोटो : अमर उजाला
सांसद छोटेलाल खरवार, सदर विधायक भूपेश चौबे, दुद्धी विधायक हरिराम चेरो, ओबरा संजीव कुमार गोंड़, विधायक घोरावल अनिल मौर्य ने सीएम को ज्ञापन सौंप कर जिले में 24 घंटे बिजली, मुख्यालय पर एक मेडिकल कालेज स्थापित करने की मांग की।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का कहना था कि प्रदेश सरकार पूरे सूबे में 24 घंटे बिजली देने के लिए संकल्पित है। सबसे पहले इसे सोनभद्र में लागू किया जाएगा। सांसद छोटेलाल खरवार ने जिले के अफसरों की शिकायतों का पुलिंदा मुख्यमंत्री को सौंपा है।
सांसद ने कहा है कि कई अफसर सपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। इसको लेकर कई बार डीएम-एसपी से शिकायत की गई लेकिन बात अनसुनी कर दी।
कहा कि कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न हो रहा है। भूमाफिया आदिवासियों की जमीन हड़प रहे हैं। शिकायत करने थाने पहुंच रहे आदिवासियों का ही चालान कर दिया जा रहा है।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का कहना था कि प्रदेश सरकार पूरे सूबे में 24 घंटे बिजली देने के लिए संकल्पित है। सबसे पहले इसे सोनभद्र में लागू किया जाएगा। सांसद छोटेलाल खरवार ने जिले के अफसरों की शिकायतों का पुलिंदा मुख्यमंत्री को सौंपा है।
सांसद ने कहा है कि कई अफसर सपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। इसको लेकर कई बार डीएम-एसपी से शिकायत की गई लेकिन बात अनसुनी कर दी।
कहा कि कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न हो रहा है। भूमाफिया आदिवासियों की जमीन हड़प रहे हैं। शिकायत करने थाने पहुंच रहे आदिवासियों का ही चालान कर दिया जा रहा है।
दूसरी बार उड़ान नहीं भर सका हेलीकाप्टर
हेलीकाप्टर से उतरकर पैदल जाते सीएम।
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का हेलीकाप्टर शनिवार की शाम दूसरी बार म्योरपुर के लिए उड़ान नहीं भर सका। इसकी वजह हेलीकाप्टर में तकनीकी खराबी बताया जा रहा है। हालांकि इसकी पुष्टि किसी अधिकारी ने नहीं की।
अनपरा में परियोजनाओं का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा हेलीकाप्टर से म्योरपुर स्थित हवाई पट्टी पर पहुंचे। उन्हें हवाई पट्टी पर छोड़ हेलीकाप्टर अनपरा आया।
दूसरी ट्रिप में प्रमुख सचिव ऊर्जा समेत अन्य अधिकारियों को म्योरपुर जाना था, ताकि म्योरपुर में खड़े चार्टर प्लेन से वे लखनऊ के लिए रवाना हो सकें, लेकिन हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर सका।
कुछ लोगों का कहना था कि हेलीकाप्टर तकनीकी खराबी के कारण उड़ान नहीं भर सका जबकि कुछ ने बताया कि मौसम के कारण उसे रोक लिया गया। उसके उड़ान न भरने के कारण प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार, उत्पादन निगम के सीएमडी कामरान रिजवी को कार से लखनऊ के लिए रवाना किया गया। इस संबंध में अनपरा पुलिस ने बताया कि शाम हो जाने के कारण हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर सका और वह रविवार की सुबह रवाना होगा।
अनपरा में परियोजनाओं का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा हेलीकाप्टर से म्योरपुर स्थित हवाई पट्टी पर पहुंचे। उन्हें हवाई पट्टी पर छोड़ हेलीकाप्टर अनपरा आया।
दूसरी ट्रिप में प्रमुख सचिव ऊर्जा समेत अन्य अधिकारियों को म्योरपुर जाना था, ताकि म्योरपुर में खड़े चार्टर प्लेन से वे लखनऊ के लिए रवाना हो सकें, लेकिन हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर सका।
कुछ लोगों का कहना था कि हेलीकाप्टर तकनीकी खराबी के कारण उड़ान नहीं भर सका जबकि कुछ ने बताया कि मौसम के कारण उसे रोक लिया गया। उसके उड़ान न भरने के कारण प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार, उत्पादन निगम के सीएमडी कामरान रिजवी को कार से लखनऊ के लिए रवाना किया गया। इस संबंध में अनपरा पुलिस ने बताया कि शाम हो जाने के कारण हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर सका और वह रविवार की सुबह रवाना होगा।