{"_id":"5f10ae458ebc3e635627fd89","slug":"cbse-board-city-news-vns5362439111","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियमित क्लास और रिवीजन से मिली सफलता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियमित क्लास और रिवीजन से मिली सफलता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक लाने वाले बच्चों ने अमर उजाला से अपनी सफलता की कहानी साझा की है। टॉपर छात्र-छात्राओं के अनुसार नियमित अध्ययन और परीक्षा से पूर्व कोर्स रिवीजन करने से बेहतर परिणाम आए। टॉपरों के अनुसार नियमित यदि 6 से 7 घंटे ईमानदारी से पढ़ाई की जाए तो परिणाम शत प्रतिशत आना तय है। यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जो पढ़ रहे हैं, उसे खुद से विश्लेषण कर उसमें और सुधार करें।
सभी विषयों में बेहतर अंक तभी आएंगे जब आप ईमानदारी से नियमित पढ़ाई करते रहेंगे। हर विषयों का सामान्य अध्ययन करें। जिसमें कमजोर लगे उसे और समय दें। - सृष्टि शर्मा, 98.4 प्रतिशत, सीएचएस गर्ल्स इंटर कॉलेज
सुबह और शाम मिलाकर 6 से 7 घंटे पढ़ाई की। शुरू से ही इस पैटर्न पर चलती आई, इसलिए बाद में कोई परेशानी नहीं हुई। एग्जाम के समय तो रिलेक्स होकर पढ़ाई हुई। - अपूर्वा, 97.6 प्रतिशत, सीएचएस गर्ल्स इंटर कॉलेज
विज्ञापन
स्कूल के बाद घर में भी रोजाना पढ़ाई लगातार जारी रही। कभी भी गैप नहीं गया। छह घंटे नियमित पढ़ाई होती रही। जिस विषय में लगा कि कमजोरी है, उसे दूर किया। - सानिया कुमारी, 97.6 प्रतिशत, सीएचएस गर्ल्स इंटर कॉलेज
स्कूल और घर पर नियमित पढ़ाई के चलते ही सफलता प्राप्त हुई। आपको जिस विषय में लगे कि कमजोर हैं, उसमें और अधिक मेहनत करें। सफलता मिलनी तय है। - श्रेया सिंह, 97.2 प्रतिशत, केंद्रीय विद्यालय, बीएचयू
जितना आपका मन करें उतना ही पढ़ें, लेकिन जितना पढ़ें वो ईमानदारी से पढ़े। सबसे खास बात कि बहुत डर कर पढ़ाई नहीं करनी चाहिए। हर सब्जेक्ट पर एक सामान ध्यान दें। - स्पर्श वर्धन गुप्ता, 95 प्रतिशत, डीपीएस
विज्ञापन
सभी विषयों में बेहतर अंक तभी आएंगे जब आप ईमानदारी से नियमित पढ़ाई करते रहेंगे। हर विषयों का सामान्य अध्ययन करें। जिसमें कमजोर लगे उसे और समय दें। - सृष्टि शर्मा, 98.4 प्रतिशत, सीएचएस गर्ल्स इंटर कॉलेज
विज्ञापन
सुबह और शाम मिलाकर 6 से 7 घंटे पढ़ाई की। शुरू से ही इस पैटर्न पर चलती आई, इसलिए बाद में कोई परेशानी नहीं हुई। एग्जाम के समय तो रिलेक्स होकर पढ़ाई हुई। - अपूर्वा, 97.6 प्रतिशत, सीएचएस गर्ल्स इंटर कॉलेज
विज्ञापन
स्कूल के बाद घर में भी रोजाना पढ़ाई लगातार जारी रही। कभी भी गैप नहीं गया। छह घंटे नियमित पढ़ाई होती रही। जिस विषय में लगा कि कमजोरी है, उसे दूर किया। - सानिया कुमारी, 97.6 प्रतिशत, सीएचएस गर्ल्स इंटर कॉलेज
स्कूल और घर पर नियमित पढ़ाई के चलते ही सफलता प्राप्त हुई। आपको जिस विषय में लगे कि कमजोर हैं, उसमें और अधिक मेहनत करें। सफलता मिलनी तय है। - श्रेया सिंह, 97.2 प्रतिशत, केंद्रीय विद्यालय, बीएचयू
जितना आपका मन करें उतना ही पढ़ें, लेकिन जितना पढ़ें वो ईमानदारी से पढ़े। सबसे खास बात कि बहुत डर कर पढ़ाई नहीं करनी चाहिए। हर सब्जेक्ट पर एक सामान ध्यान दें। - स्पर्श वर्धन गुप्ता, 95 प्रतिशत, डीपीएस