बदलते मौसम में बढ़ता बीमारी की खतरा, डॉक्टर दे रहे ये सलाह
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वाराणसी समेत पूर्वांचल में पिछले कई दिनों से जिस तरह से मौसम में बदलाव हो रहा है उससे सावधान रहने की जरूरत है। दिन में तेज धूप के साथ ही नम पछुआ हवा भी चल रही हैं। तापमान में भी कमी आती जा रही है। साथ ही धूप का असर भी कम हो गया है और सिहरन भी अधिक लग रही है। ऐसे में सेहत के प्रति जरा सी लापरवाही आपको बीमार बना सकती है। यही कारण है कि डॉक्टर लोगों को सेहत के प्रति सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
कोरोना काल चल रहा है और ऐसे में जरा सी सर्दी, खांसी, गले मे खराश, जुकाम होने पर लोगों मे कोरोना का डर बना है। हालांकि कोरोना का भी यही लक्षण है। मंडलीय अस्पताल कबीर चौरा, शास्त्री अस्पताल रामनगर, स्वामी विवेकानंद अस्पताल भेलूपुर के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों पर भी वायरल फीवर के मरीज आ रहे हैं।
मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के चेस्ट फिजिशियन डॉ. आरके शर्मा ने बताया कि ओपीडी में हर दिन आने वाले 80 से 100 मरीजों में आधे से अधिक बच्चों के साथ-साथ संख्या बड़ों की भी मौसमी बीमारियों की है। किसी को तीन-चार दिनों से खांसी आ रही है तो कोई गले में खराश से परेशान है। ऐसे में डॉक्टर भी खानपान के साथ ही सेहत के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
बच्चों में निमोनिया, डायरिया का बढ़ा खतरा
आमतौर पर ठंड के मौसम में बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी बीमार पड़ जाते हैं। शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से बच्चों पर इसका बदलते मौसम का असर ज्यादा होता है। इस समय बच्चों में निमोनिया के साथ ही डायरिया होने की संभावना ज्यादा रहती है। अस्पताल की ओपीडी में आने वाले बच्चों के अभिभावकों को ज्यादा सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।- डॉ. सीपी गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ, मंडलीय अस्पताल
कोरोना काल चल रहा है ऐसे समय में कोशिश करनी चाहिए कि सुबह और शाम पूरी बाह का कपड़ा पहन कर बाहर निकले। जिस तरह से ठंड बढ़ गई है उसमें गर्म कपड़े जरूर पहनें।- डॉक्टर डीएन गुप्ता अधीक्षक, स्वामी विवेकानंद अस्पताल भेलूपु
इन बातों का रखें ख्याल
सुबह टहलने के समय जरूरत के हिसाब से गर्म कपड़ों को पहनकर निकले।
एसी-कूलर चलाकर सोने से बचना चाहिए।
फ्रिज का पानी पीना भी बीमारी बढ़ा सकता है।
जरूरत के हिसाब से गुनगुना पानी ही पीएं तो बेहतर होगा।
मौसमी फलों, सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
तीन दिन से अधिक बुखार हो तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।
गले मे खराश, सर्दी, खांसी होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें
डेंगू, चिकनगुनिया के मरीज भी बढ़े
जिले में अब डेंगू, चिकनगुनिया के मरीज भी मिलने लगे हैं। अब तक डेंगू के दो और चिकनगुनिया के भी दो मरीज मिले हैं। ऐसे में ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है।
सहायक मलेरिया अधिकारी केके राय के अनुसार चार प्रकार के डेंगू के वायरस होते हैं। चारों प्रकार के लक्षण भी समान होते हैं। इसमें जोड़ों में दर्द, सिर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, तेज बुखार, कभी कभी उल्टी होना भी लक्षण है। इसके अलावा चिकनगुनिया में शरीर में दाने आ जाते हैं, खुजली भी होती हैं। इस तरह के लक्षण दिखने पर लोगों को तुरंत डॉक्टर को दिखाकर जांच कराने की जरूरत होती है।