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Varanasi News: यूपी में 82 फीसदी लोगों की एसआईआर से स्वीकार्यता का दावा
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यूपी में 82 फीसदी लोगों की एसआईआर से स्वीकार्यता का दावा
वाराणसी। यूपी में 82 फीसदी लोग एसआईआर से स्वीकार्यता का दावा किया गया है। बीएचयू के पत्रकारिता विभाग में बुधवार को एक प्रेस वार्ता कर प्रदेश के 30 जिलों में कराए गए सर्वे की रिपोर्ट के बारे में जानकारियां दी गईं। वहींए इसकी पूरी रिपोर्ट बृहस्पतिवार को केएन उड्डूपा सभागार में रखी जाएगी। यहां पर इ एसआईआर क्वेश्चन : इलेक्टोरल इंटीग्रिटी, वोटर इन्क्लूजन एंड डेमोक्रेटिक ट्रस्ट विषय पर शोध रिपोर्ट का लोकार्पण किया जाएगा। यह सर्वे बुधवार को एफ्रो-एशियन फिलॉसफी फेडरेशन की ओर से किया गया है। बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में विभागाध्यक्ष प्रो. ज्ञान प्रकाश मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम में प्रदेश के 8501 मतदाताओं पर किए गए बहुस्तरीय मिश्रित पद्धति से सर्वेक्षण किया गया। इसमें सात जोन थे। इस रिपोर्ट के लोकार्पण के साथ ही इंडियन नॉलेज सिस्टम फॉर 21 सेंचुरी और अहम् अस्मि किताबों का भी लोकार्पण होगा। अहम् अस्मि का लेखन डॉ. रोमासा शुक्ला और इंडियन नॉलेज सिस्टम का प्रो. रजनीश शुक्ला ने किया है। ब्यूरो
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वाराणसी। यूपी में 82 फीसदी लोग एसआईआर से स्वीकार्यता का दावा किया गया है। बीएचयू के पत्रकारिता विभाग में बुधवार को एक प्रेस वार्ता कर प्रदेश के 30 जिलों में कराए गए सर्वे की रिपोर्ट के बारे में जानकारियां दी गईं। वहींए इसकी पूरी रिपोर्ट बृहस्पतिवार को केएन उड्डूपा सभागार में रखी जाएगी। यहां पर इ एसआईआर क्वेश्चन : इलेक्टोरल इंटीग्रिटी, वोटर इन्क्लूजन एंड डेमोक्रेटिक ट्रस्ट विषय पर शोध रिपोर्ट का लोकार्पण किया जाएगा। यह सर्वे बुधवार को एफ्रो-एशियन फिलॉसफी फेडरेशन की ओर से किया गया है। बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में विभागाध्यक्ष प्रो. ज्ञान प्रकाश मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम में प्रदेश के 8501 मतदाताओं पर किए गए बहुस्तरीय मिश्रित पद्धति से सर्वेक्षण किया गया। इसमें सात जोन थे। इस रिपोर्ट के लोकार्पण के साथ ही इंडियन नॉलेज सिस्टम फॉर 21 सेंचुरी और अहम् अस्मि किताबों का भी लोकार्पण होगा। अहम् अस्मि का लेखन डॉ. रोमासा शुक्ला और इंडियन नॉलेज सिस्टम का प्रो. रजनीश शुक्ला ने किया है। ब्यूरो