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बनारस पहुंचे केंद्रीय मंत्री वीके सिंह, घाटी में हो रही पत्थरबाजी को लेकर कही यह बात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 09 Jun 2018 11:45 PM IST
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बिरहा गायक हीरालाल यादव से मुलाकात करते वीके सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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भाजपा के विशेष संपर्क अभियान पर शनिवार को काशी आए केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने साहित्यकारों, व्यापारियों और प्रबुद्धजनों से मुलाकात की और आह्वान किया कि आप प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के नेतृत्व में चल रहे देश के विकास अभियान में साथ दें, सरकार आपके लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं पत्रकारों से बातचीत में विदेश राज्यमंत्री ने कश्मीर के पत्थरबाजों पर पूछे गए सवाल पर कहा कि श्रीनगर में पत्थर हैं ही नहीं, उसकी खेप बाहर से भेजी जा रही है। यह सबको पता है कि पत्थर कहां से आ रहे हैं। हर मोर्चे पर सरकार माकूल जवाब दे रही है। सेना का मनोबल बढ़ा है।
इसके अलावा मोदी सरकार की चार साल की उपलब्धियां बताने आए विदेश राज्यमंत्री ने सबसे पहले ख्यात बिरहा गायक हीरालाल यादव से मुलाकात की। सांस्कृतिक संकुल के समीप बिरहा गायक के आवास पहुंचे विदेश राज्यमंत्री ने उनकी कुशलक्षेम पूछी। इस पर बिरहा गायक अत्यंत भावुक हो उठे। उन्होंने लोकगीत सुनाया। विदेश राज्यमंत्री ने उन्हें ‘साफ नीयत सही विकास’ पुस्तिका भेंट की।
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बिरहा गायक के पुत्र रामजीत ने मंत्री से गुहार लगाई कि कई बड़े कलाकारों ने उनके पिता से गायन की कला सीखी है। बावजूद इसके सरकार की ओर से उन्हें उपेक्षित रखा गया है। राज्य सरकार से जो पेंशन मिलती थी वह भी बंद हो गई। पेंशन बहाल कराने और उन्हें पद्म पुरस्कार दिलाने की मांग की।
इसके बाद विदेश राज्यमंत्री वरुणापुल स्थित अभिलाषा कालोनी स्थित डॉ. दयानिधि मिश्र के आवास पहुंचे। यहां साहित्यकारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने काफी कुछ बदलाव लाकर देश की तरक्की का रास्ता अख्तियार किया है। आश्वस्त किया कि देश के एक-एक व्यक्ति की भावनाओं का आदर कर यह सरकार आगे बढ़ रही है।
शाम को विदेश राज्यमंत्री काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष पंडित रामयत्न शुक्ल के शंकुलधारा स्थित आवास पर पहुंचे। यहां से विदेश राज्यमंत्री रमन निवास महमूरगंज पहुंचे। वहां काशी के प्रबुद्धजनों और व्यापारियों से मुलाकात कर पुस्तक भेंट की।
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वहीं पत्रकारों से बातचीत में विदेश राज्यमंत्री ने कश्मीर के पत्थरबाजों पर पूछे गए सवाल पर कहा कि श्रीनगर में पत्थर हैं ही नहीं, उसकी खेप बाहर से भेजी जा रही है। यह सबको पता है कि पत्थर कहां से आ रहे हैं। हर मोर्चे पर सरकार माकूल जवाब दे रही है। सेना का मनोबल बढ़ा है।
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इसके अलावा मोदी सरकार की चार साल की उपलब्धियां बताने आए विदेश राज्यमंत्री ने सबसे पहले ख्यात बिरहा गायक हीरालाल यादव से मुलाकात की। सांस्कृतिक संकुल के समीप बिरहा गायक के आवास पहुंचे विदेश राज्यमंत्री ने उनकी कुशलक्षेम पूछी। इस पर बिरहा गायक अत्यंत भावुक हो उठे। उन्होंने लोकगीत सुनाया। विदेश राज्यमंत्री ने उन्हें ‘साफ नीयत सही विकास’ पुस्तिका भेंट की।
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बिरहा गायक के पुत्र रामजीत ने मंत्री से गुहार लगाई कि कई बड़े कलाकारों ने उनके पिता से गायन की कला सीखी है। बावजूद इसके सरकार की ओर से उन्हें उपेक्षित रखा गया है। राज्य सरकार से जो पेंशन मिलती थी वह भी बंद हो गई। पेंशन बहाल कराने और उन्हें पद्म पुरस्कार दिलाने की मांग की।
इसके बाद विदेश राज्यमंत्री वरुणापुल स्थित अभिलाषा कालोनी स्थित डॉ. दयानिधि मिश्र के आवास पहुंचे। यहां साहित्यकारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने काफी कुछ बदलाव लाकर देश की तरक्की का रास्ता अख्तियार किया है। आश्वस्त किया कि देश के एक-एक व्यक्ति की भावनाओं का आदर कर यह सरकार आगे बढ़ रही है।
शाम को विदेश राज्यमंत्री काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष पंडित रामयत्न शुक्ल के शंकुलधारा स्थित आवास पर पहुंचे। यहां से विदेश राज्यमंत्री रमन निवास महमूरगंज पहुंचे। वहां काशी के प्रबुद्धजनों और व्यापारियों से मुलाकात कर पुस्तक भेंट की।
मारवाड़ी समाज ने देश में ही नहीं विश्व में नाम कमाया
केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह
- फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन का उद्घाटन शाम पांच बजे जनरल वीके सिंह ने किया। उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि जनरल वीके सिंह ने कहा कि मारवाड़ी समाज ने भारत में ही नहीं पूरे विश्व में अपना नाम कमाया है।
मारवाड़ी समाज जहां भी विस्थापित रहे हों, व्यापार के साथ साथ उन्होंने अपनी संस्कृति को बचाए रखा है। भारत में जितने भी बड़े व्यवसायी हैं वो मारवाड़ी ही हैं। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति इनके बिना संभव नहीं है।
कहा जाए तो वो देश की रीढ़ हैं और वो हमेशा से देश के लिए निरंतर सहयोग करते भी आ रहे हैं। चाहे उन्हें सम्मान मिले या ना मिले। समाज युवाओं को अपने साथ लेकर चले। इस अवसर पर ‘समाज विकास’ नामक पुस्तिका को उन्होंने विमोचन किया।
मारवाड़ी समाज जहां भी विस्थापित रहे हों, व्यापार के साथ साथ उन्होंने अपनी संस्कृति को बचाए रखा है। भारत में जितने भी बड़े व्यवसायी हैं वो मारवाड़ी ही हैं। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति इनके बिना संभव नहीं है।
कहा जाए तो वो देश की रीढ़ हैं और वो हमेशा से देश के लिए निरंतर सहयोग करते भी आ रहे हैं। चाहे उन्हें सम्मान मिले या ना मिले। समाज युवाओं को अपने साथ लेकर चले। इस अवसर पर ‘समाज विकास’ नामक पुस्तिका को उन्होंने विमोचन किया।