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Varanasi News: बदला मौसम, बढ़ रही बीमारी, बरतें सावधानी

Tue, 20 Dec 2022 11:44 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 20 Dec 2022 11:44 PM IST
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Changed weather, increasing disease, be careful
सुबह बर्फीली हवाएं, दिन में हल्की धूप और कोहरे की चादर, शाम के बाद ओस के साथ ही गलन भी बढ़ गई है। तापमान में भी गिरावट जारी है। वहीं, जरा सी लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। किसी को सर्दी, खांसी, बुखार है तो कोई गले में खराश और जुकाम से परेशान है। चिकित्सक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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पिछले दस दिन से दिन में थोड़ी धूप रहने के कारण तापमान तो सामान्य रहता है, लेकिन रात और सुबह 10 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उत्तर पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। इस तरह का बदलाव लोगों को बीमार बना रहा है।
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पर्चा काउंटर से ओपीडी तक लाइन
मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल, शास्त्री अस्पताल रामनगर में मंगलवार सुबह 9 बजे से ही पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी तक मरीजाें की लाइन देखने को मिली। कोई बच्चे को दिखाने आया था तो किसी को सर्दी, खांसी की समस्या थी। मंडलीय अस्पताल में सबसे अधिक भीड़ बाल रोग विभाग की ओपीडी में रही। पुराने पर्चा काउंटर पर दोपहर 12 बजे तक लंबी लाइन रही। 20 बेड वाले चिल्ड्रेन वार्ड में 15 बच्चे भर्ती मिले। इसमें खांसी, जुकाम और पेट संबंधी बीमारी वाले बच्चे अधिक हैं। दीनदयाल अस्पताल में ओपीडी हॉल में फिजिशियन के कमरे में भीड़ अधिक रही। दवा काउंटर पर मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
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बोले चिकित्सक
बच्चों में बुखार, उल्टी व दस्त की समस्या
एक सप्ताह पहले तक बच्चों की संख्या 50 से 60 रहती थी। जो बढ़कर 80 से 100 पहुंच चुकी है। ज्यादातर बच्चे सीने में कफ जकड़ने, बुखार, उल्टी दस्त की समस्या से ग्रसित मिल रहे हैं। अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। - डॉ. सीपी गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ, मंडलीय अस्पताल
खांसी और सांस संबंधी समस्या वाले मरीज अधिक
ओपीडी में आने वाले मरीजों में बुखार, खांसी वालों की संख्या बढ़ गई है। 50 साल से अधिक उम्र वाले कई मरीज खांसी, सांस संबंधी समस्या लेकर आ रहे हैं। गर्म कपड़े पहनकर रहने और खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। - डॉ. पीके सिंह, फिजिशियन, दीनदयाल अस्पताल

आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति अधिक कारगर
मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। सावधानी बरतने की जरूरत है। अस्पताल में खांसी, जुकाम के साथ ही पेट संबंधी मरीज अधिक आ रहे हैं। इनसे राहत दिलाने में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति ज्यादा कारगर होगी। जितनी सावधानी बरती जाएगी, उतनी राहत मिलेगी।
- वैद्य सुशील दूबे, बीएचयू
तापमान में उतार-चढ़ाव
दिसंबर अधिकतम न्यूनतम
14 26.8 10.10
15 25.2 8.8
16 24.5 7.4
17 24.4 7.5
18 24.8 8.3
19 24.0 8.5
20 21.0 9.0
(तापमान डिग्री सेल्सियस में)
ये बरतें सावधानी
सरसों के तेल से मालिश कर व्यायाम करें।
चाय में सोंठ, काली मिर्च, पिपली का मिक्स पाउडर डालें।
रात में एक चम्मच जीरा गर्म पानी संग खाकर सोएं।
मधुमेह, मोटापा वाले मरीजों को हल्दी, मेथी, आंवला चूर्ण मिलाकर दें।
खांसी आने पर पिपली और गुड़ चूसे।
हृदय और ब्लड प्रेशर रोगी घर से बाहर निकलने से बचें।
बच्चों को घर और बाहर दोनों जगहों पर गर्म कपड़े पहनाएं।
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